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दावों में नहीं रह गया दम, जाम में फंसकर निकलता है लोगों का दम
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:13 AM IST
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जाम से मुक्ति का नहीं निकल रहा कोई रास्ता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तमाम दावों के बावजूद शहर की सड़कों से जाम की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। नगर परिषद, पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा कई बार इस मुद्दे पर बैठक कर कागजी कार्रवाई की है, लेकिन जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। इस समय नोटबंदी की अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद बैंकों के बाहर वाहनों के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति रहती है। शहर के उन मार्गों पर जाम रहता है जहां से बड़े अधिकारी लगभग हर रोज गुजरते हैं। सड़कों पर पीली पट्टी लगाने की कार्रवाई सालों से अधूरी पड़ी है।
शहर में अंबाला रोड, कुरुक्षेत्र रोड, जींद रोड, भगत सिंह चौक, पुराना बस स्टैंड, राजकीय कन्या स्कूल गीता भवन मंदिर के पास दिन में हर घंटे के बाद जाम की स्थिति बन रही है। यातायात पुलिस के पास ऐसा कोई उपकरण नहीं हैं, जो सड़कों के बीच में खड़े वाहनों को वहां से हटा दे। जाम के कारण पूरा दिन शहर वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यातायात पुलिस केवल फूल देकर चाहती है सड़कों पर ना लगे जाम
जिला पुलिस सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को फूल देकर उनको सड़कों पर वाहन न खड़ा करके एक ओर लगाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही है। अंबाला रोड, जींद रोड, भगत सिंह चौक नरवानियां बिल्डिंग में पूरा दिन जाम रहता है। राजकीय कन्या स्कूल के सामने वाहन चालक सड़कों के बीच में घंटों तक वाहन खड़ा करके बाजारों में चले जाते हैं। जिसके कारण लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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जाम से छुटकारा कम और चालान अधिक करते हैं
शहरवासी ओपी सैनी, मनोज कुमार, सतीश शर्मा, अनुज कुमार, राजीव शर्मा, विपिन कुमार ने बताया पुलिस कर्मचारी शहर के प्रमुख चौकों पर खड़े होकर केवल चालान करते हैं। लेकिन जाम से परेशान लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते है। उन्होंने बताया कि बाजारों में बाहर निकलना व बाजार के अंदर जाना मुश्किल हो गया है। वहां पर कोई पुलिसकर्मी वाहनों को साइड में खड़ा करवाने तक की जहमत नहीं उठाता।
शहर में इन स्थानों पर लगता है जाम
शहर में अंबाला रोड, पिहोवा चौक, विदक्यार रोड, राजकीय कन्या स्कूल के सामने, नरवानियां बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, जनता मार्केट, कबूतर चौक, न्यू करनाल रोड, छात्रावास रोड, पुराना बस स्टैंड पर पूरा दिन जाम की स्थिति बनती है।
पीली पट्टी का काम अधूरा
करीब पांच साल पहले शहर की मुख्य सड़कों पर पीली पट्टी लगाए जाने का फैसला हुआ था। ताकि वाहनों को इस पट्टी के अंदर ही सड़कों पर खड़ा किया जा सके। आज तक यह पट्टी सड़कों पर नहीं लग पाई है। जिस कारण जहां मर्जी सड़क पर बीचों-बीच वाहन खड़ा कर दिया जाता है।
नोटबंदी में बुरा हाल था, अब भी नहीं सुधरे हालात
नोटबंदी के दौरान बैंकों में चूंकि लोगों की भीड़ उमड़ी थी। अभी भी हालात नहीं सुधरे। नोटबंदी के बाद बैंकों की लाइन तो छंट गई। लेकिन बैंकों के बाहर सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों की स्थिति में कोई अंतर नहीं आया है।
यहीं से गुजरते हैं अधिकतर अधिकारी
शहर के सबसे व्यस्त चौक पिहोवा चौक के निकट स्थित बैंक के बाहर दिन भर लोगों की भीड़ उमड़ती है। यहीं से लोक निर्माण विभाग से लेकर लघु सचिवालय आने-जाने वाले अधिकतर अधिकारी व नेता भी गुजरते हैं। लेकिन वाहनों के कारण होने वाली परेशानी की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
