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सरकारी बस का पास प्राइवेट बस में नहीं मानने पर विद्यार्थियों ने जताया रोष
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pradarsan
- फोटो : Kaithal
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प्राइवेट बसों में सरकारी बस पास की मान्यता को लेकर विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट बसों में सरकारी बस पास को मान्यता नहीं मिल रही। जिस कारण विद्यार्थियों विशेष रुप से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट बस चालकों का कहना है कि प्राइवेट बसों के लिए अलग से बस पास बनवाना होगा। जबकि विद्यार्थियों का कहना है कि यदि उन्हें एक ही रुट पर सरकारी व प्राइवेट बस पास बनवाने पड़ गए तो यह टिकट से भी महंगा जाएगा तो पास का फायदा ही क्या है? इसी मामले को लेकर मंगलवार को गांव कसान के बस अड्डे पर विद्यार्थियों ने रोष प्रकट किया। जहां पुलिस चौकी प्रभारी ने पहुंच कर विद्यार्थियों को शांत करवाया।
विद्यार्थियों प्रवीन, राकेश, रेखा, रीतू, प्रदीप, सुनील व रणदीप ने बताया कि वे रोजाना गांव से कैथल पढऩे के लिए जाते हैं। उन सभी ने सरकारी बस पास बनवाया हुआ है। सरकारी बसों न मिलने के बाद वे प्राइवेट बसों में सवार हो जाते हैं। लेकिन प्राइवेट बस संचालकों द्वारा विद्यार्थियों के साथ मनमानी की जाती है और टिकट लेने पर मजबूर किया जाता है। ऐसा ना करने पर कई बार प्राइवेट बस संचालक उनके साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। मंगलवार को भी जब रोडवेज की बस नहीं मिली तो इसके बाद वे प्राइवेट बस में सवार हो गए। इसके बाद थोड़ा आगे चलकर चालक ने बस रोक दी। प्राइवेट बस परिचालक द्वारा उनसे टिकट के पैसे वसूले गए और बदसलूकी की गई। जिस कारण विद्यार्थियों ने बस से नीचे उतरकर रोष प्रकट किया। विरोध के कारण बस भी मौके पर ही खड़ी रही। विद्यार्थियों ने कहा कि विभाग को सरकारी व प्राइवेट दोनों बसों के लिए न्यूनतम दरों पर बस पास बनाना चाहिए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
एसएफआई के राज्य उपप्रधान मंजीत सिंह ने बताया कि प्राइवेट बसों मेें लड़कों के सरकारी बस पास प्राइवेट बसों में मान्य नहीं करने की पहले भी कई बार समस्याएं सामने आई हैं। मंगलवार सुबह भी गांव कसान में विद्यार्थियों के साथ मनमानी की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्याएं विद्यार्थियों के साथ अक्सर हो रही है। जो कि सरासर गलत है। एसएफआई की ओर से जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जीएम से मिलेगा और समस्या के समाधान की मांग की जाएगी। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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इस संबंध में प्राइवेट बस एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल ढुल ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सरकारी बस पास प्राइवेट बसों में मान्य नहीं है। अगर विद्यार्थियों को प्राइवेट बसों में सफर करना है तो वे प्राइवेट बस का पास बनवाएं। उन्होंने कहा कि गांव कसान में विद्यार्थियों द्वारा प्राइवेट बसें रोकने का मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची है और दोनों पक्षों को किठाना चौकी में बुलाया गया था।
किठाना चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुबह एक प्राइवेट बस में टिकट को लेकर बच्चों का विवाद हो गया था। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गांव की पंचायत व प्राइवेट बस संचालकों को मौके पर बुलाकर समझौता करवाया गया।
दूसरी ओर ट्रैफिक मैनेजर कमलजीत चहल ने बताया कि जाम की सूचना उनके पास नहीं है। रोडवेज की बसों को कहीं पर नहीं रोका गया है। लड़कियों का बस पास सरकारी व प्राइवेट दोनों में मान्य है। लड़कों को प्राइवेट व सरकारी बसों के लिए अलग-अलग पास बनवाना होगा।
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विद्यार्थियों प्रवीन, राकेश, रेखा, रीतू, प्रदीप, सुनील व रणदीप ने बताया कि वे रोजाना गांव से कैथल पढऩे के लिए जाते हैं। उन सभी ने सरकारी बस पास बनवाया हुआ है। सरकारी बसों न मिलने के बाद वे प्राइवेट बसों में सवार हो जाते हैं। लेकिन प्राइवेट बस संचालकों द्वारा विद्यार्थियों के साथ मनमानी की जाती है और टिकट लेने पर मजबूर किया जाता है। ऐसा ना करने पर कई बार प्राइवेट बस संचालक उनके साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। मंगलवार को भी जब रोडवेज की बस नहीं मिली तो इसके बाद वे प्राइवेट बस में सवार हो गए। इसके बाद थोड़ा आगे चलकर चालक ने बस रोक दी। प्राइवेट बस परिचालक द्वारा उनसे टिकट के पैसे वसूले गए और बदसलूकी की गई। जिस कारण विद्यार्थियों ने बस से नीचे उतरकर रोष प्रकट किया। विरोध के कारण बस भी मौके पर ही खड़ी रही। विद्यार्थियों ने कहा कि विभाग को सरकारी व प्राइवेट दोनों बसों के लिए न्यूनतम दरों पर बस पास बनाना चाहिए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
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एसएफआई के राज्य उपप्रधान मंजीत सिंह ने बताया कि प्राइवेट बसों मेें लड़कों के सरकारी बस पास प्राइवेट बसों में मान्य नहीं करने की पहले भी कई बार समस्याएं सामने आई हैं। मंगलवार सुबह भी गांव कसान में विद्यार्थियों के साथ मनमानी की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्याएं विद्यार्थियों के साथ अक्सर हो रही है। जो कि सरासर गलत है। एसएफआई की ओर से जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जीएम से मिलेगा और समस्या के समाधान की मांग की जाएगी। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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इस संबंध में प्राइवेट बस एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल ढुल ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सरकारी बस पास प्राइवेट बसों में मान्य नहीं है। अगर विद्यार्थियों को प्राइवेट बसों में सफर करना है तो वे प्राइवेट बस का पास बनवाएं। उन्होंने कहा कि गांव कसान में विद्यार्थियों द्वारा प्राइवेट बसें रोकने का मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची है और दोनों पक्षों को किठाना चौकी में बुलाया गया था।
किठाना चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुबह एक प्राइवेट बस में टिकट को लेकर बच्चों का विवाद हो गया था। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गांव की पंचायत व प्राइवेट बस संचालकों को मौके पर बुलाकर समझौता करवाया गया।
दूसरी ओर ट्रैफिक मैनेजर कमलजीत चहल ने बताया कि जाम की सूचना उनके पास नहीं है। रोडवेज की बसों को कहीं पर नहीं रोका गया है। लड़कियों का बस पास सरकारी व प्राइवेट दोनों में मान्य है। लड़कों को प्राइवेट व सरकारी बसों के लिए अलग-अलग पास बनवाना होगा।