{"_id":"6a8b33ecb9c3d9e9a30db8b4","slug":"riddhima-won-a-gold-medal-at-the-dav-state-games-held-in-sonipat-kaithal-news-c-245-1-kht1014-154163-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: रिद्धिमा ने सोनीपत में हुई डीएवी स्टेट गेम्स में जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: रिद्धिमा ने सोनीपत में हुई डीएवी स्टेट गेम्स में जीता स्वर्ण पदक
विज्ञापन
बॉक्सिंग खिलाड़ी रिद्धिमा। पिता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। हौसला बड़ा हो तो उम्र और परिस्थितियां कभी रास्ते की बाधा नहीं बनती। कैथल की युवा मुक्केबाज और ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा रिद्धिमा रापड़िया ने बॉक्सिंग रिंग में अपनी मेहनत और प्रतिभा का एक बार फिर लोहा मनवाया है। सोनीपत में डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में आयोजित डीएवी स्टेट गेम्स में रिद्धिमा ने अंडर-17 के 66-70 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले वे 2025 में डीएवी स्टेट गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वहीं वर्ष 2025 में हरियाणा स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में अंडर-19 वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। रिद्धिमा अपनी सफलताओं का श्रेय वरिष्ठ कोच राजिंद्र सिंह, कोच विक्रम ढुल और कोच गुरमीत सिंह को देती हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से उन्हें लगातार बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी चमका नाम
रिद्धिमा ने इसी वर्ष 23 से 30 मई तक लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर में आयोजित बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता था।
विज्ञापन
सुबह-शाम चार से पांच घंटे करती हैं अभ्यास
रिद्धिमा की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। वह आरकेएसडी खेल स्टेडियम में नियमित बॉक्सिंग का अभ्यास करती हैं। सुबह करीब दो घंटे और शाम को दो से तीन घंटे तक प्रशिक्षण लेती हैं।
भाई को देखकर शुरू किया बॉक्सिंग का सफर
रिद्धिमा के परिवार में पहले किसी ने खेलों को कॅरिअर के रूप में नहीं अपनाया था। उसने अपने छोटे भाई को बॉक्सिंग करते देखा और इसी से प्रेरित होकर खुद भी इस खेल में कदम रखा। शुरुआत में शौक के तौर पर शुरू हुआ यह सफर अब लगातार उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है। रिद्धिमा के पिता रजत रापड़िया व्यवसायी हैं और माता पूनम गृहिणी हैं। परिवार ने बेटी के खेल को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया है। रिद्धिमा की उपलब्धियां उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं जो पढ़ाई के साथ खेलों में भी अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। लगातार पदकों के साथ अब रिद्धिमा की नजर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने पर है।
विज्ञापन
इससे पहले वे 2025 में डीएवी स्टेट गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वहीं वर्ष 2025 में हरियाणा स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में अंडर-19 वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। रिद्धिमा अपनी सफलताओं का श्रेय वरिष्ठ कोच राजिंद्र सिंह, कोच विक्रम ढुल और कोच गुरमीत सिंह को देती हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से उन्हें लगातार बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्तर पर भी चमका नाम
रिद्धिमा ने इसी वर्ष 23 से 30 मई तक लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर में आयोजित बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता था।
विज्ञापन
सुबह-शाम चार से पांच घंटे करती हैं अभ्यास
रिद्धिमा की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। वह आरकेएसडी खेल स्टेडियम में नियमित बॉक्सिंग का अभ्यास करती हैं। सुबह करीब दो घंटे और शाम को दो से तीन घंटे तक प्रशिक्षण लेती हैं।
भाई को देखकर शुरू किया बॉक्सिंग का सफर
रिद्धिमा के परिवार में पहले किसी ने खेलों को कॅरिअर के रूप में नहीं अपनाया था। उसने अपने छोटे भाई को बॉक्सिंग करते देखा और इसी से प्रेरित होकर खुद भी इस खेल में कदम रखा। शुरुआत में शौक के तौर पर शुरू हुआ यह सफर अब लगातार उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है। रिद्धिमा के पिता रजत रापड़िया व्यवसायी हैं और माता पूनम गृहिणी हैं। परिवार ने बेटी के खेल को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया है। रिद्धिमा की उपलब्धियां उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं जो पढ़ाई के साथ खेलों में भी अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। लगातार पदकों के साथ अब रिद्धिमा की नजर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने पर है।

बॉक्सिंग खिलाड़ी रिद्धिमा। पिता