{"_id":"57e814b34f1c1b561257409f","slug":"sarabd-hind-samagam-one-lakh-people-participating-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाख श्रद्धालु बोले... वाहे गुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक लाख श्रद्धालु बोले... वाहे गुरु
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
सेवा करतीं संगत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरा शहर रविवार को वाहे गुरु के जयकारों से गूंज उठा। करीब तीन किलोमीटर लंबे नगर कीर्तन के स्वागत के लिए शहर उमड़ पड़ा। जगह-जगह नगर कीर्तन का अभिनंदन किया गया। तीन दिवसीय 43वां सरब हिंद गुरमत समागम रविवार को नगर कीर्तन के साथ ही बाद संपन्न हो गया।
इससे पूर्व शनिवार देर रात तक चले शबद कीर्तन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ वाहे गुरु का नाम जपा। सुबह शहर में गुरुबाणी की अमृत बरसा हुई। गुरमत प्रचार प्रसार के लिए देशभर से आईं 200 से अधिक सुखमनी सेवा सोसायटी के जत्थों ने शहर में नगर कीर्तन निकाला और शबद कीर्तन किया। कैथल के इतिहास में पहली बार करीब तीन किलोमीटर लंबे नगर कीर्तन का आयोजन किया। परंपरागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारों ने नगर कीर्तन की अगुवाई की। धार्मिक संस्थाओं और शहरवासियों ने रंग बिरंगी परिधानों में सजे लाखों श्रद्धालुओं का फूलों की बारिश से स्वागत किया।
रविवार सुबह गुरुद्वारा नीम साहिब में पानीपत की सेवा सोसायटी की अगुवाई में समूह यूनिटों ने नितनेम किया और अरदास हुई। गुरुद्वारे से सुबह छह बजे नगर कीर्तन आरंभ हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भव्य पालकी में सजाया गया था। पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड समेत देशभर से आईं 200 से अधिक सुखमनी जत्थे शबद कीर्तन करते हुए चले। सबसे आगे अकाल अकादमी बैंड संगरूर के बच्चे धार्मिक धुन बाज रहे थे। पालकी साहिब गुजरने से पहले शहर की सड़कों को सुगंधित पानी से साफ किया गया। सुखमनी सेवा सोसाइटी अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, गुरदासपुर, बटाला, फिरोजपुर, देहरादून, दिल्ली, यमुनानगर, पिहोवा, अंबाला आदि जत्थे वाहे गुरु का जाप करते और बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन डोगरा गेट, प्रताप गेट, ग्यारह रूद्री शिव मंदिर, छात्रावास रोड, पुराना बस अड्डा पिहोवा चौक, गुरु तेग बहादुर चौक पहुंचा। सुखमनी सभा सोसायटी के प्रधान मेहर सिंह व दुपेंद्र सिंह कोहली ने कहा कि समागम का उद्देश्य गुरमत प्रचार करना है। सुखमनी सोसाइटी प्रधान मेहर सिंह और खजान सिंह ने गुरमत समागम के सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं को बधाई दी।
विज्ञापन
इस मौके पर दुपेंद्र सिंह कोहली, राजेंद्र मेंहदीरत्ता, रतनपाल सिंह लाडी, वजीर सिंह, दर्शन सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद रहे। गुरु तेग बहादुर सेवा दल ने नगर कीर्तन में शामिल सुखमनी सेवा सोसायटियों के सदस्यों को सम्मानित किया। सेवादल के प्रधान राजेंद्र सिंह मेंहदीरत्ता, संरक्षक मनिंद्र सिंह एडवोकेट, सतिंद्र भाटिया और सदस्यों ने सोसाटियों के प्रधानों को सरोपा और मिठाई देकर सम्मानित किया। शहर में जगह-जगह लंगर भी लगाए गए। आयोजन कमेटी में दीपेंद्र सिंह कोहली कांगथली, मेहर सिंह, सरदार खजान सिंह, गुरदीप सिंह मलिक, गुरचरण सिंह, राजेंद्र सिंह मेहंदीरत्ता, जतिंद्र भाटिया, जवाहर सिंह, केशव सिंह कार सेवा वाले बाबा गोपाल सिंह, जितेंद सिंह कोहली ने बताया कि तीन दिवसीय समागम में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गतका करतब रहे आकर्षण
नगर कीर्तन में सुखमनी सेवा सोसाइटियों के सदस्यों ने गतका के भी करतब दिखाए। इस दौरान पालकी साहिब के आगे जीप पर फिट हेलीकाप्टर से फूलों की बारिश आकर्षण का केंद्र रही।
