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बंद पड़े गंदे पानी की निकासी के नाले, लोगों में रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2020 12:30 AM IST
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severage problem
गांव चंदलाना में गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बने हुए है। नालों में गंदगी इस कदर अटी हुई है कि मानों बनाए जाने के बाद आज तक किसी ने उनकी सफाई करने की जहमत ही न उठाई हो। इसके विरोध में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीण लखबीर सिंह, कश्मीर सिंह, प्यारा सिंह, गगनदीप सिंह, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, कुलबीर सिंह, रमेश कुमार, मेहरचंद, मिलख राज, पृथ्वी, पुरुषोत्तम दास, मनदीप सिंह, गुरविंद्र सिंह, देव कंबोज, अशोक कुमार व इंद्रजीत सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में दो सफाई कर्मचारी नियुक्त किए हुए हैं, लेकिन दोनों न तो कभी गलियों की सफाई करते है और न नालों की। इससे गलियां एवं नाले गंदगी से अटे पड़े है। नालों का गंदा पानी घरों में घुस रहा है। गांव में महामारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच से लेकर बीडीपीओ तक नालों की सफाई के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का आज तक हल नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव की गलियों एवं नालों की सफाई करवाकर उन्हें गंदगी से निजात दिलाई अन्यथा उन्हें कोई कठोर कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि करनाल-पटियाला हाईवे पर शमशान घाट वाले तालाब तक नाले का निर्माण कार्य करवाया गया था। इसके लिए पूर्व विधायक द्वारा नाले के निर्माण हेतु बाकायदा ग्रांट जारी की गई थी, लेकिन नाले वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक उस नाले का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है। इससे सड़क के साथ लगते घरों का गंदा पानी सड़क व घरों में ही बह रहा है।
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सरपंच प्रतिनिधि अमित कुमार ने बताया कि नाले का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे गंदा पानी निकासी मेें रुकावट आ रही है। पहले भी नाले की सफाई करवाई जा चुकी है। दोबारा फिर नाले की सफाई करवा दी जाएगी। बीडीपीओ ढांड सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कर्मचारी सफाई क्यों नहीं कर रहे है। मौके पर ग्राम सचिव को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। उसके बाद सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर पंचायत चाहे तो उनके खिलाफ प्रस्ताव डालकर बीडीपीओ कार्यालय में दे उसके बाद नए कर्मचारी नियुक्त कर दिए जाएंगे। नाले का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है उसकी जिम्मेदारी निर्माण विभाग के जेई की बनती है। फिर भी उसकी जांच की जाएगी।
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