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जिसकी की शिकायत, उसी को भेज दिया जांच करने

Sun, 28 Aug 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Sun, 28 Aug 2016 12:08 AM IST
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people problem, food inspector complaint, food depo, kaithal
बयान दर्ज करते फूड इंस्पेक्टर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गांव दाबा में सरकारी डिपो पर कई महीनों से गरीबों को उनके हिस्से का राशन सही ढंग से नहीं मिल रहा। गांव वालों ने इसकी शिकायत पहले विभाग और फिर सीएम को कर दी। गांव वालों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि गांव का डिपोधारक लोगों का राशन डकार जाता है। वह यह सब फूड इंस्पेक्टर की मिलीभगत से कर रहा है।
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गांव वाले यह देखकर हैरान रह गए कि जिस इंस्पेक्टर की वे शिकायत करके आए थे वही इंस्पेक्टर जांच अधिकारी बनकर शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने गांव पहुंच गया है। हालांकि कुछ लोगों ने इंस्पेक्टर को अपने बयान लिखवाए लेकिन अधिकतर लोग रोष स्वरूप बयान देने से इनकार कर गए। मौके पर पहुंचे मीडिया वालों के कैमरे जब खुले तो इंस्पेक्टर साहब भी अपना कागजों वाला बस्ता समेटकर वापस हो लिए।
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काबिले जिक्र है कि गांव दाबा निवासी सुखपाल सिंह, चमकौर सिंह सहित दर्जनों लोगों ने गांव के डिपोधारक गुरध्यान सिंह के खिलाफ सीएम कार्यालय चंडीगढ़ में एक शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया था गांव में राशन वितरण को लेकर अनियमितताएं की जा रही हैं। लोगों से कोरे कागजों पर अंगूठे लगवाकर रिकार्ड का पेट भर दिया जाता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी सुखबीर सिंह व अन्य अक्सर आते हैं लेकिन वे भी गरीब लोगों की बात सुनने की बजाय डिपोधारक का ही पक्ष पूरते नजर आते हैं।
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गांव वालों ने किया विरोध
फूड इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह जब दाबा पहुंचकर शिकायतकर्ताओं के बयान नोट करने लगे तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शिकायतकर्ताओं की अगुवाई कर रहे चमकौर सिंह ने कहा कि आप लोगों की तो हम शिकायत करके आए हैं और आप ही जांच करने आ गए। यह कहां का सिस्टम है। इस पर फूड इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे नहीं पता कि किसकी शिकायत है। मुझे तो आला अधिकारियों से डिपोधारक की अनियमितताओं की जांच करने के आदेश मिले थे और मैं आ गया।

पहले पता होता तो ना आता
इस मामले में सुखबीर सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि शिकायत में उनका भी नाम है। उन्हें तो दाबा आकर ही मालूम हुआ कि गांव वालों ने उनकी भी शिकायत कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो शिकायतें हुई हैं एक इसी 23 अगस्त को और एक उससे पहले। उन्होंने कहा कि वे पहले वाली शिकायत पर शिकायतकर्ताओं के बयान लेने गए थे।


सोमवार को फिर दर्ज होंगे बयान
फूड इंसपेक्टर ने बताया कि शिकायत में अपना नाम होने की बात पता चलते ही उन्होंने जांच की कार्रवाई वहीं रोक दी और विभाग के एएफएसओ को सूचित कर दिया। अब सोमवार को इस सिलसिले में विभाग के आला अधिकारी नए सिरे से जांच करेंगे व लोगों के बयान कलमबद्ध करेंगे।
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