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Kaithal News: सीवन में नहीं बन सकी सीवरेज व्यवस्था
Sun, 08 Sep 2024 04:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:16 AM IST
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अमित तनेजा
सीवन। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद अब क्षेत्र में माहौल गर्म है। सभी लोग चुनाव को लेकर अपने अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर कई कयास लगा रहे हैं। वहीं, गुहला के सबसे बड़े गांव सीवन में पिछले पांच साल में सीवरेज की व्यवस्था नहीं मिल सकी है।
गौरतलब है कि गुहला का सबसे बड़ा गांव सीवन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगाता है, लेकिन गुहार कोई नहीं सुनता। हलका का सबसे बड़ा गांव सीवन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विधायकों, सांसदों, मंत्रियों से गुहार लगाता रहा है। कई मांगे ऐसी हैं जो आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं। सीवन की जनता अभी यह मंथन कर रही है कि पिछले कार्यकाल में सीवन को क्या मिला और क्या जनप्रतिनिधि से मांगते रह गए। संवाद
कई तकनीकी काम अधूरे
कहने को तो सीवन में सीवरेज का काम कई वर्ष पहले पूरा हो गया था। वह केवल नगर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य था, जो पूरा कर लिया गया है। परंतु बाकी काम जिसमें मेन पंपिंग स्टेशन का निर्माण और कई तकनीकी कार्य अभी अधूरे थे। -भीषू चौधरी, समाजसेवी।
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लोगों ने स्वयं करवाई मरम्मत
सीवरेज के पाइप लाइन दबाने के लिए गलियों को उखाड़ा गया पर निर्माण नहीं करवाया। कई गलियों की मरम्मत स्वयं नगर निवासियों ने करवाई और घरों को जाने वाले रास्ते को ठीक किया। करीब छह माह से पालिका की ओर से कुछ गलियों की मरम्मत हो रही है। -राजेश रहेजा, ग्रामीण।
सीवन में काॅलेज की मांग
सीवन में कन्या कालेज बनाए जाने की मांग पुरानी है। पिछली सरकार के कार्यकाल में कॉलेज बनाया जाना था तो उसे लदाना चक्कू में बनाने की घोषणा कर दी गई और सीवन खाली हाथ रहा गया। कन्या कालेज न होने से लड़कियों को दिक्कत है। -जरनैल सिंह, समाजसेवी।
पालिका का दर्जा भंग हो
सीवन में नगरपालिका बनने के बाद से ही इसका विरोध होना आरंभ हो गया था। सीवन की अधिकतर जनता नहीं चाहती कि सीवन में नगरपालिका बने। जनता एक बार फिर से पंचायती राज को स्थापित करवाना चाहती है। मनरेगा समाप्त होने पर मजदूरी का संकट हो गया है। -महावीर मंगला।
मुख्य मार्ग का काम अटका
कैथल से पटियाला का मुख्यमार्ग फोरलेन बनना था परंतु वह भी काम अटक गया है और इसका भी कार्य आरंभ नहीं हो पाया है। राजनैतिक खींचतान के चलते और निर्माण कार्य आरंभ करवाने का श्रेय लेने के चलते इस काम पर भी रोक लगाई गई है। -राज कुमार वधवा।
बस अड्डा बनाने की मांग
सीवन में बस अड्डा बनाए जाने की मांग बहुत पुरानी है। गुहला विधायक ने घोषणा की थी कि बस अड्डा बनेगा और जल्द ही इसका निर्माण आरंभ होगा। वह केवल दावे ही रहे और एक ओर सरकार का कार्यकाल निकलने के बाद भी सीवन में बस अड्डा नहीं बन पाया। -सुरेंद्र सरदाना।
अपने कार्यकाल के दौरान सीवन नगर में कई विकास कार्य करवाएं हैं। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करवाया। इसके भवन के निर्माण को मंजूरी दिलवाई। इसके साथ ही गांवों के कई सड़कों का निर्माण करवाया गया है। गुहला को सब डिविजन का दर्जा दिलवाया। कैथल-पटियाला रोड बाईपास बनने के बाद जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
