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Kaithal News: दीपावली से पहले ही हवा में घुला जहर

Fri, 17 Oct 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 17 Oct 2025 01:29 AM IST
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Poison in the air before Diwali
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। दिवाली आने में अब केवल तीन दिन बचे हैं, लेकिन शहर में प्रदूषण का स्तर पहले ही सामान्य से अधिक हो गया है। इससे आमजन को सांस लेने में कठिनाई हो रही है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स ः एक्यूआई) परेशान करने वाला स्तर दर्ज कर रहा है। विशेषकर सांस, दमा और खांसी से पीड़ित मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।

मौसम में बदलाव के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक ने दीपावली से पहले ही लोगों को चेता दिया है। लोगों को शाम के समय कामकाज से घर लौटते समय आंखों में जलन महसूस होने लगी है। वीरवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 202 दर्ज किया गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह 237 दर्ज का गया था।
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जिला अस्पताल में भी ऐसे मरीज सामान्य ओपीडी में पहुंचे, जिन्हें चिकित्सकों ने उपचार के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहर में सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। सुप्रीम कोर्ट और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पराली जलाने और दिवाली के आसपास पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाती है।
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मौसम बदलने के साथ ही शहर में धूल और प्रदूषण कणों की मात्रा बढ़ गई है। वीरवार शाम को पिहोवा चौक पर धुंध जैसी स्थिति दिखाई दी। कुछ किसानों द्वारा पराली में आग लगाने की वजह से भी हालात और खराब होने की आशंका है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिवाली के दो-तीन दिन तक जमकर आतिशबाजी के कारण कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ सकता है, जिससे एक्यूआई 250 तक पहुँच सकता है, जो बेहद हानिकारक है। शहर में वायु प्रदूषण दिवाली के आसपास और अगले 15-20 दिनों तक उच्च स्तर पर बना रह सकता है।

दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन और फसल अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ता है। किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें। उन्होंने लोगों से कहा है कि कचरे के ढेर में आग न लगाएं। वृक्षों पर पानी का छिड़काव करें। भवन निर्माण सामग्री को ढककर रखें। कहीं आग लगी दिखे तो उस पर पानी डाल दें।



ये बरतें सावधानी

धूल, मिट्टी से आंखों का बचाव करें। धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी की दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज लें। खेतों या अनाज मंडी जा रहे हैं तो चश्मा लगाएं, वापस आने पर आंखों को पानी से धोएं।
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