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साल गुजरा, नर्सरी का इंतजार लंबा
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:45 PM IST
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स्टेडियम जहां प्रैक्टिस करते हैं खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खुराक भत्ते के लिए खिलाड़ियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। स्पैट व स्पीड टेस्ट के बाद आठ साल से चौदह साल तक के बच्चों को 1500 व 18 से 19 साल के बच्चों को दो हजार रुपये की राशि बतौर खुराक भत्ता दी जाती थी। सरकार ने पिछले साल स्पीड व स्पैट योजना को बंद कर नर्सरी देने का ऐलान किया था। जिले में इस योजना के तहत बीस नर्सरी दी जानी थीं। जिसके लिए आवेदन भी जमा हो चुके हैं। अब सत्र बीतने को है। लेकिन खिलाड़ियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्पीड और स्पैट योजना के तहत मिलती थी नकदी
सरकार द्वारा खिलाड़ियों को खुराक भत्ता देने के लिए हर साल स्पैट व स्पीड योजना शुरू की थी। जिसके तहत शारीरिक टेस्ट के बाद खिलाड़ियों का चयन होता था। इस चयन के बाद उन्हें हर माह 1500 व 2000 रुपये आयु ग्रुप के अनुसार दिए जाते थे।
योजना बंद कर किया था नर्सरी खोलने का ऐलान
सरकार ने स्पैट योजना को बंद करके नर्सरी खोलने का ऐलान किया था। इसके तहत जिले में दस लड़कों व दस लड़कियों के लिए खेल नर्सरी खोली जानीं थीं। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिले भर से करीब 47 संस्थाएं नर्सरी चलाने के लिए आवेदन जमा करवा चुकी हैं। खेल के जानकारों के अनुसार सरकार द्वारा हरियाणा दिवस के अवसर पर इन नर्सरियों के ऐलान किए जाने की सूचना थीं। लेकिन आज तक भी नर्सरी का ऐलान नहीं हो पाया है।
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इन खेलों की खोली जानीं थीं नर्सरी
जिले में कबड्डी, खो-खो, वालीबाल, जूडो, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, हॉकी, तैराकी, तीरंदाजी व हैंडबाल खेलों की खेल नर्सरियां शुरू की जानी हैं। प्रत्येक नर्सरी को अलॉटमेंट के बाद 25 खिलाड़ियों के लिए भुगतान किया जाना है। चयनित खिलाड़ियों को आयु ग्रुप के अनुसार 1500 व 2000 रुपये की राशि दी जानी है। साथ ही संबंधित संस्था में सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर एक कोच नियुक्त किया जाना है। साथ ही संबंधित खेल की सामग्री भी दी जाएगी। इस तरह से 500 खिलाड़ियों को मिलने वाली यह सुविधा नर्सरी अलॉट ना होने के कारण नहीं मिल पा रही और खिलाड़ी इस सुविधा से वंचित हैं।
बॉक्सिंग खिलाड़ियों पूजा, विजय, संजय, नरेश कुमार सहित अन्य ने कहा कि सरकार द्वारा शीघ्र बॉक्सिंग की नर्सरी दी जानी चाहिए। ताकि खिलाड़ियों को योजना का लाभ मिल सके। अभी खिलाड़ी अपने स्तर पर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
विभागीय निर्देशानुसार नर्सरी के लिए आए 47 आवेदन मुख्यालय भेज दिए हैं। अब मुख्यालय स्तर पर नर्सरी अलॉट की जानीं हैं। विभाग के निर्देशानुसार प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। नर्सरी में मिलने वाली सुविधाएं नर्सरी शुरू होने के बाद ही दी जा सकेंगी।
जसवंत सिंह, जिला खेल अधिकारी
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स्पीड और स्पैट योजना के तहत मिलती थी नकदी
सरकार द्वारा खिलाड़ियों को खुराक भत्ता देने के लिए हर साल स्पैट व स्पीड योजना शुरू की थी। जिसके तहत शारीरिक टेस्ट के बाद खिलाड़ियों का चयन होता था। इस चयन के बाद उन्हें हर माह 1500 व 2000 रुपये आयु ग्रुप के अनुसार दिए जाते थे।
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योजना बंद कर किया था नर्सरी खोलने का ऐलान
सरकार ने स्पैट योजना को बंद करके नर्सरी खोलने का ऐलान किया था। इसके तहत जिले में दस लड़कों व दस लड़कियों के लिए खेल नर्सरी खोली जानीं थीं। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिले भर से करीब 47 संस्थाएं नर्सरी चलाने के लिए आवेदन जमा करवा चुकी हैं। खेल के जानकारों के अनुसार सरकार द्वारा हरियाणा दिवस के अवसर पर इन नर्सरियों के ऐलान किए जाने की सूचना थीं। लेकिन आज तक भी नर्सरी का ऐलान नहीं हो पाया है।
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इन खेलों की खोली जानीं थीं नर्सरी
जिले में कबड्डी, खो-खो, वालीबाल, जूडो, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, हॉकी, तैराकी, तीरंदाजी व हैंडबाल खेलों की खेल नर्सरियां शुरू की जानी हैं। प्रत्येक नर्सरी को अलॉटमेंट के बाद 25 खिलाड़ियों के लिए भुगतान किया जाना है। चयनित खिलाड़ियों को आयु ग्रुप के अनुसार 1500 व 2000 रुपये की राशि दी जानी है। साथ ही संबंधित संस्था में सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर एक कोच नियुक्त किया जाना है। साथ ही संबंधित खेल की सामग्री भी दी जाएगी। इस तरह से 500 खिलाड़ियों को मिलने वाली यह सुविधा नर्सरी अलॉट ना होने के कारण नहीं मिल पा रही और खिलाड़ी इस सुविधा से वंचित हैं।
बॉक्सिंग खिलाड़ियों पूजा, विजय, संजय, नरेश कुमार सहित अन्य ने कहा कि सरकार द्वारा शीघ्र बॉक्सिंग की नर्सरी दी जानी चाहिए। ताकि खिलाड़ियों को योजना का लाभ मिल सके। अभी खिलाड़ी अपने स्तर पर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
विभागीय निर्देशानुसार नर्सरी के लिए आए 47 आवेदन मुख्यालय भेज दिए हैं। अब मुख्यालय स्तर पर नर्सरी अलॉट की जानीं हैं। विभाग के निर्देशानुसार प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। नर्सरी में मिलने वाली सुविधाएं नर्सरी शुरू होने के बाद ही दी जा सकेंगी।
जसवंत सिंह, जिला खेल अधिकारी