{"_id":"65cfe4e211014229c20bca64","slug":"people-faced-problems-due-to-strike-kaithal-news-c-18-1-knl1004-328773-2024-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: हड़ताल से जनता ने झेली परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: हड़ताल से जनता ने झेली परेशानी
Sat, 17 Feb 2024 04:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:12 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी संगठनों सहित अन्य कर्मचारी संगठनों के कर्मियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की। इसके तहत हड़ताल का सबसे अधिक असर रोडवेज विभाग में देखने मिला। इस दौरान रोडवेज की महज 30 प्रतिशत बसों का ही संचालन हो पाया। रोडवेज की बसें महज स्थानीय रूटों पर ही चली। इस कारण यात्रियों को भटकना पड़ा।
इसके साथ ही जिले में किसान संगठनाें ने कलायत, हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर तितरम मोड़ व कुलतारण गांव में खनौरी मार्ग पर गढ़ी पाडला में जाम लगाया। यह जाम सुबह नौ से लेकर शाम चार बजे लगाया। जाम के दौरान किसान संगठनों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
उधर, अधिवक्ताओं ने भी अपना कामकाज बंद रखा। जिला नागरिक अस्पताल में लैब तकनीशियन भी हड़ताल में शामिल रहे। हालांकि बाजार में भारत बंद का अधिक असर देखने को नहीं मिला। सब्जी मंडी में भी सामान्य दिनों की तरह माल की आपूर्ति हुई।
विज्ञापन
सरकारी कार्यालयों में नहीं हो पाए काम ः देशव्यापी हड़ताल का असर सरकारी कार्यालयों में देखने को मिला। इस कारण बिजली निगम के कार्यालय और नगर परिषद व नगर पालिकाओं में पहुंचे लोगों को हड़ताल के कारण दिक्कत हुई। इस दौरान यहां पर अपने विभिन्न कार्याें के लिए पहुंचे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वहीं, जिला नागरिक अस्पताल में भी कुछ कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने के चलते यहां पर मरीजों ने परेशानियां झेली। अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम संख्या में सैंपल लिए गए।
धरने के बावजूद रोडवेज का दावा, चलाई 105 बसें
देशव्यापी हड़ताल के तहत रोडवेजकर्मियों ने बस स्टैंड के मुख्य गेट पर बैठकर ही धरना दिया। हड़ताल के कारण लंबे रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पाया। इसमें दिल्ली, पानीपत और यमुनानगर शामिल है।
जबकि रोडवेज प्रबंधन ने दावा करते हुए बताया कि 105 बसें कैथल डिपो की ओर से स्थानीय रूटों पर चलाई गई हैं। बता दें कि कैथल डिपो में करीब 195 बसें हैं। इसमें से यह बसें ही चल सकीं।
पदाधिकारी बोले, सरकार कर रही है गलत
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के जिला प्रधान महाबीर चहल नरड़ ने बताया कि किसानों को सरकार बेवजह परेशान करी है। किसान तो केवल एमएसपी कानून बनाने की मांग के तहत अपना हक मांग रहा है इसलिए किसान दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करना चाहते है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पंजाब के किसानों को रोक कर बहुत गलत किया गया है। नरड़ ने बताया कि शुक्रवार को चढूनी गुट से जुड़े किसान काफी मात्रा में पिहोवा के थाना टोल पर दिए गए धरने में शामिल हुए। अब शहर में शनिवार को ट्रैक्टर मार्च निकालकर किसानों की शक्ति का एहसास सरकार को करवाया जाएगा।
परेशानी, यात्रियों की जुबानी
यात्री अजय कुमार तितरम ने बताया कि उसे एक परीक्षा देने के लिए चंडीगढ़ जाना था। देशव्यापी हड़ताल के चलते सरकारी बस सेवा बहुत कम संचालित हुई। इसके तहत चंडीगढ़ के लिए बस नहीं मिली। किसान आंदोलन के चलते सैंकड़ों लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सरकार से मांग है कि बातचीत से समाधान कर किसानों से सड़क खाली करवाए।