एक हजार सेवकों ने संभाली कमान
इस विशाल आयोजन में एक हजार से अधिक सेवकों ने प्रबंधन संभाला। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 50 क्विंटल दूध, 40 क्विंटल आटा, 20 क्विंटल चावल, दाल 9 क्विंटल दाल, कई ट्रालियां अन्य सब्जी लगी। रिफाइंड के 120 टीन, 25 टीन देशी घी, 20 बोरी चीनी भी प्रयुक्त की गई।
विज्ञापन
इससे पूर्व शनिवार देर रात तक चले शबद कीर्तन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ वाहे गुरु का नाम जपा। सुबह शहर में गुरुबाणी की अमृत बरसा हुई। गुरमत प्रचार प्रसार के लिए देशभर से आईं 200 से अधिक सुखमनी सेवा सोसायटी के जत्थों ने शहर में नगर कीर्तन निकाला और शबद कीर्तन किया। कैथल के इतिहास में पहली बार करीब तीन किलोमीटर लंबे नगर कीर्तन का आयोजन किया। परंपरागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारों ने नगर कीर्तन की अगुवाई की। धार्मिक संस्थाओं और शहरवासियों ने रंग बिरंगी परिधानों में सजे लाखों श्रद्धालुओं का फूलों की बारिश से स्वागत किया।
विज्ञापन
रविवार सुबह गुरुद्वारा नीम साहिब में पानीपत की सेवा सोसायटी की अगुवाई में समूह यूनिटों ने नितनेम किया और अरदास हुई। गुरुद्वारे से सुबह छह बजे नगर कीर्तन आरंभ हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भव्य पालकी में सजाया गया था। पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड समेत देशभर से आईं 200 से अधिक सुखमनी जत्थे शबद कीर्तन करते हुए चले। सबसे आगे अकाल अकादमी बैंड संगरूर के बच्चे धार्मिक धुन बाज रहे थे। पालकी साहिब गुजरने से पहले शहर की सड़कों को सुगंधित पानी से साफ किया गया। सुखमनी सेवा सोसाइटी अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, गुरदासपुर, बटाला, फिरोजपुर, देहरादून, दिल्ली, यमुनानगर, पिहोवा, अंबाला आदि जत्थे वाहे गुरु का जाप करते और बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन डोगरा गेट, प्रताप गेट, ग्यारह रूद्री शिव मंदिर, छात्रावास रोड, पुराना बस अड्डा पिहोवा चौक, गुरु तेग बहादुर चौक पहुंचा। सुखमनी सभा सोसायटी के प्रधान मेहर सिंह व दुपेंद्र सिंह कोहली ने कहा कि समागम का उद्देश्य गुरमत प्रचार करना है। सुखमनी सोसाइटी प्रधान मेहर सिंह और खजान सिंह ने गुरमत समागम के सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं को बधाई दी।
विज्ञापन
इस मौके पर दुपेंद्र सिंह कोहली, राजेंद्र मेंहदीरत्ता, रतनपाल सिंह लाडी, वजीर सिंह, दर्शन सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद रहे। गुरु तेग बहादुर सेवा दल ने नगर कीर्तन में शामिल सुखमनी सेवा सोसायटियों के सदस्यों को सम्मानित किया। सेवादल के प्रधान राजेंद्र सिंह मेंहदीरत्ता, संरक्षक मनिंद्र सिंह एडवोकेट, सतिंद्र भाटिया और सदस्यों ने सोसाटियों के प्रधानों को सरोपा और मिठाई देकर सम्मानित किया। शहर में जगह-जगह लंगर भी लगाए गए। आयोजन कमेटी में दीपेंद्र सिंह कोहली कांगथली, मेहर सिंह, सरदार खजान सिंह, गुरदीप सिंह मलिक, गुरचरण सिंह, राजेंद्र सिंह मेहंदीरत्ता, जतिंद्र भाटिया, जवाहर सिंह, केशव सिंह कार सेवा वाले बाबा गोपाल सिंह, जितेंद सिंह कोहली ने बताया कि तीन दिवसीय समागम में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गतका करतब रहे आकर्षण
नगर कीर्तन में सुखमनी सेवा सोसाइटियों के सदस्यों ने गतका के भी करतब दिखाए। इस दौरान पालकी साहिब के आगे जीप पर फिट हेलीकाप्टर से फूलों की बारिश आकर्षण का केंद्र रही।
एक हजार सेवकों ने संभाली कमान
इस विशाल आयोजन में एक हजार से अधिक सेवकों ने प्रबंधन संभाला। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 50 क्विंटल दूध, 40 क्विंटल आटा, 20 क्विंटल चावल, दाल 9 क्विंटल दाल, कई ट्रालियां अन्य सब्जी लगी। रिफाइंड के 120 टीन, 25 टीन देशी घी, 20 बोरी चीनी भी प्रयुक्त की गई।