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चार वर्ष में खाद पदार्थ के लिए 434 सैंपल, सिर्फ 30 फेल
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नवरात्र के साथ त्योहारों का सीजन शुरू हो रहा है। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी सतर्कता बरतने के दावे किए जा रहे हैं। जिसमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है। लेकिन पिछले साल हुई सैंपलिंग में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। कोरोना काल को देखते हुए इस बार विभाग द्वारा सैंपलिंग में भी तेजी लाने की बात कही जा रही है।
पिछले 4 साल में केवल 30 सैंपल मिले फेल- चालू वर्ष सहित पिछले चार वर्षों का आंकड़ा देखें तो खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन उत्पादों के 434 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 385 सैंपल पास हुए। इनमें से 30 सैंपल ऐसे पाए गए जो सुरक्षा के दृष्टिगत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर पाए और सब स्टैंडर्ड पाए गए। इसके अलावा 10 सैंपल ऐसे पाए गए जो जिनकी मिस ब्रांडिग पाई गई अर्थात जो ब्रांड लगाकर उत्पाद बेचे जा रहे थे, उसके अनुसार वे सही नहीं थे।
वर्षों के अनुसार हुई सैंपलिंग -
वर्ष कुल सैंपल पास हुए सब स्टेंडर्ड मिसब्रांडिग
2017-18 109 101 5 1
2018-19 125 106 11 5
2019-20 125 115 8 2
2020 में अबतक 75 61 6 2
मिठाइयों के लिए निर्धारित किया समय- खाद्य पदार्थों की शुद्धता के दृष्टिगत इस बार बिक्री का समय भी निर्धारित किया गया है। कलाकंद, बटर और चॉकलेट जैसे पदार्थ एक दिन, दूध से बने उत्पाद रसगुल्ले, रबड़ी व खीर दो दिन, खोया, पेड़ा, बर्फी और लड्डू चार दिन और ड्राई फ्रूट से बने उत्पाद एक सप्ताह और आटा, चना व बेसन से बनने वाली मिठाइयां करीब 30 दिन तक प्रयोग हो सकती हैं।
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फूड सेफ्टी ऑफिसर राजीव कुमार ने बताया कि खाद्य उत्पादों में मिलावट जैसी समस्या के खिलाफ विभाग सख्ती से निपटेगा। पिछले वर्षों की अपेक्षा और ज्यादा तीव्रता से इस बार कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लिए गए सेंपलों में से अगर खाद्य पदार्थों में पूरी तरह से शुद्धता नहीं होगी तो उनके विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। सेंपल ठीक न मिलने पर सजा या जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
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पिछले 4 साल में केवल 30 सैंपल मिले फेल- चालू वर्ष सहित पिछले चार वर्षों का आंकड़ा देखें तो खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन उत्पादों के 434 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 385 सैंपल पास हुए। इनमें से 30 सैंपल ऐसे पाए गए जो सुरक्षा के दृष्टिगत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर पाए और सब स्टैंडर्ड पाए गए। इसके अलावा 10 सैंपल ऐसे पाए गए जो जिनकी मिस ब्रांडिग पाई गई अर्थात जो ब्रांड लगाकर उत्पाद बेचे जा रहे थे, उसके अनुसार वे सही नहीं थे।
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वर्षों के अनुसार हुई सैंपलिंग -
वर्ष कुल सैंपल पास हुए सब स्टेंडर्ड मिसब्रांडिग
2017-18 109 101 5 1
2018-19 125 106 11 5
2019-20 125 115 8 2
2020 में अबतक 75 61 6 2
मिठाइयों के लिए निर्धारित किया समय- खाद्य पदार्थों की शुद्धता के दृष्टिगत इस बार बिक्री का समय भी निर्धारित किया गया है। कलाकंद, बटर और चॉकलेट जैसे पदार्थ एक दिन, दूध से बने उत्पाद रसगुल्ले, रबड़ी व खीर दो दिन, खोया, पेड़ा, बर्फी और लड्डू चार दिन और ड्राई फ्रूट से बने उत्पाद एक सप्ताह और आटा, चना व बेसन से बनने वाली मिठाइयां करीब 30 दिन तक प्रयोग हो सकती हैं।
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फूड सेफ्टी ऑफिसर राजीव कुमार ने बताया कि खाद्य उत्पादों में मिलावट जैसी समस्या के खिलाफ विभाग सख्ती से निपटेगा। पिछले वर्षों की अपेक्षा और ज्यादा तीव्रता से इस बार कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लिए गए सेंपलों में से अगर खाद्य पदार्थों में पूरी तरह से शुद्धता नहीं होगी तो उनके विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। सेंपल ठीक न मिलने पर सजा या जुर्माना दोनों का प्रावधान है।