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Kaithal News: जनप्रतिनिधियों ने की कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलमार्ग के दोहरीकरण की अनदेखी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2024 05:49 AM IST
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Public representatives ignored the doubling of Kurukshetra-Narwana railway line.
कैथल। लोकसभा चुनाव की तिथि समीप आते ही चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र के मुद्दे को लेकर भी मतदाताओं में चरचा आम है। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में रेलवे के कई बड़े मुद्दे हैं, जिन पर पिछले वर्षाें से कोई बात नहीं बन पाई है। इसमें एक मुद्दा कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलमार्ग के दोहरीकरण का भी है। यदि इस मार्ग पर दोहरी करण हो तो कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के लोगों को कई नई ट्रेनें मिल सकती हैं परंतु अफसोस की बात है कि रेलवे मार्ग दोहरीकरण के मुद्दे की अब तक जनप्रतिनिधियों ने अनदेखी की है।
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विदित हो कि इस मार्ग पर ब्रांच लाइन होने के कारण यहां पर अधिक ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है जबकि यह रेल मार्ग रेलवे के लिए माल ढुलाई के कार्य में कमाई का अच्छा साधन है। इस मार्ग पर दोहरीकरण होने से एक तरफ जहां दैनिक रेल यात्रियों को फायदा मिलेगा। वहीं, व्यापार की दृष्टि में भी रेलवे को इसका खूब फायदा मिल पाएगा। कैथल जिले में चावल उद्योग बेहतर होने के चलते यहां पर प्रतिदिन दो से तीन स्पेशल गाड़ियां लगती हैं, जो केवल माल ढुलाई के तहत देश के विभिन्न इलाकों में चावल लेकर जाती हैं।
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जनसंख्या बढ़ने के बाद उठने लगी थी मांग-
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलमार्ग पर समय के अनुसार, रेल यात्रियों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2000 से पहले यहां पर रेल लाइन का दोहरीकरण के मांग की कोई जरूरत नहीं थी। क्योंकि उस समय अधिक लोग रेल में सफर नहीं करते थे परंतु अब जनसंख्या बढ़ गई है तो रेल लाइन के दोहरीकरण की जरूरत भी बन चुकी है, इसलिए आने वाले सांसद से उम्मीद रहेगी कि वे कार्यभार संभालने के बाद इस मुद्दे को संसद में जरूर उठाए।
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- सतपाल गुप्ता, चेयरमैन, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।

अब समय बदला तो चीजें भी बदलें-
कैथल क्षेत्र के लोगों को रेलवे में उम्मीद के अनुसार अभी तक इतना कुछ नहीं मिल पाया है। अब समय बदला है तो चीजें भी बदलनी चाहिए। जब कांग्रेस की सरकार थी तो उस समय वर्ष 2009 में तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने रेल लाइन के दोहरी करण की मांग को पूरा करवाने का आश्वासन तो दिया था लेकिन उस समय भी इस पर कोई बात नहीं बन पाई थी। राजनेताओं की ओर से केवल मांग उठाना ही नहीं, बल्कि उसे पूरा करवाने का भी संकल्प लेना चाहिए।

- जोगेंद्र ढुल, वाइस चेयरमैन, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।

रेल यात्रियों को होगा फायदा
नया सांसद बनने के बाद कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलमार्ग के दोहरीकरण के कार्य पर कुछ बात बनेगी तो इससे कैथल ही नहीं, बल्कि कुरुक्षेत्र जिले के रेल यात्रियों को भी फायदा मिल पाएगा। अब तक जितने भी सांसद बने हैं, उन्होंने कुछ नई रेल लाइन की मांग तो संसद में उठाई, लेकिन पहले से बनी रेल लाइन के दोहरी करण की कोई मांग नहीं उठाई है। ऐसे में यह मांग कई सालों में भी पूरी नहीं हो पाई है। इसे पूरा किया जाना अब आवश्यक प्रतीत होने लगा है।
- नीतेश, रेल यात्री, कैथल।
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