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Kaithal News: जवाब न देने पर स्पष्टीकरण के लिए स्कूलों को रिमाइंडर
Thu, 20 Apr 2023 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Apr 2023 01:57 AM IST
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कैथल। पुस्तकों, दाखिला शुल्क, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र, नियमों के खिलाफ चलकर छोटे बच्चों की कक्षाएं लगाने के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से 12 निजी स्कूलों को जारी नोटिस की समयसीमा बुधवार को खत्म हो गई। इसके बावजूद अभी तक कुछ स्कूलों ने न तो विभाग को कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया और न ही विभाग ने स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है।
पांच दिन बाद फिर से विभाग ने इन स्कूलों को स्पष्टीकरण देने का रिमाइंडर जारी किया है। अब तीन दिन में सभी स्कूलों को स्पष्टीकरण देना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
गौरतलब है कि स्कूलों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर बीते सप्ताह जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान 12 निजी स्कूलों सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते पाए गए। स्कूलों के पास न तो फायर सेफ्टी, इमारत सुरक्षा प्रमाण व सफाई प्रमाण पत्र पाए गए और न ही एनसीईआरटी की पुस्तकें मिली। जिन कक्षाओं की अनुमति नहीं, वे कक्षाएं भी स्कूलों में लगी मिली। स्कूल दाखिले के नाम पर मोटा शुल्क वसूल करते मिले।
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यहां तक कि इन स्कूलों के स्टाफ को दिए जाने वाले वेतन व अन्य सुविधाओं का रिकॉर्ड तक दुरुस्त नहीं पाया गया। स्कूलों द्वारा दाखिला खारिज रजिस्टर भी विभाग से बंद नहीं करवाया गया था। उस दौरान डीईओ ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर पांच दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए थे। अभी तक कई स्कूलों की ओर से विभाग को कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि स्कूलों को स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का रिमाइंडर भेजा है। अगर इस समय अवधि में सभी स्कूलों ने कोई संतोषजनक नहीं दिया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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पांच दिन बाद फिर से विभाग ने इन स्कूलों को स्पष्टीकरण देने का रिमाइंडर जारी किया है। अब तीन दिन में सभी स्कूलों को स्पष्टीकरण देना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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गौरतलब है कि स्कूलों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर बीते सप्ताह जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान 12 निजी स्कूलों सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते पाए गए। स्कूलों के पास न तो फायर सेफ्टी, इमारत सुरक्षा प्रमाण व सफाई प्रमाण पत्र पाए गए और न ही एनसीईआरटी की पुस्तकें मिली। जिन कक्षाओं की अनुमति नहीं, वे कक्षाएं भी स्कूलों में लगी मिली। स्कूल दाखिले के नाम पर मोटा शुल्क वसूल करते मिले।
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यहां तक कि इन स्कूलों के स्टाफ को दिए जाने वाले वेतन व अन्य सुविधाओं का रिकॉर्ड तक दुरुस्त नहीं पाया गया। स्कूलों द्वारा दाखिला खारिज रजिस्टर भी विभाग से बंद नहीं करवाया गया था। उस दौरान डीईओ ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर पांच दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए थे। अभी तक कई स्कूलों की ओर से विभाग को कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि स्कूलों को स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का रिमाइंडर भेजा है। अगर इस समय अवधि में सभी स्कूलों ने कोई संतोषजनक नहीं दिया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।