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229 लोगों को एक साथ भूमि देने की सिफारिश, बाबा लदाना के ग्रामीणों में जगी आस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 02:21 AM IST
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Recommendation to give land to 229 people together, the villagers of Baba Ladana raised hope
कैथल। सरकार द्वारा वर्ष 2008-09 में शुरू की गई महात्मा गांधी गरीब बस्ती योजना में 14 साल बाद भी सौ-सौ गज के प्लाट न मिलने के कारण नौ माह से धरने पर बैठे गांव बाबा लदाना के लोगों की मेहनत रंग ला रही है। मामले में चल रही जांच की रिपोर्ट से गांव के 229 लोगों को एक साथ प्लाट मिलने की उम्मीद जगी है। इस संबंध में डीसी प्रदीप दहिया ने तत्कालीन सरपंच, पंच व ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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गांव वासी रामकरण, देवराज सहित अन्य ने बताया कि पहले पंचायत ने उन्हें गांव में जहां पर जगह दी थी। उस जगह को मार्केटिंग बोर्ड को दे दिया गया। जब यहां गोदाम बनने शुरू हुए तो उन्हें इस बात की जानकारी मिली। उन्होंने काम रुकवा दिया और पिछले सात माह से धरने पर हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मांग के बाद डीसी ने तत्कालीन सीटीएम एवं इस समय डिप्टी सीईओ जिला परिषद अमित कुमार को जांच सौंपी थी, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है।
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जांच अधिकारी तत्कालीन सीटीएम एवं इस समय जिला परिषद के डिप्टी सीईओ अमित खोखर ने बताया कि वर्ष 2009 में 229 लोगों को खसरा नंबर 25 व 26 में प्लाट देने का प्रस्ताव डाला गया था, जिसमें से काफी लोगों की रजिस्टरी भी करवा दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में इसी जमीन को मार्केटिंग बोर्ड को देने का प्रस्ताव डाल दिया गया। इसके बाद दूसरी जगह 95 प्लाट दे दिए गए। जांच में पाया गया है कि तत्कालीन सरपंच सुरेश, संबंधित पंच व ग्राम सचिव की लापरवाही से लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया। अब इन लोगों को एक जगह पर 229 प्लाट देने की सिफारिश की गई है।
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डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके अनुसार तत्कालीन सरपंच, पंच व ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इन लोगों को एक जगह प्लाट दिए जाएंगे, ताकि उन्हें बिजली, पानी व अन्य सुविधाएं दी जा सकें।

ये है योजना की जिले में स्थिति
वर्ष 2008-09 में शुरू हुई योजना के बाद जिले के 283 गांवों में से 9 गांवों के लोगों ने आवेदन ही नहीं किया। 37 ऐसे गांव थे, जिनमें जगह नहीं मिली। इन गांवों के लोगों के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। शेष गांवों में पूरे जिले में 18532 परिवार पात्र पाए गए थे, जिनमें से 18315 की संख्या में प्लाट आवंटित किए जाने थे। इनमें से पिछले 14 सालों में सरकार द्वारा 15625 प्लॉट दिए जा सके हैं। 28 गांवों में पात्र परिवारों को 2707 प्लाट आज तक आवंटित नहीं किए जा सके हैं। अब गांव पाई सहित कई गांवों में प्लाट मिलने की उम्मीद जगी है।
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