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Kaithal News: निजी स्कूलों ने उड़ाई निर्देश की धज्जियां
Thu, 09 Nov 2023 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन के निर्देशों का प्राथमिक निजी स्कूलों पर कोई असर नहीं हुआ। प्रदूषण के प्रभाव के चलते जिला प्रशासन ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के स्कूल बंद करने के निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के बाद भी अधिकांश निजी स्कूल खुले रहे। जिला प्रशासन के निर्देशों की निजी स्कूल संचालकों ने धज्जियां उड़ाई। शहर में एकाध स्कूल को छोड़कर शेष सभी स्कूल खुले हुए थे और कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चे भी स्कूलों में आए हुए थे।
विदित रहे कि बीते 15 दिनों से आबो-हवा खराब चल रही है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 375 दर्ज किया। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब है। बच्चों व बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ता है। जिसके चलते मंगलवार को डीसी ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के जिले के स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की गई थी, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के आदेशों को पालन न करके सभी कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चों को स्कूल में बुलाया गया था।
ऐसे में यदि कोई बच्चा बीमार हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि उनके पास किसी भी स्कूल में पांचवीं तक के बच्चों की सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।उधर फसल अवशेष प्रबंधन के संयोजक एवं सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने कहा कि बीते तीन दिनों से मामले कम हो रहे हैं। अब तक 352 ही मामले आए हैं। बुधवार को कोई भी मामला फसल अवशेष जलाने का कोई मामला नहीं आया है।
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कैथल। जिला प्रशासन के निर्देशों का प्राथमिक निजी स्कूलों पर कोई असर नहीं हुआ। प्रदूषण के प्रभाव के चलते जिला प्रशासन ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के स्कूल बंद करने के निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के बाद भी अधिकांश निजी स्कूल खुले रहे। जिला प्रशासन के निर्देशों की निजी स्कूल संचालकों ने धज्जियां उड़ाई। शहर में एकाध स्कूल को छोड़कर शेष सभी स्कूल खुले हुए थे और कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चे भी स्कूलों में आए हुए थे।
विदित रहे कि बीते 15 दिनों से आबो-हवा खराब चल रही है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 375 दर्ज किया। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब है। बच्चों व बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ता है। जिसके चलते मंगलवार को डीसी ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के जिले के स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की गई थी, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने डीसी के आदेशों को पालन न करके सभी कक्षा पहली से पांचवीं के बच्चों को स्कूल में बुलाया गया था।
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ऐसे में यदि कोई बच्चा बीमार हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि उनके पास किसी भी स्कूल में पांचवीं तक के बच्चों की सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।उधर फसल अवशेष प्रबंधन के संयोजक एवं सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने कहा कि बीते तीन दिनों से मामले कम हो रहे हैं। अब तक 352 ही मामले आए हैं। बुधवार को कोई भी मामला फसल अवशेष जलाने का कोई मामला नहीं आया है।
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