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Kaithal News: लांस नायक नरेंद्र सिंह सिंधु के बलिदान पर रोहेड़ा गांव में मातम
Tue, 09 Sep 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:49 AM IST
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38 कैथल। आंतकवादियों से मुठभेड़ में गोली लगने से शहीद हुए लास नायक नरेंद्र सिंह सिंधू का फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद। जिले के रोहेड़ा गांव निवासी लांस नायक नरेंद्र सिंह सिंधु के दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए बलिदान के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। जैसे ही उनके बलिदान होने की सूचना गांव पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई और सन्नाटा पसर गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन की टीम गांव पहुंची और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। एसोसिएशन की टीम, जिला प्रधान जगजीत सिंह फौजी के नेतृत्व में सोमवार शाम से ही सैनिक के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गई।
सूचना के अनुसार, नरेंद्र सिंह सिंधु सात साल पहले राष्ट्रीय राइफल में तैनात हुए थे। लगभग चार साल पहले उनकी तैनाती श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय राइफल में हुई।
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सोमवार को वह अपने साथियों के साथ गश्त पर थे, जब अचानक आंतकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में उनके साथ एक अन्य सैनिक भी बलिदान हुआ।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि 28 वर्षीय नरेंद्र सिंह सिंधु एक जांबाज और साहसी सैनिक थे। वे अपने गांव के एकमात्र भारतीय सैनिक थे। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी मरते नहीं, बल्कि अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान देश और प्रदेश के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। फौजी ने बताया कि नरेंद्र सिंह सिंधु के परिवार में माता, पिता और एक छोटा भाई शामिल हैं, जो वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है। बलिदान की खबर मिलते ही रोहेड़ा गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पैतृक गांव रोहेड़ा में सैन्य सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार
जाबांज लांस नायक नरेंद्र सिंह सिंधु का सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को पैतृक गांव रोहेड़ा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। सैनिक बोर्ड की ओर से पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन को यह जानकारी दी गई है। एसोसिएशन के सदस्यों ने वीर योद्धा के बलिदान को नमन किया।
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कैथल/राजौंद। जिले के रोहेड़ा गांव निवासी लांस नायक नरेंद्र सिंह सिंधु के दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए बलिदान के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। जैसे ही उनके बलिदान होने की सूचना गांव पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई और सन्नाटा पसर गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन की टीम गांव पहुंची और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। एसोसिएशन की टीम, जिला प्रधान जगजीत सिंह फौजी के नेतृत्व में सोमवार शाम से ही सैनिक के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गई।
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सूचना के अनुसार, नरेंद्र सिंह सिंधु सात साल पहले राष्ट्रीय राइफल में तैनात हुए थे। लगभग चार साल पहले उनकी तैनाती श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय राइफल में हुई।
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सोमवार को वह अपने साथियों के साथ गश्त पर थे, जब अचानक आंतकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में उनके साथ एक अन्य सैनिक भी बलिदान हुआ।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि 28 वर्षीय नरेंद्र सिंह सिंधु एक जांबाज और साहसी सैनिक थे। वे अपने गांव के एकमात्र भारतीय सैनिक थे। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी मरते नहीं, बल्कि अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान देश और प्रदेश के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। फौजी ने बताया कि नरेंद्र सिंह सिंधु के परिवार में माता, पिता और एक छोटा भाई शामिल हैं, जो वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है। बलिदान की खबर मिलते ही रोहेड़ा गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पैतृक गांव रोहेड़ा में सैन्य सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार
जाबांज लांस नायक नरेंद्र सिंह सिंधु का सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को पैतृक गांव रोहेड़ा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। सैनिक बोर्ड की ओर से पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन को यह जानकारी दी गई है। एसोसिएशन के सदस्यों ने वीर योद्धा के बलिदान को नमन किया।