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साफ नीयत रखें खरीद एजेंसी : प्रधान
Sat, 05 Oct 2024 03:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 05 Oct 2024 03:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पीआर धान की खरीद के संदर्भ में मंडी एसोसिएशन ढांड की बैठक प्रधान नरेश सहारण की अध्यक्षता में उनके प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई। इसमें आढ़तियों ने ने पीआर धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद न किए जाने की बात रखी। इस पर प्रधान ने आढ़तियों को कहा कि जब तक सरकारी खरीद एजेंसियां साफ नीयत से धान खरीदने के लिए तैयार नहीं होती है, तब तक मंडी में यह समस्या बरकरार रहेगी क्योंकि राइस मिलर हड़ताल पर है।
उनका कहना था कि खरीद एजेंसियां राइस मिलरों की हड़ताल का बहाना लगा रही है। अगर खरीद एजेंसियां खरीदे गए माल का उठान का करने व निश्चित समय पर किसानों के खाते में पेमेंट डालने का लिखित रूप से आश्वासन दें तो समस्या एक मिंट में हल हो जाएगी लेकिन खरीद एजेंसियां केवल सरकारी मानकों पर खरा उतरने वाले माल को खरीदने की बात तो कहती है, खरीदने के पश्चात सरकारी मानकों के हिसाब से उसका उठान व भुगतान की बात से पीछे हट जाती है। ऐसे में उठान और भुगतान के लिए जिम्मेदार कौन होगा?
उन्होंने कहा कि धान बिक जाने के बाद किसान तो उसका भुगतान आढ़ती से मांगेगा, लेकिन वास्तव में भुगतान तो माल के उठान के बाद ही सरकार किसानों के खाते में डालने का काम करेगी। मंडी प्रधान ने राइस मिलर्स एसोसिएशन से मांग की है कि किसान हित को ध्यान में रखते हुए खरीद में सहयोग करें। जिससे किसानों को परेशानियों से बचाया जा सके।
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ढांड। पीआर धान की खरीद के संदर्भ में मंडी एसोसिएशन ढांड की बैठक प्रधान नरेश सहारण की अध्यक्षता में उनके प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई। इसमें आढ़तियों ने ने पीआर धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद न किए जाने की बात रखी। इस पर प्रधान ने आढ़तियों को कहा कि जब तक सरकारी खरीद एजेंसियां साफ नीयत से धान खरीदने के लिए तैयार नहीं होती है, तब तक मंडी में यह समस्या बरकरार रहेगी क्योंकि राइस मिलर हड़ताल पर है।
उनका कहना था कि खरीद एजेंसियां राइस मिलरों की हड़ताल का बहाना लगा रही है। अगर खरीद एजेंसियां खरीदे गए माल का उठान का करने व निश्चित समय पर किसानों के खाते में पेमेंट डालने का लिखित रूप से आश्वासन दें तो समस्या एक मिंट में हल हो जाएगी लेकिन खरीद एजेंसियां केवल सरकारी मानकों पर खरा उतरने वाले माल को खरीदने की बात तो कहती है, खरीदने के पश्चात सरकारी मानकों के हिसाब से उसका उठान व भुगतान की बात से पीछे हट जाती है। ऐसे में उठान और भुगतान के लिए जिम्मेदार कौन होगा?
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उन्होंने कहा कि धान बिक जाने के बाद किसान तो उसका भुगतान आढ़ती से मांगेगा, लेकिन वास्तव में भुगतान तो माल के उठान के बाद ही सरकार किसानों के खाते में डालने का काम करेगी। मंडी प्रधान ने राइस मिलर्स एसोसिएशन से मांग की है कि किसान हित को ध्यान में रखते हुए खरीद में सहयोग करें। जिससे किसानों को परेशानियों से बचाया जा सके।
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