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चार साल पहले सीएम द्वारा फोरलेन की गई घोषणा, पेड़ काटने तक का काम नहीं हुआ शुरू
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road forlene
- फोटो : Kaithal
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मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब चार वर्ष बीतने के बाद भी शहर में अंबाला रोड पर ड्रेन से लेकर दिल्ली पब्लिक स्कूल तक फोरलेन का कार्य अधर में लटका पड़ा है। इसका बड़ा कारण सड़क के दोनों तरफ पेड़ों की कटाई न होना है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि जब तक सड़क के दोनों तरफ पेड़ हैं, तब तक वे कार्य शुरू नहीं कर सकते। वहीं वन विभाग का कहना है कि पेड़ों की कटाई की प्रथम स्टेज क्लीयर हो गई है, जब लोक निर्माण विभाग इसकी लागत राशि विभाग के पास जमा करवाएगा, तभी कटाई का कार्य शुरू हो सकेगा। ऐसे में दोनों विभागों की लेटलतीफी वाहन चालकों के लिए परेशानी बन रही है।
अंबाला की ओर जाने वाली यह सड़क है अति महत्वपूर्ण -अंबाला की ओर जाने वाली यह सड़क अति महत्वपूर्ण है। बाईपास बन जाने के बाद इस सड़क के निर्माण का एलान किया गया था। यह अभी कम चौड़ी है। जिस कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं।
करीब 22 करोड़ से होनी है सड़कफोरलेन - चार किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन करने पर 22 करोड़ रुपये की खर्च किए जान हैं। इसकी घोषणा वर्ष 2016-17 में सीएम अनाउंसमेंट के तहत की गई थी। इससे पहले शहर के पिहोवा चौक से लेकर ड्रेन तक की सड़क को तो फोरलने किया जा चुका है, लेकिन इससे आगे का भाग अभी तो पहले की तरह ही है।
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क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए वन विभाग को नहीं मिली थी जगह- जिस समय सड़क की फोरलेनिंग की घोषणा हुई, उसी समय संबंधित विभागों को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश जारी किए गए थे। बता दें कि जब वन विभाग द्वारा किसी सड़क पर पेड़ों की कटाई की जाती है तो कटाई के अनुसार पौधे जिले में किसी दूसरे स्थान पर रोपित करने पड़ते हैं। जब सड़क की घोषणा हुई उसके कुछ समय बाद ही वन विभाग ने क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए जिले में जगह तलाशनी शुरू कर दी थी। सालों बाद अब विभाग को पौधरोपण के लिए जगह तो मिल गई, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी द्वारा मौजूदा पेड़ों की कटाई की लागत राशि अभी तक जमा नहीं करवाई गई है।
सड़क के दोनों तरफ काटे जाने हैं करीब दो हजार पेड़- सड़क के फोरलेनिंग के लिए करीब दो हजार पेड़ों को काटा जाना है। सड़क के संबंध में अभी तक कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। यह सड़क शहर से होकर आगे नेशनल हाईवे 152 पर मिलती है। शहर से होकर जाने वाले वाहन ज्यादातर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। हिसार व जींद की तरफ से आने वाले भारी वाहन ही शहर के बाहर एनएच से होकर जाते हैं।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन कुलदीप चंद ने बताया कि पेड़ों की कटाई के लिए राशि जमा करवाने की सूचना उनके पास आई है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जल्द ही वन विभाग को पेड़ों की कटाई की राशि जमा करवाई जाएगी। उसके बाद तुरंत सड़क निर्माण की अन्य प्रक्रिया शुरू की जाएंगी।
डीएफओ राजीव तेजयन ने बताया कि पहले पेड़ लगाने की जगह न मिलने के कारण दिक्कत थी। जिले से बाहर जगह मिल गई है। अब पेड़ काटने की राशि जमा करवाने के बारे में पीडब्ल्यूडी को अवगत करवाया गया है। राशि का भुगतान ऑनलाइन होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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अंबाला की ओर जाने वाली यह सड़क है अति महत्वपूर्ण -अंबाला की ओर जाने वाली यह सड़क अति महत्वपूर्ण है। बाईपास बन जाने के बाद इस सड़क के निर्माण का एलान किया गया था। यह अभी कम चौड़ी है। जिस कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं।
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करीब 22 करोड़ से होनी है सड़कफोरलेन - चार किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन करने पर 22 करोड़ रुपये की खर्च किए जान हैं। इसकी घोषणा वर्ष 2016-17 में सीएम अनाउंसमेंट के तहत की गई थी। इससे पहले शहर के पिहोवा चौक से लेकर ड्रेन तक की सड़क को तो फोरलने किया जा चुका है, लेकिन इससे आगे का भाग अभी तो पहले की तरह ही है।
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क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए वन विभाग को नहीं मिली थी जगह- जिस समय सड़क की फोरलेनिंग की घोषणा हुई, उसी समय संबंधित विभागों को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश जारी किए गए थे। बता दें कि जब वन विभाग द्वारा किसी सड़क पर पेड़ों की कटाई की जाती है तो कटाई के अनुसार पौधे जिले में किसी दूसरे स्थान पर रोपित करने पड़ते हैं। जब सड़क की घोषणा हुई उसके कुछ समय बाद ही वन विभाग ने क्षतिपूर्ति पौधरोपण के लिए जिले में जगह तलाशनी शुरू कर दी थी। सालों बाद अब विभाग को पौधरोपण के लिए जगह तो मिल गई, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी द्वारा मौजूदा पेड़ों की कटाई की लागत राशि अभी तक जमा नहीं करवाई गई है।
सड़क के दोनों तरफ काटे जाने हैं करीब दो हजार पेड़- सड़क के फोरलेनिंग के लिए करीब दो हजार पेड़ों को काटा जाना है। सड़क के संबंध में अभी तक कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। यह सड़क शहर से होकर आगे नेशनल हाईवे 152 पर मिलती है। शहर से होकर जाने वाले वाहन ज्यादातर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। हिसार व जींद की तरफ से आने वाले भारी वाहन ही शहर के बाहर एनएच से होकर जाते हैं।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन कुलदीप चंद ने बताया कि पेड़ों की कटाई के लिए राशि जमा करवाने की सूचना उनके पास आई है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जल्द ही वन विभाग को पेड़ों की कटाई की राशि जमा करवाई जाएगी। उसके बाद तुरंत सड़क निर्माण की अन्य प्रक्रिया शुरू की जाएंगी।
डीएफओ राजीव तेजयन ने बताया कि पहले पेड़ लगाने की जगह न मिलने के कारण दिक्कत थी। जिले से बाहर जगह मिल गई है। अब पेड़ काटने की राशि जमा करवाने के बारे में पीडब्ल्यूडी को अवगत करवाया गया है। राशि का भुगतान ऑनलाइन होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।