- ईश्वर सिंह, विधायक गुहला
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सीवन। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद अब क्षेत्र में माहौल गर्म है। सभी लोग चुनाव को लेकर अपने अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर कई कयास लगा रहे हैं। वहीं, गुहला के सबसे बड़े गांव सीवन में पिछले पांच साल में सीवरेज की व्यवस्था नहीं मिल सकी है।
गौरतलब है कि गुहला का सबसे बड़ा गांव सीवन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगाता है, लेकिन गुहार कोई नहीं सुनता। हलका का सबसे बड़ा गांव सीवन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विधायकों, सांसदों, मंत्रियों से गुहार लगाता रहा है। कई मांगे ऐसी हैं जो आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं। सीवन की जनता अभी यह मंथन कर रही है कि पिछले कार्यकाल में सीवन को क्या मिला और क्या जनप्रतिनिधि से मांगते रह गए। संवाद
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कई तकनीकी काम अधूरे
कहने को तो सीवन में सीवरेज का काम कई वर्ष पहले पूरा हो गया था। वह केवल नगर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य था, जो पूरा कर लिया गया है। परंतु बाकी काम जिसमें मेन पंपिंग स्टेशन का निर्माण और कई तकनीकी कार्य अभी अधूरे थे। -भीषू चौधरी, समाजसेवी।
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लोगों ने स्वयं करवाई मरम्मत
सीवरेज के पाइप लाइन दबाने के लिए गलियों को उखाड़ा गया पर निर्माण नहीं करवाया। कई गलियों की मरम्मत स्वयं नगर निवासियों ने करवाई और घरों को जाने वाले रास्ते को ठीक किया। करीब छह माह से पालिका की ओर से कुछ गलियों की मरम्मत हो रही है। -राजेश रहेजा, ग्रामीण।
सीवन में काॅलेज की मांग
सीवन में कन्या कालेज बनाए जाने की मांग पुरानी है। पिछली सरकार के कार्यकाल में कॉलेज बनाया जाना था तो उसे लदाना चक्कू में बनाने की घोषणा कर दी गई और सीवन खाली हाथ रहा गया। कन्या कालेज न होने से लड़कियों को दिक्कत है। -जरनैल सिंह, समाजसेवी।
पालिका का दर्जा भंग हो
सीवन में नगरपालिका बनने के बाद से ही इसका विरोध होना आरंभ हो गया था। सीवन की अधिकतर जनता नहीं चाहती कि सीवन में नगरपालिका बने। जनता एक बार फिर से पंचायती राज को स्थापित करवाना चाहती है। मनरेगा समाप्त होने पर मजदूरी का संकट हो गया है। -महावीर मंगला।
मुख्य मार्ग का काम अटका
कैथल से पटियाला का मुख्यमार्ग फोरलेन बनना था परंतु वह भी काम अटक गया है और इसका भी कार्य आरंभ नहीं हो पाया है। राजनैतिक खींचतान के चलते और निर्माण कार्य आरंभ करवाने का श्रेय लेने के चलते इस काम पर भी रोक लगाई गई है। -राज कुमार वधवा।
बस अड्डा बनाने की मांग
सीवन में बस अड्डा बनाए जाने की मांग बहुत पुरानी है। गुहला विधायक ने घोषणा की थी कि बस अड्डा बनेगा और जल्द ही इसका निर्माण आरंभ होगा। वह केवल दावे ही रहे और एक ओर सरकार का कार्यकाल निकलने के बाद भी सीवन में बस अड्डा नहीं बन पाया। -सुरेंद्र सरदाना।
अपने कार्यकाल के दौरान सीवन नगर में कई विकास कार्य करवाएं हैं। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करवाया। इसके भवन के निर्माण को मंजूरी दिलवाई। इसके साथ ही गांवों के कई सड़कों का निर्माण करवाया गया है। गुहला को सब डिविजन का दर्जा दिलवाया। कैथल-पटियाला रोड बाईपास बनने के बाद जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
- ईश्वर सिंह, विधायक गुहला