फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Sound more than 85 decibels is alarm bell, ear diseases are increasing among youth.

Kaithal News: 85 डेसिबल से अधिक ध्वनि खतरे की घंटी, युवाओं में बढ़ रही कान की बीमारियां

Mon, 23 Feb 2026 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 23 Feb 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
Sound more than 85 decibels is alarm bell, ear diseases are increasing among youth.
नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़
कैथल।
विज्ञापन

डिजिटल युग में इयरफोन अब युवाओं की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, मोबाइल गेम्स, सोशल मीडिया और म्यूजिक सुनने के लिए छात्र-छात्राएं घंटों तक इयरफोन लगाए रहते हैं। सुविधा के लिए शुरू हुई यह आदत अब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों कान संबंधी शिकायतों के साथ आने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये जानकारी जिला नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राकेश मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में कान संबंधी इस समस्या को लेकर करीब 10 से 15 लोग पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक तेज आवाज में इयरफोन का इस्तेमाल करने से कानों के पर्दों और नसों पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगी हैं । उन्होंने बताया कि 85 डेसिबल से अधिक ध्वनि स्तर कानों की संवेदनशील कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। ये कोशिकाएं एक बार नष्ट हो जाएं तो दोबारा विकसित नहीं होतीं, जिसके कारण स्थायी सुनने की समस्या हो सकती है। डॉक्टर के बताया युवाओं में टिनिटस कानों में सीटी या घंटी बजने जैसी आवाज, चक्कर आना, सिरदर्द और मानसिक तनाव जैसी शिकायतें भी बढ़ रही हैं। इसके अलावा लगातार इयरफोन लगाए रखने से कानों के अंदर नमी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जिससे संक्रमण, दर्द, खुजली और पस बनने जैसी समस्याएं सामने रहीं हैं। इयरफोन कान के मैल के प्राकृतिक प्रवाह को भी रोक देता है, जिससे मैल जमा होकर कान बंद होने का एहसास कराता है।
विज्ञापन

विशेषज्ञों ने युवाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। 60/60 नियम अपनाने की बात कही है, यानी 60 प्रतिशत से कम वॉल्यूम पर और लगातार 60 मिनट से ज्यादा म्यूजिक न सुनें। बीच-बीच में ब्रेक लें और इयरफोन किसी के साथ साझा न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
---------केस 1
अस्पताल में जांच कराने आए जानकपुरी कालोनी निवासी अमित ने बताया कि ऑनलाइन क्लास के कारण रोजाना कई घंटे इयरफोन लगाना पड़ता है, जिससे अब कान में दर्द रहने लगा है। जिसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास आया हैं ।

----------केस 2
मटौर निवासी आकाश ने बताया कि लाइब्रेरी में पढ़ाई करने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करता हैं, तीन से चार घंटे इयरफोन लगाना पड़ता हैं, जिससें कानों में झनझनाहट होने लगती हैं, सुनना बंद हो जाता है, इसलिए वह जांच के लिए अस्पताल पहुंचा।

नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़

नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed