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Kaithal News: कटौती से परेशान शिमला के लोगों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
Sat, 14 Jun 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। लगातार हो रही बिजली कटौती और बाधित आपूर्ति के कारण कलायत उपमंडल के ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है। शिमला के ग्रामीणों ने बिजली विभाग को दो दिन की अल्टीमेटम देते हुए सुधार की मांग की है।
इस समय गर्मी से जनजीवन बेहाल है। उस पर बिजली आपूर्ति की अनियमितता से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि पानी आने के समय ही बिजली कट जाती है। खासतौर पर रात में लगने वाले कटों से ग्रामीण काफी परेशान हैं। इसी तरह, गांव रामगढ़ और शिमला के लोग भी बिजली आपूर्ति की स्थिति से अत्यंत नाराज हैं।
शिमला में भाकियू अध्यक्ष जिले सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि शिमला में बिजली केवल 9 से 10 घंटे तक आती है और बिजली विभाग जानबूझकर दो-दो घंटे के कट लगा रहा है। रात में बिजली न होने से बच्चों और बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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बैठक में ग्रामीणों ने बिजली विभाग को चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर बिजली कटौती बंद कर आपूर्ति को सुचारु किया जाए, अन्यथा वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देने को मजबूर होंगे। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष जिले सिंह मोर, कृष्ण मोर, छोटा मोर, राजेंद्र सिंह, बलवान मोर, आशीष मोर सहित अन्य ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है।
बिजली निगम के उपमंडल अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि बिजली की मांग अपेक्षाकृत अधिक है। जहां बिजली चोरी नहीं होती, वहां 18 घंटे तक बिजली दी रही है। कलायत नगर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति है। पावर हाउस के ओवरलोड होने या फाल्ट आने पर आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ती है।
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कलायत। लगातार हो रही बिजली कटौती और बाधित आपूर्ति के कारण कलायत उपमंडल के ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है। शिमला के ग्रामीणों ने बिजली विभाग को दो दिन की अल्टीमेटम देते हुए सुधार की मांग की है।
इस समय गर्मी से जनजीवन बेहाल है। उस पर बिजली आपूर्ति की अनियमितता से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि पानी आने के समय ही बिजली कट जाती है। खासतौर पर रात में लगने वाले कटों से ग्रामीण काफी परेशान हैं। इसी तरह, गांव रामगढ़ और शिमला के लोग भी बिजली आपूर्ति की स्थिति से अत्यंत नाराज हैं।
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शिमला में भाकियू अध्यक्ष जिले सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि शिमला में बिजली केवल 9 से 10 घंटे तक आती है और बिजली विभाग जानबूझकर दो-दो घंटे के कट लगा रहा है। रात में बिजली न होने से बच्चों और बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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बैठक में ग्रामीणों ने बिजली विभाग को चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर बिजली कटौती बंद कर आपूर्ति को सुचारु किया जाए, अन्यथा वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देने को मजबूर होंगे। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष जिले सिंह मोर, कृष्ण मोर, छोटा मोर, राजेंद्र सिंह, बलवान मोर, आशीष मोर सहित अन्य ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है।
बिजली निगम के उपमंडल अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि बिजली की मांग अपेक्षाकृत अधिक है। जहां बिजली चोरी नहीं होती, वहां 18 घंटे तक बिजली दी रही है। कलायत नगर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति है। पावर हाउस के ओवरलोड होने या फाल्ट आने पर आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ती है।