जो भी पूछना है पीआरओ से पूछिए
ट्रैफिक एसएचओ दीपक कुमार ने बताया कि अगर कुछ पूछना है तो पीआरओ से आप जानकारी ले सकते हैं। यातायात पुलिस के पास सड़कों के बीच से वाहन उठाने के लिए कोई अगर उपकरण है तो उसकी जानकारी ऑफिस से मिलेगी। बैंकों के बाहर व चौक-चौराहों पर पुलिस की ड्यूटी रहती है।
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शहर में अंबाला रोड, कुरुक्षेत्र रोड, जींद रोड, भगत सिंह चौक, पुराना बस स्टैंड, राजकीय कन्या स्कूल गीता भवन मंदिर के पास दिन में हर घंटे के बाद जाम की स्थिति बन रही है। यातायात पुलिस के पास ऐसा कोई उपकरण नहीं हैं, जो सड़कों के बीच में खड़े वाहनों को वहां से हटा दे। जाम के कारण पूरा दिन शहर वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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यातायात पुलिस केवल फूल देकर चाहती है सड़कों पर ना लगे जाम
जिला पुलिस सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को फूल देकर उनको सड़कों पर वाहन न खड़ा करके एक ओर लगाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही है। अंबाला रोड, जींद रोड, भगत सिंह चौक नरवानियां बिल्डिंग में पूरा दिन जाम रहता है। राजकीय कन्या स्कूल के सामने वाहन चालक सड़कों के बीच में घंटों तक वाहन खड़ा करके बाजारों में चले जाते हैं। जिसके कारण लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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जाम से छुटकारा कम और चालान अधिक करते हैं
शहरवासी ओपी सैनी, मनोज कुमार, सतीश शर्मा, अनुज कुमार, राजीव शर्मा, विपिन कुमार ने बताया पुलिस कर्मचारी शहर के प्रमुख चौकों पर खड़े होकर केवल चालान करते हैं। लेकिन जाम से परेशान लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते है। उन्होंने बताया कि बाजारों में बाहर निकलना व बाजार के अंदर जाना मुश्किल हो गया है। वहां पर कोई पुलिसकर्मी वाहनों को साइड में खड़ा करवाने तक की जहमत नहीं उठाता।
शहर में इन स्थानों पर लगता है जाम
शहर में अंबाला रोड, पिहोवा चौक, विदक्यार रोड, राजकीय कन्या स्कूल के सामने, नरवानियां बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, जनता मार्केट, कबूतर चौक, न्यू करनाल रोड, छात्रावास रोड, पुराना बस स्टैंड पर पूरा दिन जाम की स्थिति बनती है।
पीली पट्टी का काम अधूरा
करीब पांच साल पहले शहर की मुख्य सड़कों पर पीली पट्टी लगाए जाने का फैसला हुआ था। ताकि वाहनों को इस पट्टी के अंदर ही सड़कों पर खड़ा किया जा सके। आज तक यह पट्टी सड़कों पर नहीं लग पाई है। जिस कारण जहां मर्जी सड़क पर बीचों-बीच वाहन खड़ा कर दिया जाता है।
नोटबंदी में बुरा हाल था, अब भी नहीं सुधरे हालात
नोटबंदी के दौरान बैंकों में चूंकि लोगों की भीड़ उमड़ी थी। अभी भी हालात नहीं सुधरे। नोटबंदी के बाद बैंकों की लाइन तो छंट गई। लेकिन बैंकों के बाहर सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों की स्थिति में कोई अंतर नहीं आया है।
यहीं से गुजरते हैं अधिकतर अधिकारी
शहर के सबसे व्यस्त चौक पिहोवा चौक के निकट स्थित बैंक के बाहर दिन भर लोगों की भीड़ उमड़ती है। यहीं से लोक निर्माण विभाग से लेकर लघु सचिवालय आने-जाने वाले अधिकतर अधिकारी व नेता भी गुजरते हैं। लेकिन वाहनों के कारण होने वाली परेशानी की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
जो भी पूछना है पीआरओ से पूछिए
ट्रैफिक एसएचओ दीपक कुमार ने बताया कि अगर कुछ पूछना है तो पीआरओ से आप जानकारी ले सकते हैं। यातायात पुलिस के पास सड़कों के बीच से वाहन उठाने के लिए कोई अगर उपकरण है तो उसकी जानकारी ऑफिस से मिलेगी। बैंकों के बाहर व चौक-चौराहों पर पुलिस की ड्यूटी रहती है।