{"_id":"68cdbc6a0f827ed837089638","slug":"stf-reached-pidal-village-to-investigate-the-records-kaithal-news-c-18-1-knl1004-742529-2025-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: रिकॉर्ड खंगालने पीडल गांव पहुंची एसटीएफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: रिकॉर्ड खंगालने पीडल गांव पहुंची एसटीएफ
Sat, 20 Sep 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:56 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 के पास वीरवार रात हुई मुठभेड़ के बाद पकड़े गए शूटरों राहुल और राजीव का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के लिए पुलिस टीम शुक्रवार को उनके गांव पीडल पहुंची। यहां पहुंचकर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उनके नेटवर्क और साथियों का पता लगाने की कोशिश की।
कुरुक्षेत्र के चैतन्य आइलेट्स पर 12 सितंबर को हुई फायरिंग में शामिल दोनों अपराधियों ने जिस बिना नंबर की बाइक को शाहाबाद में गुमटी पुल के पास गन्ने के खेत में छोड़ा था। पुलिस ने बाइक के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर पुलिस उसके मालिक का पता लगा लिया है। पूछताछ में सामने आया कि बाइक का मालिक भी शूटरों का साथी है। उसने कबूल किया कि उसके दोस्त बाइक मांगकर ले गए थे, लेकिन उसे लौटाकर नहीं लाए। यहीं से पुलिस ने दोनों शूटरों को ट्रैक करना शुरू कर दिया था।
चैतन्य आइलेट्स फायरिंग के पीछे रंगदारी का शक
अभी तक आईलेट्स सेंटर पर हुई फायरिंग की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस को शक है कि यह वारदात रंगदारी से जुड़ी हो सकती है।
विज्ञापन
कैथल। कुरुक्षेत्र में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 के पास वीरवार रात हुई मुठभेड़ के बाद पकड़े गए शूटरों राहुल और राजीव का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के लिए पुलिस टीम शुक्रवार को उनके गांव पीडल पहुंची। यहां पहुंचकर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उनके नेटवर्क और साथियों का पता लगाने की कोशिश की।
कुरुक्षेत्र के चैतन्य आइलेट्स पर 12 सितंबर को हुई फायरिंग में शामिल दोनों अपराधियों ने जिस बिना नंबर की बाइक को शाहाबाद में गुमटी पुल के पास गन्ने के खेत में छोड़ा था। पुलिस ने बाइक के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर पुलिस उसके मालिक का पता लगा लिया है। पूछताछ में सामने आया कि बाइक का मालिक भी शूटरों का साथी है। उसने कबूल किया कि उसके दोस्त बाइक मांगकर ले गए थे, लेकिन उसे लौटाकर नहीं लाए। यहीं से पुलिस ने दोनों शूटरों को ट्रैक करना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
चैतन्य आइलेट्स फायरिंग के पीछे रंगदारी का शक
अभी तक आईलेट्स सेंटर पर हुई फायरिंग की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस को शक है कि यह वारदात रंगदारी से जुड़ी हो सकती है।