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Kaithal News: सात गांव वालों को मिलेगा सिरसा ब्रांच नहर से पानी
Thu, 03 Apr 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत शहर व ग्रामीण अंचल के सात गांवों के लोगों को जल्द सिरसा ब्रांच नहर के माध्यम से भाखड़ा पानी नसीब होगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने नहरी जल उठान परियोजना के कार्य को पूरा करने के लिए 31 जुलाई 2025 की डेड लाइन तय की गई है।
इस प्रकार जल्द ही वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का बड़ा अध्याय समाप्त होने की आस है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर कुुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के सांसद और कमलेश ढांडा ने अपने राज्य मंत्री कार्यकाल में एक सितंबर 2023 को जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी मंडल 2 कैथल के जरियेे इस परियोजना का शिलान्यास किया था। तभी से क्षेत्र के लोगों को योजना कार्य के पूर्ण होने की बेसब्री से इंतजार रही है।
कलायत उप मंडल के जिन गांवों के जल घरों में भाखड़ा का पानी पहुंचा है उसमेंं गांव शिमला, पिंजुपुरा, खेड़ी लांबा, ढूंढवा, कौलेखां, खरक पांडवा व रामगढ़ पांडवा गांव शामिल है। सिरसा ब्रांच नहर वर्ष 1860 में अंग्रेजोंं द्वारा लकड़ी के व्यापारी के लिए खोदी गई थी। बाद मेंं इसका उपयोग खेतों की सिंचाई, पेयजल के लिए किया जाना लगा।
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कलायत के कांग्रेस विधायक विकास सहारण ने बताया कि उन्होंने सिरसा ब्रांच नहर में भाखड़ा पानी लाने का मुद्दा हरियाणा विधानसभा सत्र में उठाया था। इस पर सरकार ने 31 जुलाई तक इस काम को पूर्ण करनेे का विश्वास दिलाया है।
विधायक ने कहा कि परियोजना कार्य में प्रगति लाने के साथ-साथ विस्तार की मांग उन्होंने उठाई है। ताकि उन गांवों को भी इसमेंं जोड़ा जाए जिनमेंं पेयजल संकट कहीं ज्यादा गंभीर है। उधर, सिंचाई विभाग उप मंडल अभियंता अखिल कौशिक ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग के टैंकोंं को फिलहाल सिरसा ब्रांच नहर के माध्यम से पानी दिया जाता है। नहर मेंं अलग से जल घरों के लिए भाखड़ा का पानी आने सेे पेयजल संकट समाप्त होगा। इस योजना को लेकर कार्य जारी है।
n कलायत उप मंडल जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ इंद्राज पंवार ने बताया कि शहर में नहरी पेयजल योजना के चार भंडारण टैंक हैं। इनको समुचित रूप से भरने के लिए कम से कम नहर में 10 दिन का समय लगता है लेकिन नहर में एक सप्ताह सेे भी कम समय के लिए पानी आता है। इसलिए प्रदेश सरकार ने नहर में भाखड़ा का पानी लाने के लिए परियोजना बनाई थी।
n
इसके तहत ढाकल हैड से संपवैल और पंप चैंबर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जबकि संबंधित जल घरों में पानी पहुंचाने के लिए 36 किलोमीटर पेयजल लाइन में से 33 किलोमीटर परिधि में कार्य पूर्ण हो चुका है।
n कलायत नगर पालिका प्रधान अंकित जैलदार ने कहा कि शहर व ग्रामीण अंचल में पेयजल समस्या का अध्याय पुराना है। पेयजल समस्या से कलायत का नाता टूटने की घड़ी नजदीक है। यह योजना क्षेत्र में पेयजल समस्या निवारण में बड़ा कदम साबित होगी।
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कलायत। कलायत शहर व ग्रामीण अंचल के सात गांवों के लोगों को जल्द सिरसा ब्रांच नहर के माध्यम से भाखड़ा पानी नसीब होगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने नहरी जल उठान परियोजना के कार्य को पूरा करने के लिए 31 जुलाई 2025 की डेड लाइन तय की गई है।
इस प्रकार जल्द ही वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का बड़ा अध्याय समाप्त होने की आस है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर कुुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के सांसद और कमलेश ढांडा ने अपने राज्य मंत्री कार्यकाल में एक सितंबर 2023 को जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी मंडल 2 कैथल के जरियेे इस परियोजना का शिलान्यास किया था। तभी से क्षेत्र के लोगों को योजना कार्य के पूर्ण होने की बेसब्री से इंतजार रही है।
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कलायत उप मंडल के जिन गांवों के जल घरों में भाखड़ा का पानी पहुंचा है उसमेंं गांव शिमला, पिंजुपुरा, खेड़ी लांबा, ढूंढवा, कौलेखां, खरक पांडवा व रामगढ़ पांडवा गांव शामिल है। सिरसा ब्रांच नहर वर्ष 1860 में अंग्रेजोंं द्वारा लकड़ी के व्यापारी के लिए खोदी गई थी। बाद मेंं इसका उपयोग खेतों की सिंचाई, पेयजल के लिए किया जाना लगा।
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कलायत के कांग्रेस विधायक विकास सहारण ने बताया कि उन्होंने सिरसा ब्रांच नहर में भाखड़ा पानी लाने का मुद्दा हरियाणा विधानसभा सत्र में उठाया था। इस पर सरकार ने 31 जुलाई तक इस काम को पूर्ण करनेे का विश्वास दिलाया है।
विधायक ने कहा कि परियोजना कार्य में प्रगति लाने के साथ-साथ विस्तार की मांग उन्होंने उठाई है। ताकि उन गांवों को भी इसमेंं जोड़ा जाए जिनमेंं पेयजल संकट कहीं ज्यादा गंभीर है। उधर, सिंचाई विभाग उप मंडल अभियंता अखिल कौशिक ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग के टैंकोंं को फिलहाल सिरसा ब्रांच नहर के माध्यम से पानी दिया जाता है। नहर मेंं अलग से जल घरों के लिए भाखड़ा का पानी आने सेे पेयजल संकट समाप्त होगा। इस योजना को लेकर कार्य जारी है।
n कलायत उप मंडल जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ इंद्राज पंवार ने बताया कि शहर में नहरी पेयजल योजना के चार भंडारण टैंक हैं। इनको समुचित रूप से भरने के लिए कम से कम नहर में 10 दिन का समय लगता है लेकिन नहर में एक सप्ताह सेे भी कम समय के लिए पानी आता है। इसलिए प्रदेश सरकार ने नहर में भाखड़ा का पानी लाने के लिए परियोजना बनाई थी।
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इसके तहत ढाकल हैड से संपवैल और पंप चैंबर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जबकि संबंधित जल घरों में पानी पहुंचाने के लिए 36 किलोमीटर पेयजल लाइन में से 33 किलोमीटर परिधि में कार्य पूर्ण हो चुका है।
n कलायत नगर पालिका प्रधान अंकित जैलदार ने कहा कि शहर व ग्रामीण अंचल में पेयजल समस्या का अध्याय पुराना है। पेयजल समस्या से कलायत का नाता टूटने की घड़ी नजदीक है। यह योजना क्षेत्र में पेयजल समस्या निवारण में बड़ा कदम साबित होगी।