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कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने भोजन त्यागकर रखा व्रत
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protest
- फोटो : Kaithal
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अन्नदाता दिवस पर कृषि कानूनों के विरोध में जिले के किसानों ने कई जगहों पर भोजन का त्याग कर व्रत रखा। किसान संगठनों द्वारा धरने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। वहीं खेती बचाओ-देश बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किसान संयुक्त मोर्चा व अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर रिलायंस के पेट्रोल पंप जींद रोड के समक्ष धरना दिया गया। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने भी अपने-अपने स्थानों पर रहकर व्रत रखा।
भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल प्यौदा ने बताया कि 23 दिसंबर को व्रत करने की कुछ किसानों ने पहले ही घोषणा कर दी थी। उसी के चलते किसानों द्वारा व्रत रखा गया। उन्होंने बताया कि 25 से 27 दिसंबर तक किसानों द्वारा प्रदेश में टोल प्लाजा फ्री करवाए जाएंगे, जिसमें कैथल जिले में भी किसान बढ़-चढ़करभाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इन दिनों में भाकियू नेता गुरनाम चढूनी भी कैथल पहुंचेंगे। जब तक सरकार तीनों कृषि कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक वे लगातार इसका विरोध करते रहेंगे।
रिलायंस के उत्पाद नहीं खरीदने की किसानों ने की अपील-किसान संयुक्त मोर्चा व अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा रिलायंस के पेट्रोल पंप जींद रोड पर सैकड़ों किसानों व मजदूरों सहित धरना दिया गया। यह कार्यक्रम किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किया गया। अखिल भारतीय किसान सभा कैथल-कलायत के प्रधान अभे राम व महेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई खेती व खाद्य सुरक्षा को बचाने की है। इसलिए वे काले कृषि कानूनों व बिजली बिल संसोधन 2020 को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार की मंशा अंबानी-अडानी जैसे बड़े कारपोरेट को मुनाफा पहुंचना है क्योंकि भाजपा इनसे मोटा चंदा लेकर सांठ-गांठ करती है।
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धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कैथल विधायक लीलाराम के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली में किसान आंदोलन में कुछ खालिस्तान समर्थक लोग भी घुसे हैं। उन्होंने मांग की कि विधायक इस बात की किसानों से माफी मांगे। किसानों की इस मांग का समर्थन खेत मजदूर यूनियन, सीआईटीयू, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, रिटायर्ड कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों ने किया। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन से प्रदेश महासचिव शकुंतला ने किसानों का समर्थन करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
किसान बोले- अब लगातार पेट्रोल पंप पर दिया जाएगा धरना-प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि अब पंप पर किसानों द्वारा लगातार धरना दिया जाएगा। जब तक सरकार कृषि कानून को वापस नहीं लेगी, वे इन कानूनों के विरोध में डटे रहेंगे। पंप पर आने वाले उपभोक्ताओं से तेल नहीं खरीदने सहित रिलायंस के अन्य उत्पादों का भी प्रयोग नहीं करने की अपील की जाएगी।
ये रहे मौजूद-धरने पर खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव प्रेम चंद, सीटू जिला कैथल के सचिव सत्यवान, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य नेता बसाऊ राम, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, सीटू के जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश शास्त्री, बलवंत सिंह, भारतीय किसान यूनियन के नेता जसविंद्र सिंह ढुल, हवासिंह सेरधा, ईश्वर सिरोही तितरम, कर्मा बालू, देवीदयाल सौंगल, केहर सिंह तितरम, बसाऊ राम, सुखपाल मालिक खुराना, जयप्रकाश, अजमेर तितरम व मुन्नी देवी मौजूद थे।
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भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल प्यौदा ने बताया कि 23 दिसंबर को व्रत करने की कुछ किसानों ने पहले ही घोषणा कर दी थी। उसी के चलते किसानों द्वारा व्रत रखा गया। उन्होंने बताया कि 25 से 27 दिसंबर तक किसानों द्वारा प्रदेश में टोल प्लाजा फ्री करवाए जाएंगे, जिसमें कैथल जिले में भी किसान बढ़-चढ़करभाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इन दिनों में भाकियू नेता गुरनाम चढूनी भी कैथल पहुंचेंगे। जब तक सरकार तीनों कृषि कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक वे लगातार इसका विरोध करते रहेंगे।
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रिलायंस के उत्पाद नहीं खरीदने की किसानों ने की अपील-किसान संयुक्त मोर्चा व अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा रिलायंस के पेट्रोल पंप जींद रोड पर सैकड़ों किसानों व मजदूरों सहित धरना दिया गया। यह कार्यक्रम किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किया गया। अखिल भारतीय किसान सभा कैथल-कलायत के प्रधान अभे राम व महेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई खेती व खाद्य सुरक्षा को बचाने की है। इसलिए वे काले कृषि कानूनों व बिजली बिल संसोधन 2020 को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार की मंशा अंबानी-अडानी जैसे बड़े कारपोरेट को मुनाफा पहुंचना है क्योंकि भाजपा इनसे मोटा चंदा लेकर सांठ-गांठ करती है।
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धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कैथल विधायक लीलाराम के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली में किसान आंदोलन में कुछ खालिस्तान समर्थक लोग भी घुसे हैं। उन्होंने मांग की कि विधायक इस बात की किसानों से माफी मांगे। किसानों की इस मांग का समर्थन खेत मजदूर यूनियन, सीआईटीयू, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, रिटायर्ड कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों ने किया। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन से प्रदेश महासचिव शकुंतला ने किसानों का समर्थन करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
किसान बोले- अब लगातार पेट्रोल पंप पर दिया जाएगा धरना-प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि अब पंप पर किसानों द्वारा लगातार धरना दिया जाएगा। जब तक सरकार कृषि कानून को वापस नहीं लेगी, वे इन कानूनों के विरोध में डटे रहेंगे। पंप पर आने वाले उपभोक्ताओं से तेल नहीं खरीदने सहित रिलायंस के अन्य उत्पादों का भी प्रयोग नहीं करने की अपील की जाएगी।
ये रहे मौजूद-धरने पर खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव प्रेम चंद, सीटू जिला कैथल के सचिव सत्यवान, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य नेता बसाऊ राम, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, सीटू के जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश शास्त्री, बलवंत सिंह, भारतीय किसान यूनियन के नेता जसविंद्र सिंह ढुल, हवासिंह सेरधा, ईश्वर सिरोही तितरम, कर्मा बालू, देवीदयाल सौंगल, केहर सिंह तितरम, बसाऊ राम, सुखपाल मालिक खुराना, जयप्रकाश, अजमेर तितरम व मुन्नी देवी मौजूद थे।