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Kaithal News: बिना बोली के धान खरीद रहे राइस मिल मालिक, किसानों में रोष
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मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से बातचीत करते हुए भाकियू चढूनी के पदाधिकारी। विज्ञप्ति
गुहला-चीका। हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की खरीद के लिए किसानों में भारी रोष है। किसानों का आरोप है कि राइस मिल मालिक सरकारी बोली लगाए बिना ही मिलकर धान की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली व जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी ने किसानों के साथ बुधवार को अनाज मंडी चीका स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मंडी सचिव सतबीर राविश से मिल कर रोष व्याप्त किया। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि इस बार धान की फसल अच्छी हुई है लेकिन मिल मालिक किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नियम के अनुसार धान की खरीद खुली बोली से होनी चाहिए। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को धान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1509 किस्म का रेट 4000 रुपये है लेकिन 3800-3700 रुपये में खरीदा जा रहा है।
किसानों ने कहा कि अगर कोई बाहरी व्यापारी ज्यादा बोली लगाता है, तो उसे धमका कर भगा दिया जाता है। किसानों ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि कई बार शिकायत की लेकिन कोई अधिकारी मंडी में बोली के समय नहीं आता। बोली रजिस्टर में भी सिर्फ एक ही रेट लिखा जाता है। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो किसान सड़क पर उतरेगा। अभी मंडी में करीब कई हजार क्विंटल धान रोज आ रहा है। किसानों को डर है कि अगर अभी धान नहीं बिका तो बरसात में फसल खराब हो जाएगी और नुकसान और बढ़ जाएगा।
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बिना खुली बोली के धान की एक भी ढेरी नहीं खरीदी जाएगी। नियम तोड़ने वाले का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, किसानों से अपील है कि अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो लिखित में शिकायत दें, तुरंत कार्रवाई होगी।
- सतबीर राविश, सचिव, मार्केट कमेटी चीका।
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली व जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी ने किसानों के साथ बुधवार को अनाज मंडी चीका स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मंडी सचिव सतबीर राविश से मिल कर रोष व्याप्त किया। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि इस बार धान की फसल अच्छी हुई है लेकिन मिल मालिक किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नियम के अनुसार धान की खरीद खुली बोली से होनी चाहिए। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को धान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1509 किस्म का रेट 4000 रुपये है लेकिन 3800-3700 रुपये में खरीदा जा रहा है।
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किसानों ने कहा कि अगर कोई बाहरी व्यापारी ज्यादा बोली लगाता है, तो उसे धमका कर भगा दिया जाता है। किसानों ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि कई बार शिकायत की लेकिन कोई अधिकारी मंडी में बोली के समय नहीं आता। बोली रजिस्टर में भी सिर्फ एक ही रेट लिखा जाता है। चमकौर बनेड़ा ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो किसान सड़क पर उतरेगा। अभी मंडी में करीब कई हजार क्विंटल धान रोज आ रहा है। किसानों को डर है कि अगर अभी धान नहीं बिका तो बरसात में फसल खराब हो जाएगी और नुकसान और बढ़ जाएगा।
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बिना खुली बोली के धान की एक भी ढेरी नहीं खरीदी जाएगी। नियम तोड़ने वाले का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, किसानों से अपील है कि अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो लिखित में शिकायत दें, तुरंत कार्रवाई होगी।
- सतबीर राविश, सचिव, मार्केट कमेटी चीका।

मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से बातचीत करते हुए भाकियू चढूनी के पदाधिकारी। विज्ञप्ति

मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से बातचीत करते हुए भाकियू चढूनी के पदाधिकारी। विज्ञप्ति

मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश से बातचीत करते हुए भाकियू चढूनी के पदाधिकारी। विज्ञप्ति