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Kaithal News: महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर निकली शोभायात्रा, गूंजे जयकारे
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महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। नगर में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दाैरान वाल्मीकि समाज ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें कलायत के विधायक विकास सहारण मुख्य अतिथि रहे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद शोभायात्रा रवाना हुई, जो नगर की मुख्य गलियों से होकर गुजरी। श्रद्धालु महर्षि वाल्मीकि के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। शोभायात्रा में उनके जीवन और शिक्षाओं पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। महाराणा प्रताप चौक पर भगवान परशुराम सेवा दल की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और जलजीरा वितरित किया गया।
शोभायात्रा के मार्ग में लोगों ने पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की। युवाओं ने आयोजन में सहयोग देने के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी योगदान दिया। समाज के लोगों ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और मानवता का संदेश दिया। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा मंदिर परिसर में पहुंची, जहां पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
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राजौंद। नगर में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दाैरान वाल्मीकि समाज ने शोभायात्रा निकाली, जिसमें कलायत के विधायक विकास सहारण मुख्य अतिथि रहे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद शोभायात्रा रवाना हुई, जो नगर की मुख्य गलियों से होकर गुजरी। श्रद्धालु महर्षि वाल्मीकि के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। शोभायात्रा में उनके जीवन और शिक्षाओं पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। महाराणा प्रताप चौक पर भगवान परशुराम सेवा दल की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और जलजीरा वितरित किया गया।
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शोभायात्रा के मार्ग में लोगों ने पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की। युवाओं ने आयोजन में सहयोग देने के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी योगदान दिया। समाज के लोगों ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और मानवता का संदेश दिया। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा मंदिर परिसर में पहुंची, जहां पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
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