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Kaithal News: सरस्वती ड्रेन में रसायन युक्त पानी की समस्या बना मुद्दा

Thu, 09 May 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 09 May 2024 02:57 AM IST
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Problem of water containing chemicals in Saraswati drain becomes an issue
अमित तनेजा
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सीवन/कैथल। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच अब संसदीय क्षेत्र के मुद्दों पर भी लगातार बात होने लगी है। ऐसे में कुरुक्षेत्र लोकसभा के दो हल्कों से गुजरने वाली सरस्वती नदी ड्रेन में रसायन युक्त दूषित पानी को स्वच्छ करने का भी बड़ा मुद्दा है परंतु अफसोस की बात तो यह भी है कि यह मुद्दा भी चुनाव में नहीं उठाया जाता है।

इस कारण पानी को स्वच्छ करने का काम अभी तक नहीं हो सका है। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र लोकसभा में कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा और कैथल जिले के गुहला-चीका के पोलड़ व सौथा गांव से यह गुजरती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरस्वती नदी ड्रेन में रसायन युक्त दूषित पानी की समस्या का समाधान भी जरूर होना चाहिए। संवाद
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आसपास का वातावरण बदबूदार हो रहा

पोलड़ गांव से गुजर रही सरस्वती नदी ड्रेन में रसायन युक्त दूषित जल बहने से आसपास का वातावरण बदबूदार हो रहा है। खंड सीवन में यह सरस्वती ड्रेन पिहोवा की ओर से आती है और वहां से फैक्टरियों का गंदा रसायन युक्त पानी भी इसी ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। पिछले लंबे समय में यह इस ड्रेन में यह गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। इससे इस सरस्वती नदी का स्वरूप बदल गया और यह मात्र एक गंदे नाले का प्रयास बन कर रह गई है। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार इस पानी को बंद करवाने की मांग प्रशासन व सरकार से की लेकिन नतीजा सिफर रहा। बस कागजी काम चलता रहा। - गाैरव वधवा, सीवन।
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दूषित पानी के कारण

हो रहे चर्म रोग

ड्रेन में आ रहे दूषित पानी के कारण पोलड़ गांव में चर्म रोग हो रहे हैं। बदबू इतनी रहती है वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। इस ड्रेन में पिहोवा, शाहबाद में लगी फैक्ट्रियों का रसायन युक्त पानी डाला जा रहा है। पोलड़ गांव में मां सरस्वती


का मंदिर एवं तीर्थ है। घाट पर अलग से होज बना कर उसमें नलकूप का साफ पानी डाला गया है, ताकि श्रद्धालु जन उसमें नहा सके। पुराने समय में जब इस ड्रेन सरस्वती

का पानी साफ चलता था पोलड़ में साल में दो बार बड़े भारी मेले लगते थे। जो इतिहास की बातें बन कर रह गई हैं। लोगों को मांग सफाई है। -महावीर सिंगला, सीवन।
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