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शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं की बस सेवा के लिए बन रहा है रूट प्लान
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अब गांवों और कस्बों से जिले के शिक्षण संस्थानों और कॉलेज में पढ़ने के लिए आने वाली लड़कियों को बसों को इंतजार नहीं करना होगा। रोडवेज विभाग की ओर से छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने के संबंध में रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। रूट मैप तैयार होने के बाद जल्द ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले विभाग की ओर से निशुल्क बस सेवा शुरू करने की योजना के तहत स्कूलों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं के शैक्षणिक संस्थानों से आंकड़े एकत्रित किए गए।
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों से करीब पांच हजार लड़कियां शहर के शैक्षणिक संस्थानों में रोजाना पढ़ने जाती हैं। रोडवेज विभाग की तरफ से विद्यार्थियों को निशुल्क बस पास की सुविधा दी गई है। ग्रामीण छात्राओं को सामान्य बसों में सफर के दौरान भीड़ होने के कारण धक्का- मुक्की का सामना करना पड़ता है। इसलिए परिवहन विभाग ने छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने का रूट मैप प्लान तैयार किया है। इसके लिए शिक्षा विभाग से जानकारी जुटाई गई थी। जिस रूट पर ज्यादा जरूरत होगी, विभाग की ओर से उसी रूट पर ज्यादा बसें चलाई जाएंगी। स
वर्ष 2014 में सरकार ने निशुल्क यात्रा की सुविधा दी थी
वर्ष 2014 में सरकार ने शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए निशुल्क बस पास की सुविधा मुहैया करवाई थी। विभाग की ओर से 30 किलोमीटर के एरिया में निशुल्क पास की सुविधाएं छात्राओं को दी जा रही है। जिले में महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय, आरकेएसडी कॉलेज, राजकीय कॉलेज, जाट कॉलेज, आईजी कॉलेज समेत कई स्कूलों में भी विद्यार्थी गांव से पढ़ने के लिए आते हैं। वहीं जिले में छात्र और छात्राओं के 17 हजार 289 बस पास बनाए हुए हैं।
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वर्जन
छात्राओं की सुविधा के लिए गांव-गांव बस सुविधा उपलब्ध करवाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। ताकि शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं को परेशानी न हो। इससे पहले भी रोडवेज विभाग ने आठ बसें स्पेशल छात्राओं के लिए चलाई हुई हैं।
अजय गर्ग ,जीएम, रोडवेज
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बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों से करीब पांच हजार लड़कियां शहर के शैक्षणिक संस्थानों में रोजाना पढ़ने जाती हैं। रोडवेज विभाग की तरफ से विद्यार्थियों को निशुल्क बस पास की सुविधा दी गई है। ग्रामीण छात्राओं को सामान्य बसों में सफर के दौरान भीड़ होने के कारण धक्का- मुक्की का सामना करना पड़ता है। इसलिए परिवहन विभाग ने छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने का रूट मैप प्लान तैयार किया है। इसके लिए शिक्षा विभाग से जानकारी जुटाई गई थी। जिस रूट पर ज्यादा जरूरत होगी, विभाग की ओर से उसी रूट पर ज्यादा बसें चलाई जाएंगी। स
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वर्ष 2014 में सरकार ने निशुल्क यात्रा की सुविधा दी थी
वर्ष 2014 में सरकार ने शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए निशुल्क बस पास की सुविधा मुहैया करवाई थी। विभाग की ओर से 30 किलोमीटर के एरिया में निशुल्क पास की सुविधाएं छात्राओं को दी जा रही है। जिले में महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय, आरकेएसडी कॉलेज, राजकीय कॉलेज, जाट कॉलेज, आईजी कॉलेज समेत कई स्कूलों में भी विद्यार्थी गांव से पढ़ने के लिए आते हैं। वहीं जिले में छात्र और छात्राओं के 17 हजार 289 बस पास बनाए हुए हैं।
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छात्राओं की सुविधा के लिए गांव-गांव बस सुविधा उपलब्ध करवाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। ताकि शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं को परेशानी न हो। इससे पहले भी रोडवेज विभाग ने आठ बसें स्पेशल छात्राओं के लिए चलाई हुई हैं।
अजय गर्ग ,जीएम, रोडवेज