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72 मामले सामने आए, 1 लाख 47 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया
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जिले में पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 11 अक्तूबर तक 139 एएफएल की घटनाएं हुईं, जिस पर कार्रवाई कर जांच की गई तो 72 स्थानों पर फाने जलाने की घटना पाई गई हैं। 60 स्थानों पर फसल अवशेष जले नहीं पाए गए हैं और सात घटना अंडर प्रोसेस है। जिन किसानों के खेतों में आग की घटना पाई गई उन पर कार्रवाई कर 13 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 59 किसानों से 1 लाख 47 हजार 500 रुपये का जुर्माना राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 22 ग्राम पंचायत के सरपंचों को जिनके गांवों में आगजनी की घटना पाई गई हैं, उनको कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 12 नंबरदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डीसी सुजान सिंह ने बताया कि जिले में किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग, ग्राम पंचायतों, व पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा किसानों को गांव दर गांव मुनादी करवाकर फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरसैक द्वारा भेजी जा रही एएफएल यानी एक्टिव फायर लोकेशन पर प्रतिदिन ग्राम स्तर पर गठित निगरानी टीम द्वारा जिसमें कृषि विभाग, पंचायत विभाग व रिवेन्यू विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर जांच कर रहे हैं। यदि कोई किसान धान अवशेष जलाते हुए पाया जाता है तो उस पर 2 एकड़ तक 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 5 हजार रुपये व 5 एकड़ से अधिक पर 15 हजार रुपये प्रति घटना जुर्माना या फिर उसके खिलाफ एफआइआर करवाई जा रही है।
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डीसी सुजान सिंह ने बताया कि जिले में किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग, ग्राम पंचायतों, व पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा किसानों को गांव दर गांव मुनादी करवाकर फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि हरसैक द्वारा भेजी जा रही एएफएल यानी एक्टिव फायर लोकेशन पर प्रतिदिन ग्राम स्तर पर गठित निगरानी टीम द्वारा जिसमें कृषि विभाग, पंचायत विभाग व रिवेन्यू विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर जांच कर रहे हैं। यदि कोई किसान धान अवशेष जलाते हुए पाया जाता है तो उस पर 2 एकड़ तक 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 5 हजार रुपये व 5 एकड़ से अधिक पर 15 हजार रुपये प्रति घटना जुर्माना या फिर उसके खिलाफ एफआइआर करवाई जा रही है।
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