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Kaithal News: पॉलीथिन और कचरे ने जाम किए शहर के नाले
Wed, 13 May 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 13 May 2026 12:23 AM IST
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ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद
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सोनू थुआ
कैथल। पॉलिथीन और कचरे ने शहर के नाले जाम कर रखे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में नालों की स्थिति बेहद खराब है, जहां कचरा, मिट्टी और मलबे के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। कई स्थानों पर नालों में झाड़ियां और घास-फूस उग आई हैं, जिससे नाले दिखाई तक नहीं देते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं होता। नतीजतन बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव हो जाता है और कई-कई दिनों तक पानी जमा रहने से आम जनजीवन प्रभावित होता है। गंदे पानी और कचरे के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर में करीब 54 छोटे-बड़े नाले हैं, जिनकी सफाई पर हर साल लगभग 20 से 25 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद केवल कागजों में सफाई दिखाती है, जबकि वास्तविक स्थिति खराब बनी रहती है।
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इन क्षेत्रों में हर साल जलभराव की समस्या
भगत सिंह चौक, ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड और बस अड्डा क्षेत्र में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। इसके अलावा कबूतर चौक, माता गेट, प्रताप गेट, मायापुरी कॉलोनी, रेलवे गेट, रेलवे अंडरब्रिज, बलराज नगर, सुभाष नगर और छात्रावास रोड भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी रामेश्वर फौजी, संदीप कुमार, नीरज कुमार, राजेश और रामफल ने बताया कि कई नाले वर्षों से जर्जर हालत में हैं और नए सिरे से निर्माण या मरम्मत नहीं की गई है। इससे हर साल बारिश में समस्या गंभीर हो जाती है।
ग्राउंड रिपोर्ट : कचरा, मलबा और बदबू से भरे नाले
संवाद टीम के मंगलवार को किए गए शहर के विभिन्न इलाकों के निरीक्षण में नालों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। ढांड रोड पर जाट स्कूल की तरफ जाने वाली गली के पास नाला ईंटों और मलबे से पूरी तरह बंद मिला। आईडीबीआई बैंक के पास नाले में पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरा भरा हुआ था। भगत सिंह चौक पर नाले में घास उगी मिली और आसपास कचरा फैला हुआ था।
कमेटी चौक पर गत्ता और पॉलीथिन नाले में फंसे मिले, जबकि शीतला माता मंदिर के पास कांच की बोतलें और दवाइयों के खाली पत्ते पड़े थे, जिससे गंदगी और बदबू फैल रही थी। ॉ
अंबाला रोड, बस अड्डा, आईजी कॉलेज और करनाल रोड क्षेत्र में भी नालों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। पटवार भवन के सामने नाले में करीब एक फुट तक घास उगी मिली, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है।
वर्जन
नगर परिषद के ईओ संदीप सोलंकी ने बताया कि नालों की सफाई का कार्य जारी है और जल्द ही सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी।
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कैथल। पॉलिथीन और कचरे ने शहर के नाले जाम कर रखे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में नालों की स्थिति बेहद खराब है, जहां कचरा, मिट्टी और मलबे के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। कई स्थानों पर नालों में झाड़ियां और घास-फूस उग आई हैं, जिससे नाले दिखाई तक नहीं देते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं होता। नतीजतन बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव हो जाता है और कई-कई दिनों तक पानी जमा रहने से आम जनजीवन प्रभावित होता है। गंदे पानी और कचरे के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
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शहर में करीब 54 छोटे-बड़े नाले हैं, जिनकी सफाई पर हर साल लगभग 20 से 25 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद अधिकांश नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद केवल कागजों में सफाई दिखाती है, जबकि वास्तविक स्थिति खराब बनी रहती है।
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इन क्षेत्रों में हर साल जलभराव की समस्या
भगत सिंह चौक, ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड और बस अड्डा क्षेत्र में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। इसके अलावा कबूतर चौक, माता गेट, प्रताप गेट, मायापुरी कॉलोनी, रेलवे गेट, रेलवे अंडरब्रिज, बलराज नगर, सुभाष नगर और छात्रावास रोड भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी रामेश्वर फौजी, संदीप कुमार, नीरज कुमार, राजेश और रामफल ने बताया कि कई नाले वर्षों से जर्जर हालत में हैं और नए सिरे से निर्माण या मरम्मत नहीं की गई है। इससे हर साल बारिश में समस्या गंभीर हो जाती है।
ग्राउंड रिपोर्ट : कचरा, मलबा और बदबू से भरे नाले
संवाद टीम के मंगलवार को किए गए शहर के विभिन्न इलाकों के निरीक्षण में नालों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। ढांड रोड पर जाट स्कूल की तरफ जाने वाली गली के पास नाला ईंटों और मलबे से पूरी तरह बंद मिला। आईडीबीआई बैंक के पास नाले में पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरा भरा हुआ था। भगत सिंह चौक पर नाले में घास उगी मिली और आसपास कचरा फैला हुआ था।
कमेटी चौक पर गत्ता और पॉलीथिन नाले में फंसे मिले, जबकि शीतला माता मंदिर के पास कांच की बोतलें और दवाइयों के खाली पत्ते पड़े थे, जिससे गंदगी और बदबू फैल रही थी। ॉ
अंबाला रोड, बस अड्डा, आईजी कॉलेज और करनाल रोड क्षेत्र में भी नालों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। पटवार भवन के सामने नाले में करीब एक फुट तक घास उगी मिली, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है।
वर्जन
नगर परिषद के ईओ संदीप सोलंकी ने बताया कि नालों की सफाई का कार्य जारी है और जल्द ही सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी।

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद

ढांड रोड पर बंद पड़ा नाला की फोटो। संवाद