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Kaithal News: युगों तक याद रखा जाएगा साहिबजादों का बलिदान ः ईश्वर

Fri, 29 Dec 2023 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 29 Dec 2023 12:47 AM IST
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Sacrifice of Sahibzadas will be remembered for ages: eeshvar
संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन/गुहला-चीका/कैथल। गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों की शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय जोड़ मेले का वीरवार को समापन हुआ। कई जगहों पर हुए कार्यक्रम में छोटे साहिबजादों को याद कर श्रद्धांजलि दी गई। गुहला-चीका में विधायक ईश्वर सिंह गुरुद्वारा साहिब रामनगर पहुंचे। उन्होंने कहा कि छोटे साहिबजादों के बलिदान को युगों तक याद रखा जाएगा।

जोड़ मेले के तहत कई जगहों पर सिख समाज के लोगों ने चाय, रस और ब्रेड पकौड़ों का लंगर लगाया। वहीं, सीवन में पटियाला रोड पर वधवा सेलर में बाबा फतेह सिंह व बाबा जोरावर सिंह लंगर सभा की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय शहीदी जोड़ मेला संपन्न हुआ।
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समापन कार्यक्रम में रागी व ढाडी जत्थों ने पंथ का प्रचार किया और आई हुई साध-संगत को अपने प्रवचनों से भाव-विभोर कर दिया। सीवन के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि व प्रमुख समाजसेवी अमरेंद्र सिंह खारा ने बताया कि तीन दिनों तक गुरु का अटूट लंगर कैथल पटियाला मुख्य मार्ग पर चला। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसमें समूह साध संगत ने सेवा की।
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उधर, सीवन में शहीदी जोड़ मेले के अंतिम दिन रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें नगर के सैकडों युवाओं ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में मौजूद गुरदीप चीमा, अमरेंद्र सिंह खारा, गोल्डी चटठा, गुरदेव सिंह, हरप्रीत विर्क, सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, सुखदेव सिंह व अन्य ने बताया कि कमेटी के सदस्यों ने सहयोग किया।

उधर, गुहला विधायक ईश्वर सिंह ने गुरुद्वारा साहिब रामनगर में पहुंचकर गुरु गोबिंद सिंह के महान बलिदानी पुत्रों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर कहा कि आज का दिन छोटे साहिबजादों के त्याग, बलिदान, शौर्य व पराक्रम को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने राष्ट्र धर्म और अपनी संस्कृति के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि नन्हें साहिबजादों ने क्रूर अत्याचारियों की बात ना मानते हुए सिख धर्म की उस महान परंपरा को आगे बढ़ाया, जिसमें अन्यायी


शासकों के सामने कभी न झुकने की महान शिक्षा दी है।

इस अवसर पर प्रधान करनैल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अवतार सिंह, बलविंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, मस्तान सिंह, जोगा सिंह, सुरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सुबेदार अंग्रेज सिंह, रवजोत सिंह, जसनप्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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