फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   privet schools, protest, today, teachers, kaithal

आज 350 स्कूलों के 3000 से अधिक अध्यापक-अध्यापिकाएं देंगे धरना, डीसी को सौंपेंगे ज्ञापन

Sun, 26 Mar 2017 11:56 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
ब्यूरो कैथ्ाल Updated Sun, 26 Mar 2017 11:56 PM IST
विज्ञापन
privet schools, protest, today, teachers, kaithal
जानकारी देते स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले भर के 350 से अधिक निजी स्कूल संचालकों और इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे करीब 3000 से अधिक अध्यापक-अध्यापिकाएं विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को महाराजा सूरजमल स्टेडियम में एकत्रित होंगे और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे। निजी स्कूलों में 134ए के तहत दाखिले देने को लेकर सरकार द्वारा अपनाई जा रही नीति के कारण स्कूल संचालक परेशान हैं। वहीं ट्रांसपोर्टेशन नीति के कारण भी अध्यापकों में रोष है।
विज्ञापन


कैथल से होगा आंदोलन का आगाज
सरकार ने प्रदेश भर के निजी स्कूल संचालकों को 134ए के तहत पात्र बच्चों को निशुल्क दाखिले के आदेश जारी किए हैं। जिसके तहत इस नियम के तहत आने वाले बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि निजी स्कूल संचालक यदि बच्चों को निशुल्क पढ़ाएंगे तो इसके लिए सरकार उन्हें भुगतान करेगी। लेकिन महज 134ए को लेकर सरकार द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल संचालकों को बच्चों को पढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं दिया जा रहा।
विज्ञापन


बेवजह छापेमारी से भी परेशानी
कई स्कूल संचालकों का कहना है कि बेवजह स्कूलों में खड़ी बसों को लेकर छापेमारी कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। दोपहर को जब बच्चों की छुट्टी का समय होता है और उन्हें उन्हीं बसों के माध्यम से घर जाना होता है। लेकिन एक टीम के अधिकारी बसों के चालान काट कर बसों को जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी कार्यालय में ले जाते हैं। बच्चों को भटकते हुए घर पहुंचना पड़ता है। यह कैसा बाल संरक्षण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बसों की पासिंग के नाम पर किया जा रहा है परेशान
निजी स्कूल संचालकों को कभी बस पासिंग तो कभी अपग्रेडेशन के नाम पर परेशान किया जाता है, जोकि सरासर उनके साथ अन्याय है। स्कूल संचालकों ने कहा कि निजी स्कूल संचालक बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर देश के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में सहयोग दे रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी शिक्षा विरोधी नीतियों से बार-बार निजी स्कूल संचालकों को परेशान करने का काम कर रही है, जिसके लिए प्रदेश भर के निजी स्कूलों को एकमत होने की जरूरत है।

कहां से लाएं महिला कंडक्टर
स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान बलिंद्र संधू ने कहा कि बसों में महिला कंडक्टर कहां से लाएं। अभी यहां ऐसा माहौल नहीं हैं कि महिलाएं बसों में बतौर कंडक्टर काम करने को राजी हों। यह संभव नहीं हैं। स्कूल संचालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। कुछेक महिलाएं ही ड्यूटी करने को तैयार होती हैं।

प्रदर्शन की तैयारियों के लिए बैठक की
प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान बलिंद्र संधू, उपप्रधान जगजीत माजरा ने स्कूल संचालकों के साथ बैठक की और उन्हें इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर पहुंचने का आह्वान किया। बलिंद्र संधू ने कहा कि 134ए के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है। जिसके विरोध में 350 से अधिक निजी स्कूलों के अध्यापक-अध्यापिकाएं स्कूल छोड़कर महाराजा सूरजमल स्टेडियम में पहुंचेंगी। जहां से दो घंटे के धरने के बाद डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान स्कूल लगभग खाली रहेंगे। जगजीत माजरा ने बताया कि सोमवार को प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में निजी स्कूल संचालक इकट्ठे होकर सरकार की इन शिक्षा नीतियों का विरोध जताएंगे। इस अवसर पर वरुण जैन, विकास धीमान, महीपाल कौशिक, प्रदीप कसान एवं अन्य निजी स्कूल संचालक मौजूद थे।

निजी स्कूल ड्रेस और किताबें खरीदने के लिए न करें मजबूर, होगी कार्रवाई : एसडीएम

एसडीएम मनदीप कौर ने निजी स्कूल संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए उन्हें स्कूल से ही किताबें व अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य न करें। इस संदर्भ में अभिभावकों द्वारा लिखित शिकायतें जिला प्रशासन के पास पहुंच रही है और इसे प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।  ऐसे स्कूल संचालक जो अपनी जेबें भरने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाते हैं और उन्हें स्कूलों से ही मनमानी कीमतों पर किताबें व स्कूल ड्रेस खरीदने को मजबूर करते हैं, उन्हें इस काम को यहीं रोक देना होगा अन्यथा उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने अभिभावकों का भी आह्वान किया कि वे इस तरह की स्थिति में बेखौफ होकर अपनी शिकायत उनके कार्यालय में पहुंचाएं अथवा उनके लैंडलाइन नंबर 01746-234220 पर उनसे संपर्क भी कर सकते हैं। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी और मजबूर करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed