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साढ़े छह घंटे थमे रहे रोडवेज के चक्के

Sun, 23 Aug 2015 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल Updated Sun, 23 Aug 2015 12:04 AM IST
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आरटीए कार्यालय की ओर से शुक्रवार को निजी बस संचालकों को टाइमटेबल जारी करने के विरोध में  रोडवेज बस चालकों ने कैथल डिपो की रोडवेज बसों के चक्के जाम कर दिए।
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रोडवेजकर्मियों के ऐलान के बाद सुबह 11 बजे 155 से अधिक रोडवेज बसें अपने स्थान पर थम गई। बाद में एडीसी कार्यालय में हुई बैठक के बाद रोडवेजकर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। अब रविवार को रोडवेज व निजी बसों का एक साथ परमिट जारी होगा।
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रोडवेजकर्मियों की ओर से चक्काजाम की घोषणा के बाद बसों में बैठी सवारियों को बसों से नीचे उतार दिया। इसके बाद रोडवेजकर्मियों ने वर्कशॉप में एकत्रित होकर रोष जताया।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आरटीए कार्यालय ने चीका, जींद, नरवाना, असंध के रूटों पर सरकारी बसों के टाइम टेबल पर निजी बसों को टाइम टेबल दे दिया है।

जबकि पहले सरकारी बसों के टाइम टेबल दिया जाना चाहिए था। कर्मचारी नेता श्याम लाल कल्याण ने बताया कि 20 सूत्री मांग पत्र जीएम को सौंपा गया गया था।


जिसमें से जीएम ने कर्मचारियों 17 मांगों को मान लिया था। डीसी ने भी आश्वासन दिया था कि पंजाब से आने वाली बसों पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई ही नहीं हुई। इस अवसर पर रोडवेज कर्मचारी नेता पहल सिंह, जसबीर सिंह, सुखबीर सिंह, रामफल, जसबीर सिंह, लखपत सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद थे।

खड़ी कर दी बसें
चक्काजाम की घोषणा के साथ बस स्टैंड पर आने वाली कैथल डिपो की सारी बसें वहीं थम गई। चालकों ने सवारियों को वहीं रोक दिया। इसके बाद रोडवजकर्मियों ेन बस स्टैंड के गेट पर पहुंचकर नारेबाजी की। यात्री विजय, विकास, सुनील कुमार व जुगल किशोर ने बताया कि उन सभी को आज जरूरी काम से हिसार जाना था। जैसे वह ऑटो से उतरे तो पता चला कि रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया है।


बिना सूचना के चक्का जाम होने कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि बस न चलने के कारण स्कूल व कॉलेजों के विद्यार्थी इधर-उधर भटकते रहे।

करीब 10 लाख रुपये का नुकसान
कैथल रोडवेज की करीब 155 बसें विभिन्न रूटों पर जाती हैं। इनसे प्रतिदिन प्रतिदिन 12 लाख रुपये के करीब आय होती है। 11 बजे बसों के चक्का जाम होने के कारण रोडवेज को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।


शाम पांच बजे बनी सहमति
रोडवेजकर्मियों के विरोध के बाद एडीसी कार्यालय में एडीसी जितेंद्र कुमार, एसडीएम आरके सिंह, टीएम कमलजीत सिंह के साथ हुई कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल की दो बार बातचीत हुई। कर्मचारियों की ओर से पहल सिंह, जसबीर सिंह, श्याम कल्याण सहित पांच कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल बातचीत में शामिल था।


श्याम सिंह कल्याण ने बताया कि कैथल-चीका, कैथल से नरवाना, कैथल-असंध रूटों के लिए सरकारी बसों के बिना जारी किए गए प्राइवेट बसों का टाइमटेबल रद हो गया है। रविवार सुबह दस बजे रोडवेज कर्मचारियों व निजी बस संचालकों के साथ अधिकारियों की टाइमटेबल के लिए बैठक होगी। जिसमें संयुक्त टाइमटेबल जारी किया जाएगा। साथ ही 4 साल से पंजाब की अवैध रूप से जिले में आ रही बसों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने पर अधिकारी सहमत हो गए। इसके बाद चक्का जाम खोल दिया गया।

रास्ता निकाला जाएगा
रोडवेज कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में सहमति बन गई है। चक्का जाम खोल दिया गया है। सभी पक्षों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
केएम पांडुरंग, उपायुक्त, कैथल 
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