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Kaithal News: बाढ़ बचाव प्रबंधन पर अभी से तैयारी
Thu, 01 Jan 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 01 Jan 2026 01:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मानसून से पहले बाढ़ बचाव और प्रबंधन के मुद्दे पर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में डीसी अपराजिता ने सिंचाई एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन के लिए सभी अधिकारी तैयारियों में जुट जाएं। डीसी ने कहा कि प्रबंधों में कई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक में सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे।
डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पंप सेटों की तुरंत इन्वेंट्री तैयार की जाए। जिन पंपों की स्थिति खराब है, उनकी समय रहते मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव के समय कोई तकनीकी बाधा न आए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। विशेष रूप से नदियों पर बनाए जाने वाले स्टड या दीवार मजबूत और मानक के अनुरूप हों। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपायुक्त ने एडवांस प्लानिंग के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में मिट्टी और बजरी के कट्टे पहले से ही तैयार रखे जाएं। बैठक में सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, दिग्विजय शर्मा, निशांत बत्तान, डीआईओ दीपक खुराना, एआईपीआरओ अमित कौशिक समेत अन्य उपस्थित रहे।
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सरस्वती नदी में प्रदूषण पर कड़ा संज्ञान
बैठक में पोलड गांव के पास सरस्वती नदी में गंदा पानी छोड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी अपराजिता ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और संबंधित व्यक्तियों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश और आगामी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी प्रोजेक्ट्स समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अटल भूजल योजना के तहत एसटीपी से निकलने वाले पानी का कृषि कार्य में उपयोग सुनिश्चित करने का प्लान तैयार करें, ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
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कैथल। मानसून से पहले बाढ़ बचाव और प्रबंधन के मुद्दे पर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में डीसी अपराजिता ने सिंचाई एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन के लिए सभी अधिकारी तैयारियों में जुट जाएं। डीसी ने कहा कि प्रबंधों में कई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक में सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे।
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डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पंप सेटों की तुरंत इन्वेंट्री तैयार की जाए। जिन पंपों की स्थिति खराब है, उनकी समय रहते मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव के समय कोई तकनीकी बाधा न आए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। विशेष रूप से नदियों पर बनाए जाने वाले स्टड या दीवार मजबूत और मानक के अनुरूप हों। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपायुक्त ने एडवांस प्लानिंग के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में मिट्टी और बजरी के कट्टे पहले से ही तैयार रखे जाएं। बैठक में सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, दिग्विजय शर्मा, निशांत बत्तान, डीआईओ दीपक खुराना, एआईपीआरओ अमित कौशिक समेत अन्य उपस्थित रहे।
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सरस्वती नदी में प्रदूषण पर कड़ा संज्ञान
बैठक में पोलड गांव के पास सरस्वती नदी में गंदा पानी छोड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी अपराजिता ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और संबंधित व्यक्तियों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश और आगामी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी प्रोजेक्ट्स समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अटल भूजल योजना के तहत एसटीपी से निकलने वाले पानी का कृषि कार्य में उपयोग सुनिश्चित करने का प्लान तैयार करें, ताकि किसानों को लाभ मिल सके।