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Kaithal News: गंदे पानी के रिसाव से बढ़ीं दिक्कतें
Sat, 21 Dec 2024 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:56 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में एक करोड़ रुपये से अधिक के बजट से कंकरीट से पक्की की जा रही कपिल मुनि ड्रेन में ट्रायल से पहले जगह-जगह गंदे पानी के रिसाव का मामला सिंचाई विभाग के लिए परेशानी बन रहा है। योजना कार्य पर ड्रेन के आसपास रहने वाले लोग और समाज सेवी संगठन निरंतर जांच की मांग उठा रहे हैं।
जय भगवान, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार और दूसरे लोगों का कहना है कि योजना को मजबूती देने की बजाए लीपापोती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब कवर्ड ड्रेन के अंदर पलस्टर ही नहीं है तो बाहर पलस्तर का क्या लाभ। कई दिन से ओवरफ्लो ड्रेन टूटने के कगार पर है।
आरोप लगाते हुए कहा कि जगह-जगह से जमीन धंस चुकी है और ड्रेन के अंदर से पानी का रिसाव नहीं रुक रहा। रिसाव को रोकने के लिए अब सिंचाई विभाग ने लीपा पोती शुरू कर दी है। इस ड्रेन का निर्माण कंकरीट से किया गया है लेकिन इसके अंदर व बाहर पलस्तर नहीं किया गया। न ही सुरक्षा की दृष्टि से मिट्टी का सहारा ड्रेन को पटरी के माध्यम से दिया जा रहा। ड्रेन में रिसाव के कारण पानी और गंदगी आसपास के इलाकों में फैल रही है। जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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अब प्रशासन ने इसे सुधारने के लिए अस्थायी उपायों के तहत लीपापोती करना शुरू कर दिया है। यह समाधान स्थायी नहीं माना जा रहा है।
जन समस्या का निवारण करेंगे ः कैथल सिंचाई विभाग के एसई मंगत राम गर्ग ने बताया कि कलायत में कपिल मुनि ड्रेन मेें जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यह स्थिति बनी है। इस संदर्भ में जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता से प्रक्रिया को सुधारने के लिए संपर्क किया जा रहा है। जन समस्या का हर स्तर पर निवारण होगा।
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कलायत। कलायत में एक करोड़ रुपये से अधिक के बजट से कंकरीट से पक्की की जा रही कपिल मुनि ड्रेन में ट्रायल से पहले जगह-जगह गंदे पानी के रिसाव का मामला सिंचाई विभाग के लिए परेशानी बन रहा है। योजना कार्य पर ड्रेन के आसपास रहने वाले लोग और समाज सेवी संगठन निरंतर जांच की मांग उठा रहे हैं।
जय भगवान, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार और दूसरे लोगों का कहना है कि योजना को मजबूती देने की बजाए लीपापोती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब कवर्ड ड्रेन के अंदर पलस्टर ही नहीं है तो बाहर पलस्तर का क्या लाभ। कई दिन से ओवरफ्लो ड्रेन टूटने के कगार पर है।
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आरोप लगाते हुए कहा कि जगह-जगह से जमीन धंस चुकी है और ड्रेन के अंदर से पानी का रिसाव नहीं रुक रहा। रिसाव को रोकने के लिए अब सिंचाई विभाग ने लीपा पोती शुरू कर दी है। इस ड्रेन का निर्माण कंकरीट से किया गया है लेकिन इसके अंदर व बाहर पलस्तर नहीं किया गया। न ही सुरक्षा की दृष्टि से मिट्टी का सहारा ड्रेन को पटरी के माध्यम से दिया जा रहा। ड्रेन में रिसाव के कारण पानी और गंदगी आसपास के इलाकों में फैल रही है। जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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अब प्रशासन ने इसे सुधारने के लिए अस्थायी उपायों के तहत लीपापोती करना शुरू कर दिया है। यह समाधान स्थायी नहीं माना जा रहा है।
जन समस्या का निवारण करेंगे ः कैथल सिंचाई विभाग के एसई मंगत राम गर्ग ने बताया कि कलायत में कपिल मुनि ड्रेन मेें जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यह स्थिति बनी है। इस संदर्भ में जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता से प्रक्रिया को सुधारने के लिए संपर्क किया जा रहा है। जन समस्या का हर स्तर पर निवारण होगा।