फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Seven percent of HIV patients are increasing every year, medicines are available for free.

Kaithal News: हर वर्ष बढ़ रहे सात फीसदी एचआईबी मरीज, मुफ्त में मिल रही दवाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 02:51 AM IST
विज्ञापन
Seven percent of HIV patients are increasing every year, medicines are available for free.
एचआईवी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को लगातार किया जा रहा जागरुक
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में हर साल करीब सात फीसदी एचआईवी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जहां वर्ष 2023 में 2800 मरीज सामने आए थे, वहीं वर्ष 2024 में 2977 मरीज थे, जो इस साल बढ़कर 3280 के पार पहुुंच गए हैं। इनमें से 2499 मरीजों की अस्पताल से दवाई चल रही है। 18 साल से कम आयु के 100 मरीज हैं। यह बीमारी बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। वहीं, वर्ष 2017 से लेकर अब तक 332 मरीजों की एचआईवी से मौत हो चुकी है। जिले के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर चलाया जा रहा है। इसमें एचआईवी मरीजों को दवा दी जाती है।

वहीं, विभाग की तरफ से मरीजों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है। विभाग के अनुसार जिले में कैथल, गुहला, कलायत व पूंडरी में भी आईसीटी सेंटर बनाया गया है। पूंडरी क्षेत्र में एचआईवी के केस ज्यादा हैं, यहां नशे का प्रभाव ज्यादा है। नशा के आदी लोग इंजेक्शन लगाने के लिए एक सुई का बार-बार प्रयोग करते हैं, जो बीमारी का शिकार बन रहे हैं। लापरवाही के चलते ही एचआईवी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन

संक्रमित मरीज से दूसरे व्यक्ति के इसकी चपेट में आना, लगातार नशे के सीरिंज का प्रयोग करने के साथ-साथ माता से शिशु के बीच संक्रमण फैलना है। मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग करता है। जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच हो रही है। पुष्टि होने के बाद नागरिक अस्पताल में खोले गए एआरटी सेंटर में मरीजों की काउंसलिंग कर दवाई दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



एचआईवी के लक्षण-

- तेजी से वजन कम होना।

- थकान महसूस होना।

- मुंह में छाले पड़ना।
- लगातार बुखार होना।

- रात को ज्यादा पसीना आना।

- त्वचा का रंग बदलना।


वर्जन

एचआईवी एड्स से बचाव के लिए अलग से केंद्र बनाया गया है। यहां पहुंचकर कोई भी व्यक्ति इलाज करवा सकता है। इससे बचाव के लिए विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। वहीं मरीजों को नि:शुल्क दवाई दी जाती है। इस बीमारी के पीड़ित को 2250 रुपये की राशि भी आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है। जिले में मरीजों की संख्या तीन हजार के पार पहुंच गई है। इनमें 18 की आयु के युवा भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

- डॉ. रेनू चावला, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed