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Kaithal News: आस्ट्रेलिया का झांसा देकर बैंकाक मलेशिया भेजा, 32.30 लाख हड़पे
Thu, 22 Jan 2026 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 22 Jan 2026 02:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विदेश भेजने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दो युवाओं को आस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर बैंकाक और मलेशिया भेज दिया, जहां उन्हें भूखा रखा गया और उनकी पिटाई कर प्रताड़ित भी किया गया। इसके बाद दोनों युवाओं को भारत वापस भेज दिया गया। इस पूरे खेल में आरोपियों ने परिजनों से 32.30 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वार्ड नंबर-7, नजदीक अग्रवाल धर्मशाला, सेठांवाला मोहल्ला पूंडरी निवासी गुरदयाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा विक्रम आस्ट्रेलिया जाना चाहता था। उसके साथ उसका दोस्त हर्ष भी विदेश जाना चाहता था। मार्च 2025 में उसके मामा रेशम सिंह और उनके जानकार खजान सिंह के माध्यम से उसकी मुलाकात संदीप और सुरेंद्र से हुई, जो खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला बताते थे।
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने आश्वासन दिया कि वे दो माह में दोनों युवाओं का आस्ट्रेलिया का वीजा लगवा देंगे। इसके बदले उन्होंने 45 लाख रुपये की मांग की, लेकिन यह तय हुआ कि पूरी राशि वीजा लगने के बाद दी जाएगी। आरोपियों ने मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में नीम साहब गुरुद्वारा के पास विक्रम और हर्ष के असल पासपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रतियां सहित अन्य दस्तावेज ले लिए।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि 12 जून 2025 को आरोपी उसके घर पूंडरी आए और दोनों युवाओं को दिल्ली ले गए, जहां उन्हें पहाड़गंज स्थित सत्या होटल में ठहराया गया। वहां आरोपियों ने 18 लाख रुपये की मांग की। विरोध करने पर कहा गया कि यह रकम आस्ट्रेलियन करेंसी में बदलकर वापस दे दी जाएगी, जो बच्चों के काम आएगी। इसके बाद 10 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।
14 जून को विक्रम और हर्ष को दिल्ली से चेन्नई और फिर चेन्नई से बैंकाक भेज दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने फिर पैसों की मांग की और अलग-अलग चरणों में 8 लाख रुपये, 4.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से तथा बाद में 10 लाख रुपये नकद ले लिए। 3 अगस्त को दोनों युवाओं को मलेशिया भेजा गया और 7 अगस्त 2025 को उन्हें वहां से भारत वापस भेज दिया गया।
रुपये की मांग करने पर दी जान की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि बैंकाक और मलेशिया में दोनों युवाओं को भूखा-प्यासा रखा गया और उनके साथ मारपीट कर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जब परिजनों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी लगातार माह-दर-माह आश्वासन देते रहे। इस दौरान कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन कोई रकम वापस नहीं की गई।
आरोप है कि आरोपी संदीप ने एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। रुपये की मांग करने पर आरोपी जान से मारने की धमकियां देने लगे और कहने लगे कि प्रशासन भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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कैथल। विदेश भेजने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दो युवाओं को आस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर बैंकाक और मलेशिया भेज दिया, जहां उन्हें भूखा रखा गया और उनकी पिटाई कर प्रताड़ित भी किया गया। इसके बाद दोनों युवाओं को भारत वापस भेज दिया गया। इस पूरे खेल में आरोपियों ने परिजनों से 32.30 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वार्ड नंबर-7, नजदीक अग्रवाल धर्मशाला, सेठांवाला मोहल्ला पूंडरी निवासी गुरदयाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा विक्रम आस्ट्रेलिया जाना चाहता था। उसके साथ उसका दोस्त हर्ष भी विदेश जाना चाहता था। मार्च 2025 में उसके मामा रेशम सिंह और उनके जानकार खजान सिंह के माध्यम से उसकी मुलाकात संदीप और सुरेंद्र से हुई, जो खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला बताते थे।
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पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने आश्वासन दिया कि वे दो माह में दोनों युवाओं का आस्ट्रेलिया का वीजा लगवा देंगे। इसके बदले उन्होंने 45 लाख रुपये की मांग की, लेकिन यह तय हुआ कि पूरी राशि वीजा लगने के बाद दी जाएगी। आरोपियों ने मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में नीम साहब गुरुद्वारा के पास विक्रम और हर्ष के असल पासपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रतियां सहित अन्य दस्तावेज ले लिए।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि 12 जून 2025 को आरोपी उसके घर पूंडरी आए और दोनों युवाओं को दिल्ली ले गए, जहां उन्हें पहाड़गंज स्थित सत्या होटल में ठहराया गया। वहां आरोपियों ने 18 लाख रुपये की मांग की। विरोध करने पर कहा गया कि यह रकम आस्ट्रेलियन करेंसी में बदलकर वापस दे दी जाएगी, जो बच्चों के काम आएगी। इसके बाद 10 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।
14 जून को विक्रम और हर्ष को दिल्ली से चेन्नई और फिर चेन्नई से बैंकाक भेज दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने फिर पैसों की मांग की और अलग-अलग चरणों में 8 लाख रुपये, 4.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से तथा बाद में 10 लाख रुपये नकद ले लिए। 3 अगस्त को दोनों युवाओं को मलेशिया भेजा गया और 7 अगस्त 2025 को उन्हें वहां से भारत वापस भेज दिया गया।
रुपये की मांग करने पर दी जान की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि बैंकाक और मलेशिया में दोनों युवाओं को भूखा-प्यासा रखा गया और उनके साथ मारपीट कर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जब परिजनों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी लगातार माह-दर-माह आश्वासन देते रहे। इस दौरान कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन कोई रकम वापस नहीं की गई।
आरोप है कि आरोपी संदीप ने एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। रुपये की मांग करने पर आरोपी जान से मारने की धमकियां देने लगे और कहने लगे कि प्रशासन भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।