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रामलीला मंचन की तैयारी पूरी, आज बांधा जाएगा रक्षा सूत्र
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Preparations for staging Ramlila complete, defense thread will be tied today
- फोटो : Kaithal
शहर में रामलीला के मंचन में भाग ले रहे कलाकार वर्षों से एक अनोखी परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं। कलाकार दस दिनों तक रामलीला मंचन के लिए अपने निजी कार्य को छोड़कर इस कार्य में लीन रहते हैं। इस कार्यक्रम के लिए एक रक्षा सूत्र भी बांधा जाता है। जो दशहरे के दिन खोला जाता है।
पिछली बार कोरोना महामारी के चलते रामलीला नहीं हो पाई। लेकिन इस बार ड्रामाटिक क्लब के सदस्यों ने प्रशासन से रामलीला मंचन के लिए अनुमति मांगी है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू की गई। वीरवार 07 अक्तूबर से रामलीला मंचन आरंभ होगा। इसमें पहले दिन श्रवण कुमार ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा।
श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्री गणेश ड्रामीटिक क्लब के निर्देशक धर्मवीर असीजा ने बताया कि उनके क्लब की यह विशेष परंपरा रही है कि वे रामलीला को शुरू करने से कुछ घंटों पहले एक हवन का आयोजन करते हैं, जिसमें क्लब के सभी सदस्य आहुति डालते हैं। उन्होंने बताया कि हवन के दौरान वह भगवान हनुमान के मंदिर में जाकर रक्षा सूत्र बांधकर दस दिनों तक अपने घर को त्यागने का प्रण लेते हैं। ऐसा करने के पीछे उनकी आस्था है, ताकि उनकी ओर से लगातार दस दिनों तक की जाने वाली रामलीला में शुद्धता से अपना कार्य कर सकें। ऐसे में कलाकार रामलीला में अपने रोल को बखूबी निभा सकते हैं। इसके साथ राम से जुड़े चरित्रों का असर उनकी वास्तविक जिंदगी में पड़ता है। असीजा ने बताया कि रामलीला के अंतिम दिन राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य रोल करने वाले कलाकार मंदिर में जाकर यह रक्षा सूत्र खोलते हैं। उन्होंने बताया कि दशहरे के दिन राजा राम के तिलक के बाद रामायण को भगवान श्री राम चंद्र के चित्र के आगे समर्पित कर देते हैं।
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धर्मवीर असीजा ने बताया कि श्री गणेश ड्रामीटिक क्लब की ओर से वीरवार से रामलीला का मंचन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन के पहले दिन श्रवण कुमार का ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा। इसको लेकर क्लब की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रशासन के निर्देशानुसार कोविड-19 के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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पिछली बार कोरोना महामारी के चलते रामलीला नहीं हो पाई। लेकिन इस बार ड्रामाटिक क्लब के सदस्यों ने प्रशासन से रामलीला मंचन के लिए अनुमति मांगी है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू की गई। वीरवार 07 अक्तूबर से रामलीला मंचन आरंभ होगा। इसमें पहले दिन श्रवण कुमार ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा।
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श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्री गणेश ड्रामीटिक क्लब के निर्देशक धर्मवीर असीजा ने बताया कि उनके क्लब की यह विशेष परंपरा रही है कि वे रामलीला को शुरू करने से कुछ घंटों पहले एक हवन का आयोजन करते हैं, जिसमें क्लब के सभी सदस्य आहुति डालते हैं। उन्होंने बताया कि हवन के दौरान वह भगवान हनुमान के मंदिर में जाकर रक्षा सूत्र बांधकर दस दिनों तक अपने घर को त्यागने का प्रण लेते हैं। ऐसा करने के पीछे उनकी आस्था है, ताकि उनकी ओर से लगातार दस दिनों तक की जाने वाली रामलीला में शुद्धता से अपना कार्य कर सकें। ऐसे में कलाकार रामलीला में अपने रोल को बखूबी निभा सकते हैं। इसके साथ राम से जुड़े चरित्रों का असर उनकी वास्तविक जिंदगी में पड़ता है। असीजा ने बताया कि रामलीला के अंतिम दिन राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य रोल करने वाले कलाकार मंदिर में जाकर यह रक्षा सूत्र खोलते हैं। उन्होंने बताया कि दशहरे के दिन राजा राम के तिलक के बाद रामायण को भगवान श्री राम चंद्र के चित्र के आगे समर्पित कर देते हैं।
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धर्मवीर असीजा ने बताया कि श्री गणेश ड्रामीटिक क्लब की ओर से वीरवार से रामलीला का मंचन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन के पहले दिन श्रवण कुमार का ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा। इसको लेकर क्लब की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रशासन के निर्देशानुसार कोविड-19 के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।