{"_id":"7e92a3851799b3f151d693d526307554","slug":"problems-in-kaman-patti-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास से अछूती जाखौली की कमान पट्टी में समस्याओं का अंबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास से अछूती जाखौली की कमान पट्टी में समस्याओं का अंबार
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अन्य गांवों की तरह से जाखौली गांव की कमान पट्टी में भी पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाओं का जोर जारी है। विकास को लेकर तरस रहे गांव की कमान पट्टी में लोगों को इस बार समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।
इस पट्टी की आबादी लगभग 6 हजार के पास है और 3500 मतदाता हैं। कमान पट्टी में 13 वार्ड है। अब कि बार इस पट्टी की कमान आरक्षित जाति की महिला सीमा के हाथ में थी।
ग्रामीण राजवीर व धर्मवीर ने बताया कि पट्टी की सबसे बड़ी समस्या तालाबों का गन्दा पानी निकालने की है। बिना बरसात के भी ये तालाब ओवरफलो रहते हैं।
बस स्टैंड के पास राम सरोवर तालाब का पानी मोटर के सहारे नीचे पाईप दबा कर ड्रेन में निकाला जाता है, परन्तु जब ड्रेन में पीछे से पानी आता है तो इस पानी कि निकासी बन्द की जाती है, क्योंकि कई आस पास के गांव के पेयजल इस पर निर्भर है।
विज्ञापन
रामफल, ओमप्रकाश ने बताया कि अब आने वाले पंचायती चुनाव में गंदे पानी की निकासी को ही बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। सतवीर व राजीव ने बताया कि इस पट्टी में पेयजल की भी समस्या है।
नहर आने पर ही 15 दिन पेयजल मिलता है। पट्टी में पंचायत के द्वारा पेयजल के लिये समर्सिबल पम्प लगाये है, परन्तु उन पर माैंजिज लोगों का कब्जा है।
पट्टी में सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। ऐसा लगता है कि सफाई कर्मी सफाई करने आते ही नही। पट्टी में लगभग आधी से ज्यादा गलियों का बुरा हाल है। बिजली का सप्लाई लकड़ी के खम्बों के द्वारा होती है। तारे भी बिल्कुल नीचे हैं।
जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि गांव की इस पट्टी में लगभग बारह वर्ष पूर्व कानूनगो व पटवार खाना लाखों की लागत लगाकर खोला गया था, ताकि एक यहां पर कानूनगो व पटवारियों के बैठने से लगभग एक दर्जन गांव के लोगों को फायदा हो, परन्तु उनके न बैठने से ये भवन जर्जर हो चुके है और इनमें जाने के लिये रास्ता भी नही बनाया गया। इस पट्टी के लिये शमशान के लिये जगह की भी गंभीर समस्या है।
काफी काम करवाए:-सीमा
वहीं सरपंच सीमा ने बताया कि गांव में पांच सालों में खूब विकास करवाया गया है। जिसमें चौपालें, गलियां, सफाई, पेयजल सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
इस पट्टी की आबादी लगभग 6 हजार के पास है और 3500 मतदाता हैं। कमान पट्टी में 13 वार्ड है। अब कि बार इस पट्टी की कमान आरक्षित जाति की महिला सीमा के हाथ में थी।
विज्ञापन
ग्रामीण राजवीर व धर्मवीर ने बताया कि पट्टी की सबसे बड़ी समस्या तालाबों का गन्दा पानी निकालने की है। बिना बरसात के भी ये तालाब ओवरफलो रहते हैं।
बस स्टैंड के पास राम सरोवर तालाब का पानी मोटर के सहारे नीचे पाईप दबा कर ड्रेन में निकाला जाता है, परन्तु जब ड्रेन में पीछे से पानी आता है तो इस पानी कि निकासी बन्द की जाती है, क्योंकि कई आस पास के गांव के पेयजल इस पर निर्भर है।
विज्ञापन
रामफल, ओमप्रकाश ने बताया कि अब आने वाले पंचायती चुनाव में गंदे पानी की निकासी को ही बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। सतवीर व राजीव ने बताया कि इस पट्टी में पेयजल की भी समस्या है।
नहर आने पर ही 15 दिन पेयजल मिलता है। पट्टी में पंचायत के द्वारा पेयजल के लिये समर्सिबल पम्प लगाये है, परन्तु उन पर माैंजिज लोगों का कब्जा है।
पट्टी में सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। ऐसा लगता है कि सफाई कर्मी सफाई करने आते ही नही। पट्टी में लगभग आधी से ज्यादा गलियों का बुरा हाल है। बिजली का सप्लाई लकड़ी के खम्बों के द्वारा होती है। तारे भी बिल्कुल नीचे हैं।
जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि गांव की इस पट्टी में लगभग बारह वर्ष पूर्व कानूनगो व पटवार खाना लाखों की लागत लगाकर खोला गया था, ताकि एक यहां पर कानूनगो व पटवारियों के बैठने से लगभग एक दर्जन गांव के लोगों को फायदा हो, परन्तु उनके न बैठने से ये भवन जर्जर हो चुके है और इनमें जाने के लिये रास्ता भी नही बनाया गया। इस पट्टी के लिये शमशान के लिये जगह की भी गंभीर समस्या है।
काफी काम करवाए:-सीमा
वहीं सरपंच सीमा ने बताया कि गांव में पांच सालों में खूब विकास करवाया गया है। जिसमें चौपालें, गलियां, सफाई, पेयजल सहित अन्य कार्य शामिल हैं।