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तहसील कार्यालय में घटी रोजाना होने वाली रजिस्ट्रियों की संख्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:08 AM IST
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तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रियों की संख्या एक बार फिर से घट गई है। जिसका कारण नए सॉफ्टवेयर में बदलाव हैं। नया साफ्टवेयर आने से पहले जहां रोजाना 100 से ज्यादा रजिस्ट्ररी तहसील कार्यालय में होती थी, अब उनकी प्रतिदिन की संख्या घटकर 50 से 55 के बीच रह गई है। ऑनलाइन रजिस्टरी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को लेकर भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। कई बार ग्रामीण क्षेत्र की रजिस्टरी को भी शहरी क्षेत्र में दिखाया जाता है, जो रजिस्टरी वाले व्यक्ति और कर्मियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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तीन पट्टियां की जमीन बनी कर्मचारियों के लिए सिरदर्द- कैथल शहर की तीन पट्टियां की जमीन रजिस्टरी करवाने वालों और कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मियों के लिए सिरदर्द बन रही हैं। गौरतलब है कि कैथल में तीन पट्टियों में पट्टी डोगर, पट्टी खोत और पट्टी अफगान का नाम आता है। इन पट्टियों में ज्यादातर शहरी क्षेत्र की रजिस्टरी होती हैं, लेकिन अगर रजिस्टरी ग्रामीण क्षेत्र की हो तो उसे भी नए साफ्टवेयर पर शहरी क्षेत्र में दिखाता है। इसके लिए कर्मियों को पहले ग्रामीण क्षेत्र में होने के दस्तावेज जांचने पड़ रहे हैं।
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हुडा व सनसिटी की प्रापर्टी में भी मांगी जा रही असेसमेंट- हालांकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व सनसिटी जैसे क्षेत्र की रजिस्टरी नगर पालिका क्षेत्र के अधीन नहीं आती हैं, लेकिन यहां की प्रापर्टी में भी नगर परिषद से असेसमेंट मांगी जा रही है, जिसके लिए रजिस्टरी करवाने वाले व्यक्ति को नप कार्यालय में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अगर ये दस्तावेज पूरे हो तो कर्मचारियों द्वारा लोगों को पहले नप से असेसमेंट बनवाने की सलाह दी जाती है। उसके बाद कार्य को आगे बढ़ाया जाता है।
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रोजाना दो से तीन लाख का राजस्व हो रहा प्रभावित- रजिस्टरी की संख्या रोजाना कम होने के कारण संबंधित कार्यालय द्वारा प्राप्त होने वाला रोजाना का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। जब रजिस्टरी रोजाना 80 से ज्यादा होती थी, तब रोजाना पांच से छह लाख रुपये तक तहसील कार्यालय में राजस्व होता था। अब रोजाना केवल दो से तीन लाख रुपये ही प्राप्त होते हैं। ऐसे में रोजाना करीब तीन लाख रुपये का राजस्व प्रभावित हो रहा है।
कार्यालय सहित बाहर से भी लिए जा रहे टोकन- तहसील कार्यालय सहित बाहर से भी रजिस्टरी करवाने के लिए टोकन लिए जा रहे हैं। जितनी रजिस्टरी होती हैं, उतने ही टोकन रोजाना दिए जा रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक कार्य लगातार किया जा रहा है।

कैथल तहसीलदार सुदेश मैहरा ने बताया कि रजिस्ट्रियों की संख्या पहले से कम है। ज्यादा दिक्कतें शहर की तीन पट्टियों को लेकर आ रही हैं। फिर भी जो लोग रोजाना अपने कार्य से तहसील कार्यालय में आ रहे हैं, उनके कार्य हो रहे हैं। पूर्ण जांच पड़ताल के साथ रजिस्टरी से संबंधित काय किया जा रहा है।
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