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Kaithal News: खेतों व गलियों में खेलने के लिए मजबूर खिलाड़ी
Mon, 22 Apr 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 22 Apr 2024 04:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। सरकार एक ओर जहां प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व खिलाड़ियों को हर सुविधा मुहैया करवाने के दावे करती है वहीं राजौंद क्षेत्र के अधिकांश गांवों में खेल का आधार एक अदद मैदान तक नहीं है। इस कारण खिलाड़ियों को खाली खेतों व गलियों में खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र में अधिकतर गांवों में खेल मैदान के अभाव के चलते खिलाडिय़ों को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। खिलाड़ी दीपक, विशाल कृष्ण, रामदिया, मोनू, बीरू, बिल्ला, रामफल खिलाड़ियों ने बताया कि खेलने के लिए खेल मैदान न होने के कारण युवाओं को खेलों से वंचित रहना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि वह खेल मैदान के अभाव में वह न तो खेल प्रतियोगिता का आयोजन करवा सकते हैं तथा न ही वह अभ्यास कर सकते हैं। इन खिलाडिय़ों ने बताया कि खेतों में बनाए गए अस्थायी मैदानों में भी उन्हें कुछ दिन खेलना ही नसीब हो पाता है।
दरअसल, खाली खेतों में कुछ दिन बाद बिजाई कर दी जाती है, जिससे उनसे वह मैदान भी छिन जाते हैं। इसके बाद खिलाडिय़ों को गांव की सड़कों व गलियों में खेलना पड़ता है। इन खिलाडिय़ों ने यह भी बताया कि खेल के मैदान के अभाव में खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर नहीं मिलता, जिससे कई प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं।
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खिलाड़ियों ने कहा कि नगर में एक अच्छा खेल स्टेडियम बनाकर उसमें एक कोच की नियुक्ति की जाए तो उससे कई होनहार खिलाड़ी प्रदेश व देश व विदेश तक अपनी बहादुरी के परचम लहरा सकते हैं।
इन खिलाड़ियों ने मांग की कि इलाके में एक खेल स्टेडियम अवश्य बनाया जाए ताकि होनहार खिलाड़ी अपने अंदर छुपी प्रतिभा को निखार सके।
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राजौंद। सरकार एक ओर जहां प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए व खिलाड़ियों को हर सुविधा मुहैया करवाने के दावे करती है वहीं राजौंद क्षेत्र के अधिकांश गांवों में खेल का आधार एक अदद मैदान तक नहीं है। इस कारण खिलाड़ियों को खाली खेतों व गलियों में खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र में अधिकतर गांवों में खेल मैदान के अभाव के चलते खिलाडिय़ों को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। खिलाड़ी दीपक, विशाल कृष्ण, रामदिया, मोनू, बीरू, बिल्ला, रामफल खिलाड़ियों ने बताया कि खेलने के लिए खेल मैदान न होने के कारण युवाओं को खेलों से वंचित रहना पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि वह खेल मैदान के अभाव में वह न तो खेल प्रतियोगिता का आयोजन करवा सकते हैं तथा न ही वह अभ्यास कर सकते हैं। इन खिलाडिय़ों ने बताया कि खेतों में बनाए गए अस्थायी मैदानों में भी उन्हें कुछ दिन खेलना ही नसीब हो पाता है।
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दरअसल, खाली खेतों में कुछ दिन बाद बिजाई कर दी जाती है, जिससे उनसे वह मैदान भी छिन जाते हैं। इसके बाद खिलाडिय़ों को गांव की सड़कों व गलियों में खेलना पड़ता है। इन खिलाडिय़ों ने यह भी बताया कि खेल के मैदान के अभाव में खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर नहीं मिलता, जिससे कई प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं।
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खिलाड़ियों ने कहा कि नगर में एक अच्छा खेल स्टेडियम बनाकर उसमें एक कोच की नियुक्ति की जाए तो उससे कई होनहार खिलाड़ी प्रदेश व देश व विदेश तक अपनी बहादुरी के परचम लहरा सकते हैं।
इन खिलाड़ियों ने मांग की कि इलाके में एक खेल स्टेडियम अवश्य बनाया जाए ताकि होनहार खिलाड़ी अपने अंदर छुपी प्रतिभा को निखार सके।