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Kaithal News: भवानी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
Tue, 24 Jun 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 24 Jun 2025 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। भवानी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन का शुभारंभ प्रमुख समाजसेवी सीए कौशल अग्रवाल ने सपरिवार ज्योति प्रज्वलित कर किया। मुख्य यजमान धर्मपाल शर्मा ने धर्मपत्नी निर्मल शर्मा व परिवार सहित आरती में भाग लिया और विधिवत पूजा-अर्चना की।
कथा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि ईश्वर सर्वज्ञ हैं जबकि बुद्धि सीमित है, इसलिए मन दो विरोधाभासी स्थितियों में रहता है- भय और माया में ग्रसित होकर। मन ही मोह का बंधन है, जिससे मुक्ति केवल गोविंद के चरणों में मन को समर्पित करने से संभव है। यही उपदेश श्रीकृष्ण ने उत्तरा को उस समय दिया जब उसने ब्रह्मास्त्र को अपनी ओर आते देखा और गर्भ की रक्षा के लिए भगवान को पुकारा। भगवान ने तत्क्षण उसकी पुकार सुनकर गर्भस्थ जीवन की रक्षा की।
कथा में बताया गया कि जब जीव अपने समस्त सुख-दुख भगवान को समर्पित कर देता है, तो ईश्वर स्वयं उसकी रक्षा करते हैं। कथा में भक्तों की गहन श्रद्धा को देखते हुए वीरेंद्र एवं जीएस स्टूडियो द्वारा निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है। कथा के बाद प्रसाद वितरण की सेवा मंदिर समिति कर रही है।
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गुहला-चीका। भवानी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन का शुभारंभ प्रमुख समाजसेवी सीए कौशल अग्रवाल ने सपरिवार ज्योति प्रज्वलित कर किया। मुख्य यजमान धर्मपाल शर्मा ने धर्मपत्नी निर्मल शर्मा व परिवार सहित आरती में भाग लिया और विधिवत पूजा-अर्चना की।
कथा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि ईश्वर सर्वज्ञ हैं जबकि बुद्धि सीमित है, इसलिए मन दो विरोधाभासी स्थितियों में रहता है- भय और माया में ग्रसित होकर। मन ही मोह का बंधन है, जिससे मुक्ति केवल गोविंद के चरणों में मन को समर्पित करने से संभव है। यही उपदेश श्रीकृष्ण ने उत्तरा को उस समय दिया जब उसने ब्रह्मास्त्र को अपनी ओर आते देखा और गर्भ की रक्षा के लिए भगवान को पुकारा। भगवान ने तत्क्षण उसकी पुकार सुनकर गर्भस्थ जीवन की रक्षा की।
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कथा में बताया गया कि जब जीव अपने समस्त सुख-दुख भगवान को समर्पित कर देता है, तो ईश्वर स्वयं उसकी रक्षा करते हैं। कथा में भक्तों की गहन श्रद्धा को देखते हुए वीरेंद्र एवं जीएस स्टूडियो द्वारा निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है। कथा के बाद प्रसाद वितरण की सेवा मंदिर समिति कर रही है।
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