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हंगामे के बीच हुई हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की राज्य कमेटी का चुनाव
ब्यूरो कैथल
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:14 AM IST
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मुख्य संगठन सचिव के पद को लेकर हुई बहस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ द्वारा रविवार को द्वि-वार्षिक प्रांतीय सम्मेलन के समापन पर हुए राज्य कमेटी के चुनावों में खूब हंगामा हुआ। इस दौरान प्रधान और महासचिव के नाम पर तो सर्वसम्मति बन गई। लेकिन जब वरिष्ठ उप प्रधान और मुख्य संगठन सचिव को चुनने की बारी आई तो कर्मचारियों में जमकर बहस हुई। बाद में इन दोनों पदों में से वरिष्ठ प्रधान पर कर्मचारियों में आपसी सहमति बन तो गई। लेकिन मुख्य संगठन सचिव के पद पर सहमति नहीं बनी। जिस कारण इस पद के लिए वोटिंग करवानी पड़ी।
चुनाव प्रक्रिया के शुरू होने के बाद पूर्व प्रधान सरबत सिह पुनियां ने प्रधान पद के लिए इंद्र सिंह बधाना का नाम प्रस्तावित किया। जिस पर सर्वसम्मति से सहमति बनी। जब वरिष्ठ उपप्रधान के पदाधिकारी के नाम का एलान को प्रस्तावित किया गया। लेकिन इस नाम पर विवाद हो गया। करीब आधे घंटे तक जमकर बहस हुई। इस दौरान उस प्रतिनिधि के समर्थक हॉल को छोड़कर जाने लगे जिसके बाद प्रस्तावित नामों के व्यक्तियों ने आपसी विचार किया। बाद में नरेंद्र दिनौद पर सहमति बनी। अब बारी मुख्य संगठन सचिव की थी। इस पद को भी राज्य चुनाव कमेटी ने सर्वसम्मति के लिए प्रवीन अहलावत के नाम को प्रस्तावित किया गया। जिस पर धर्मबीर हुड्डा के समर्थकों ने उनके नाम आगे कर दिया। जिस पर खूब हंगामा हुआ। इस हंगामे के दौरान संघ के सभी सदस्य दोनों प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनाने की कोशिश करते रहे। लेकिन दोनों ही उम्मीदवारों में कोई सहमति नहीं बनी। आखिरकार राज्य की चुनाव कमेटी द्वारा दोनों के उम्मीदवारों के बीच चुनाव करवाने की घोषणा की गई। उसके बाद चुनाव की आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
विवाद के बाद हुड्डा को मिला पद
राज्य कमेटी के चुनाव के दौरान मुख्य संगठन सचिव के पद को लेकर धर्मबीर हुड्डा और प्रदीप अहलावत के बीच हुई वोटिंग में धर्मबीर हुड्डा विजयी हुए।
वहीं चुनाव अधिकारी सुभाष लांबा ने बताया कि संगठन सचिव पद के लिए पहले तो एक नाम को प्रस्तावित किया गया। लेकिन एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो दूसरा नाम आया। जिसके बाद दोनों प्रतिनिधियों के नाम पर वोटिंग करवाई गई। वोटिंग में धर्मबीर हुड्डा विजयी रहे।
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यह बनी नई राज्य कमेटी
राज्य कमेटी के चुनाव के दौरान इंद्र सिह बधाना को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। सरबत सिंह पुनिया को महासचिव, नरेंद्र दिनौद को वरिष्ठ उपप्रधान और नंद लाल को कैशियर व मुख्य संगठन सचिव धर्मवीर हुड्डा को चुना गया। इसके अलावा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कमेटी में धर्मबीर फौगाट अध्यक्ष, सुभाष लांबा महासचिव, जीवन सिह व सुभाष उचाना को उप महासचिव चुना गया।
इससे पूर्व सम्मेलन में पूर्व राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया ने पिछली राज्य कमेटी को भंग करने की घोषणा की। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा न्यू ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल के विरोध में, कच्चे कर्मियों को पक्का करवाने, रोडवेज में 10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग को लेकर तीखा संघर्ष चलाने का आह्वान किया। बाद में नवनियुक्त राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना ने सभी कर्मचारियों को जनता व कर्मचारियों की समस्याओं पर एकजुट रहने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि उन्हें जो जिम्मेवारी दी गई है, वे उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे।
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चुनाव प्रक्रिया के शुरू होने के बाद पूर्व प्रधान सरबत सिह पुनियां ने प्रधान पद के लिए इंद्र सिंह बधाना का नाम प्रस्तावित किया। जिस पर सर्वसम्मति से सहमति बनी। जब वरिष्ठ उपप्रधान के पदाधिकारी के नाम का एलान को प्रस्तावित किया गया। लेकिन इस नाम पर विवाद हो गया। करीब आधे घंटे तक जमकर बहस हुई। इस दौरान उस प्रतिनिधि के समर्थक हॉल को छोड़कर जाने लगे जिसके बाद प्रस्तावित नामों के व्यक्तियों ने आपसी विचार किया। बाद में नरेंद्र दिनौद पर सहमति बनी। अब बारी मुख्य संगठन सचिव की थी। इस पद को भी राज्य चुनाव कमेटी ने सर्वसम्मति के लिए प्रवीन अहलावत के नाम को प्रस्तावित किया गया। जिस पर धर्मबीर हुड्डा के समर्थकों ने उनके नाम आगे कर दिया। जिस पर खूब हंगामा हुआ। इस हंगामे के दौरान संघ के सभी सदस्य दोनों प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनाने की कोशिश करते रहे। लेकिन दोनों ही उम्मीदवारों में कोई सहमति नहीं बनी। आखिरकार राज्य की चुनाव कमेटी द्वारा दोनों के उम्मीदवारों के बीच चुनाव करवाने की घोषणा की गई। उसके बाद चुनाव की आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
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विवाद के बाद हुड्डा को मिला पद
राज्य कमेटी के चुनाव के दौरान मुख्य संगठन सचिव के पद को लेकर धर्मबीर हुड्डा और प्रदीप अहलावत के बीच हुई वोटिंग में धर्मबीर हुड्डा विजयी हुए।
वहीं चुनाव अधिकारी सुभाष लांबा ने बताया कि संगठन सचिव पद के लिए पहले तो एक नाम को प्रस्तावित किया गया। लेकिन एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो दूसरा नाम आया। जिसके बाद दोनों प्रतिनिधियों के नाम पर वोटिंग करवाई गई। वोटिंग में धर्मबीर हुड्डा विजयी रहे।
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यह बनी नई राज्य कमेटी
राज्य कमेटी के चुनाव के दौरान इंद्र सिह बधाना को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। सरबत सिंह पुनिया को महासचिव, नरेंद्र दिनौद को वरिष्ठ उपप्रधान और नंद लाल को कैशियर व मुख्य संगठन सचिव धर्मवीर हुड्डा को चुना गया। इसके अलावा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कमेटी में धर्मबीर फौगाट अध्यक्ष, सुभाष लांबा महासचिव, जीवन सिह व सुभाष उचाना को उप महासचिव चुना गया।
इससे पूर्व सम्मेलन में पूर्व राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया ने पिछली राज्य कमेटी को भंग करने की घोषणा की। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा न्यू ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल के विरोध में, कच्चे कर्मियों को पक्का करवाने, रोडवेज में 10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग को लेकर तीखा संघर्ष चलाने का आह्वान किया। बाद में नवनियुक्त राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना ने सभी कर्मचारियों को जनता व कर्मचारियों की समस्याओं पर एकजुट रहने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि उन्हें जो जिम्मेवारी दी गई है, वे उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे।