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Kaithal News: सीवरेज पाइपलाइन खुदाई के बाद जमीन में धंसी मिट्टी
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01 ढांड 01 सड़क किनारे सीवरेज लाइन के पास बना गहरा गड्ढा 02 सीवरेज लाइन के धंसे हिस्से में फं
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ढांड। ढांड में सीवरेज पाइपलाइन निर्माण कार्य के बाद मुख्य सड़कों के किनारे डाली गई मिट्टी के धंसने से कई स्थानों पर कई फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। कस्बे के सबसे व्यस्त मार्ग कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर बस स्टैंड से पंचमुखी चौक तक सड़क किनारे जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर माल से भरे एक ट्रक का पहिया अचानक सड़क किनारे बने गड्ढे में धंस गया। हालांकि चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा बचा लेकिन इस घटना ने सड़क की खस्ताहाल स्थिति और निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को उजागर कर दिया।
बारिश के बाद बैठने लगी मिट्टी, उभर आए गहरे गड्ढे
जानकारी के अनुसार कस्बे में पिछले कुछ समय से सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। पाइपलाइन दबाने के बाद खुदाई वाले हिस्सों को मिट्टी से भरकर समतल कर दिया गया था लेकिन मिट्टी को पर्याप्त रूप से दबाकर मजबूत नहीं किया गया। हाल ही में हुई बारिश के कारण मिट्टी बैठ गई और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ जगहों पर गड्ढों की गहराई इतनी अधिक है कि किसी भी वाहन का पहिया फंस सकता है या संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना हो सकती है। सड़क के किनारे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। बारिश हुए दो दिन से अधिक समय बीत चुका है लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो गड्ढों को भरने का कार्य किया गया है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या बैरिकेड लगाए गए हैं।
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लोगों ने खुद लगाए चेतावनी संकेत
विभागीय उदासीनता के बीच स्थानीय लोगों को स्वयं सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ग्रामीणों और दुकानदारों ने गड्ढों के पास लकड़ी के डंडे, पेड़ों की टहनियां और अन्य सांकेतिक चिह्न लगाकर वाहन चालकों को सतर्क करने का प्रयास किया है। लोगों का कहना है कि यह जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की है लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन खुद यह कदम करना पड़ा। क्षेत्रवासियों ने सीवरेज परियोजना के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि खुदाई के बाद मिट्टी को तकनीकी मानकों के अनुसार दबाया जाता और समय-समय पर निगरानी रखी जाती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि सीवरेज पाइपलाइन की खुदाई वाले जिन स्थानों पर मिट्टी धंस गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं, वहां तुरंत मरम्मत कार्य कराकर गड्ढों को भरवाया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर माल से भरे एक ट्रक का पहिया अचानक सड़क किनारे बने गड्ढे में धंस गया। हालांकि चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा बचा लेकिन इस घटना ने सड़क की खस्ताहाल स्थिति और निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को उजागर कर दिया।
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बारिश के बाद बैठने लगी मिट्टी, उभर आए गहरे गड्ढे
जानकारी के अनुसार कस्बे में पिछले कुछ समय से सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। पाइपलाइन दबाने के बाद खुदाई वाले हिस्सों को मिट्टी से भरकर समतल कर दिया गया था लेकिन मिट्टी को पर्याप्त रूप से दबाकर मजबूत नहीं किया गया। हाल ही में हुई बारिश के कारण मिट्टी बैठ गई और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ जगहों पर गड्ढों की गहराई इतनी अधिक है कि किसी भी वाहन का पहिया फंस सकता है या संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना हो सकती है। सड़क के किनारे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। बारिश हुए दो दिन से अधिक समय बीत चुका है लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो गड्ढों को भरने का कार्य किया गया है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या बैरिकेड लगाए गए हैं।
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लोगों ने खुद लगाए चेतावनी संकेत
विभागीय उदासीनता के बीच स्थानीय लोगों को स्वयं सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ग्रामीणों और दुकानदारों ने गड्ढों के पास लकड़ी के डंडे, पेड़ों की टहनियां और अन्य सांकेतिक चिह्न लगाकर वाहन चालकों को सतर्क करने का प्रयास किया है। लोगों का कहना है कि यह जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की है लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन खुद यह कदम करना पड़ा। क्षेत्रवासियों ने सीवरेज परियोजना के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि खुदाई के बाद मिट्टी को तकनीकी मानकों के अनुसार दबाया जाता और समय-समय पर निगरानी रखी जाती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि सीवरेज पाइपलाइन की खुदाई वाले जिन स्थानों पर मिट्टी धंस गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं, वहां तुरंत मरम्मत कार्य कराकर गड्ढों को भरवाया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

01 ढांड 01 सड़क किनारे सीवरेज लाइन के पास बना गहरा गड्ढा 02 सीवरेज लाइन के धंसे हिस्से में फं