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होटल के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेनी होगी अनुमति
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कैथल। शहर में होटल शुरू करने के लिए अब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनुमति लेनी होगी। शहर में करीब 15 बड़े होटल हैं लेकिन किसी भी होटल संचालक ने ऐसा नहीं किया है। पहले चरण में तीन होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का जवाब न देने पर होटल को सील करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
गौरतलब है कि होटल संचालकों को रोजाना निकलने वाले किचन वेस्ट का निस्तारण करना होता है, लेकिन संचालक इस वेस्ट को सीवरेज में डाल देते हैं। सीवरेज का पानी शहर में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। किचन वेस्ट में तेल की मात्रा होती है, जिस कारण पानी को ट्रीट करने में परेशानी होती है। इसके सुधार के लिए प्रदूषण बोर्ड की ओर से पहली बार इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास हुडा ने बताया कि नियमों के अनुसार होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर के तीन होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब न देने वाले संचालकों के खिलाफ होटल सील करने को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
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होटल में लगानी होगी मशीन
अब होटल संचालकों को किचन वेस्ट का निस्तारण करने के लिए ऑयल एंड ग्रीज ट्रेप मशीन लगानी होगी। इस मशीन के लगने से किचन वेस्ट का निस्तारण आसानी से किया जा सकेगा। जो होटल संचालक इस मशीन को नहीं लगाएगा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
तीन जोन में बांटे गए हैं होटल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार होटलों को तीन जोन में बांटा हुआ है। रेड जोन, ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन। रेड जोन वाला होटल थ्री स्टार से ऊपर होता है। होटल में 20 बेड से ज्यादा की व्यवस्था होती है। होटल से एक लाख लीटर पानी रोजाना निकलता है। ग्रीन जोन में होटल थ्री स्टार से कम होता है और 20 बेड से कम की व्यवस्था होती है। दस हजार लीटर से एक लाख लीटर तक के बीच में पानी निकलता है। ग्रीन जोन में शून्य से 20 बेड तक होते हैं।
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गौरतलब है कि होटल संचालकों को रोजाना निकलने वाले किचन वेस्ट का निस्तारण करना होता है, लेकिन संचालक इस वेस्ट को सीवरेज में डाल देते हैं। सीवरेज का पानी शहर में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। किचन वेस्ट में तेल की मात्रा होती है, जिस कारण पानी को ट्रीट करने में परेशानी होती है। इसके सुधार के लिए प्रदूषण बोर्ड की ओर से पहली बार इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
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हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास हुडा ने बताया कि नियमों के अनुसार होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर के तीन होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब न देने वाले संचालकों के खिलाफ होटल सील करने को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
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होटल में लगानी होगी मशीन
अब होटल संचालकों को किचन वेस्ट का निस्तारण करने के लिए ऑयल एंड ग्रीज ट्रेप मशीन लगानी होगी। इस मशीन के लगने से किचन वेस्ट का निस्तारण आसानी से किया जा सकेगा। जो होटल संचालक इस मशीन को नहीं लगाएगा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
तीन जोन में बांटे गए हैं होटल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार होटलों को तीन जोन में बांटा हुआ है। रेड जोन, ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन। रेड जोन वाला होटल थ्री स्टार से ऊपर होता है। होटल में 20 बेड से ज्यादा की व्यवस्था होती है। होटल से एक लाख लीटर पानी रोजाना निकलता है। ग्रीन जोन में होटल थ्री स्टार से कम होता है और 20 बेड से कम की व्यवस्था होती है। दस हजार लीटर से एक लाख लीटर तक के बीच में पानी निकलता है। ग्रीन जोन में शून्य से 20 बेड तक होते हैं।