यात्री सोहन ने बताया कि वह यूपी का निवासी है। उसे सहारनपुर जाना है, लेकिन देशव्यापी हड़ताल के कारण लंबे रूटों की बसों का संचालन बंद रहा। इस कारण काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे का इंतजार करने के बाद कुरुक्षेत्र के लिए बस मिली।
विज्ञापन
कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी संगठनों सहित अन्य कर्मचारी संगठनों के कर्मियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की। इसके तहत हड़ताल का सबसे अधिक असर रोडवेज विभाग में देखने मिला। इस दौरान रोडवेज की महज 30 प्रतिशत बसों का ही संचालन हो पाया। रोडवेज की बसें महज स्थानीय रूटों पर ही चली। इस कारण यात्रियों को भटकना पड़ा।
इसके साथ ही जिले में किसान संगठनाें ने कलायत, हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर तितरम मोड़ व कुलतारण गांव में खनौरी मार्ग पर गढ़ी पाडला में जाम लगाया। यह जाम सुबह नौ से लेकर शाम चार बजे लगाया। जाम के दौरान किसान संगठनों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
उधर, अधिवक्ताओं ने भी अपना कामकाज बंद रखा। जिला नागरिक अस्पताल में लैब तकनीशियन भी हड़ताल में शामिल रहे। हालांकि बाजार में भारत बंद का अधिक असर देखने को नहीं मिला। सब्जी मंडी में भी सामान्य दिनों की तरह माल की आपूर्ति हुई।
विज्ञापन
सरकारी कार्यालयों में नहीं हो पाए काम ः देशव्यापी हड़ताल का असर सरकारी कार्यालयों में देखने को मिला। इस कारण बिजली निगम के कार्यालय और नगर परिषद व नगर पालिकाओं में पहुंचे लोगों को हड़ताल के कारण दिक्कत हुई। इस दौरान यहां पर अपने विभिन्न कार्याें के लिए पहुंचे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
वहीं, जिला नागरिक अस्पताल में भी कुछ कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने के चलते यहां पर मरीजों ने परेशानियां झेली। अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम संख्या में सैंपल लिए गए।
धरने के बावजूद रोडवेज का दावा, चलाई 105 बसें
देशव्यापी हड़ताल के तहत रोडवेजकर्मियों ने बस स्टैंड के मुख्य गेट पर बैठकर ही धरना दिया। हड़ताल के कारण लंबे रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पाया। इसमें दिल्ली, पानीपत और यमुनानगर शामिल है।
जबकि रोडवेज प्रबंधन ने दावा करते हुए बताया कि 105 बसें कैथल डिपो की ओर से स्थानीय रूटों पर चलाई गई हैं। बता दें कि कैथल डिपो में करीब 195 बसें हैं। इसमें से यह बसें ही चल सकीं।
पदाधिकारी बोले, सरकार कर रही है गलत
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के जिला प्रधान महाबीर चहल नरड़ ने बताया कि किसानों को सरकार बेवजह परेशान करी है। किसान तो केवल एमएसपी कानून बनाने की मांग के तहत अपना हक मांग रहा है इसलिए किसान दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करना चाहते है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पंजाब के किसानों को रोक कर बहुत गलत किया गया है। नरड़ ने बताया कि शुक्रवार को चढूनी गुट से जुड़े किसान काफी मात्रा में पिहोवा के थाना टोल पर दिए गए धरने में शामिल हुए। अब शहर में शनिवार को ट्रैक्टर मार्च निकालकर किसानों की शक्ति का एहसास सरकार को करवाया जाएगा।
परेशानी, यात्रियों की जुबानी
यात्री अजय कुमार तितरम ने बताया कि उसे एक परीक्षा देने के लिए चंडीगढ़ जाना था। देशव्यापी हड़ताल के चलते सरकारी बस सेवा बहुत कम संचालित हुई। इसके तहत चंडीगढ़ के लिए बस नहीं मिली। किसान आंदोलन के चलते सैंकड़ों लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सरकार से मांग है कि बातचीत से समाधान कर किसानों से सड़क खाली करवाए।
यात्री सोहन ने बताया कि वह यूपी का निवासी है। उसे सहारनपुर जाना है, लेकिन देशव्यापी हड़ताल के कारण लंबे रूटों की बसों का संचालन बंद रहा। इस कारण काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे का इंतजार करने के बाद कुरुक्षेत्र के लिए बस मिली।