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Kaithal News: काली पट्टी बांधकर पटवारियों ने किया प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/ढांड। द पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों का विरोध मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने न काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अतिरिक्त क्षेत्र के कार्यों को भी बंद रखा। ऐसे में अन्य स्थानों से आए हुए लोगों को निराशा हाथ लगी और उन्हें संबंधित पटवारियों के पास भेज दिया गया। काम करवाने के लिए तमाम लोगों को परेशानियां भी हुईं।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के कथित आरोपों के बाद पटवारियों में लगातार रोष बढ़ रहा है। नाराज पटवारियों ने केवल उन्हीं गांवों के कार्य किए, जो उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अन्य गांवों के अतिरिक्त कार्य करने का पटवारियों ने विरोध कर रखा है।
पटवारियों के प्रदर्शन का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को प्रदेश भर में जिला स्तर पर पटवारियों ने डीसी को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं। मंगलवार से पटवारियों ने अपने सर्कल से बाहर के गांवों का काम काज करना बंद कर दिया है। इससे लोगों के जमीन से संबंधित सभी प्रकार के काम प्रभावित हुए।
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दूसरे दिन भी 100 से अधिक इंतकाल दर्ज नहीं हो पाए और 100 के करीब की विभिन्न प्रकार से दस्तावेज नहीं बन पाए। मंगलवार को उप तहसील ढांड के पटवार सर्कल में लोग अपने कामों को लेकर चक्कर काटते नजर आए। आहूं गांव निवासी राजेश गिरदावरी के लिए पटवारी के पास आया तो पटवारी ने उसे कहा कि आपका गांव उनके पटवार सर्कल से बाहर है। इसलिए वह यह कार्य करने में असमर्थ हूं। इसी प्रकार करनाल निवासी राजेश ने बताया कि उसने आहूं गांव में जमीन ली हुई है। जिसकी गिरदावरी व इंतकाल के लिए आया था लेकिन पटवारी ने सर्कल से बाहर का गांव होने के चलते कार्य करने से मना कर दिया।
जडौला निवासी राजेश लोन से संबंधित कार्य करवाने के लिए आया तो उसे भी पटवार सर्कल से बाहर होने की बात कह कर पटवारी ने काम करने से इंकार कर दिया। मंगलवार को दिनभर लोग अपने कार्यों के लिए पटवारियों के पास आए लेकिन जो गांव पटवार सर्कल से बाहर थे उनके काम नही हो सके। जिससे जनता को परेशान हो रही है।
वहीं, ढांड पटवार एसोसिएशन के प्रधान मुनीष मैहला ने बताया कि ढांड सब तहसील में 25 गांव आते है। जहां 15 पटवारियों के पद स्वीकृत है, लेकिन इस समय केवल नौ पटवारी ही काम कर रहे है। छह पद खाली पड़े है।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार एक पटवार सर्कल में तीन हजार एकड़ का रकबा निर्धारित किया हुआ है। यूनियन के निर्णय अनुसार आगामी आदेशों तक कोई भी पटवारी अपने सर्कल से बाहर किसी भी गांव का अतिरिक्त कार्य नही करेगा। ढांड सब तहसील में आठ गांव ऐसे है जिनका पटवारियों के पास अतिरिक्त कार्यभार था। अब पटवारियों की ओर से अतिरिक्त कार्यभार छोड़ दिया गया है, जिससे आठ गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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कैथल/ढांड। द पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों का विरोध मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने न काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अतिरिक्त क्षेत्र के कार्यों को भी बंद रखा। ऐसे में अन्य स्थानों से आए हुए लोगों को निराशा हाथ लगी और उन्हें संबंधित पटवारियों के पास भेज दिया गया। काम करवाने के लिए तमाम लोगों को परेशानियां भी हुईं।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के कथित आरोपों के बाद पटवारियों में लगातार रोष बढ़ रहा है। नाराज पटवारियों ने केवल उन्हीं गांवों के कार्य किए, जो उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अन्य गांवों के अतिरिक्त कार्य करने का पटवारियों ने विरोध कर रखा है।
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पटवारियों के प्रदर्शन का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को प्रदेश भर में जिला स्तर पर पटवारियों ने डीसी को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं। मंगलवार से पटवारियों ने अपने सर्कल से बाहर के गांवों का काम काज करना बंद कर दिया है। इससे लोगों के जमीन से संबंधित सभी प्रकार के काम प्रभावित हुए।
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दूसरे दिन भी 100 से अधिक इंतकाल दर्ज नहीं हो पाए और 100 के करीब की विभिन्न प्रकार से दस्तावेज नहीं बन पाए। मंगलवार को उप तहसील ढांड के पटवार सर्कल में लोग अपने कामों को लेकर चक्कर काटते नजर आए। आहूं गांव निवासी राजेश गिरदावरी के लिए पटवारी के पास आया तो पटवारी ने उसे कहा कि आपका गांव उनके पटवार सर्कल से बाहर है। इसलिए वह यह कार्य करने में असमर्थ हूं। इसी प्रकार करनाल निवासी राजेश ने बताया कि उसने आहूं गांव में जमीन ली हुई है। जिसकी गिरदावरी व इंतकाल के लिए आया था लेकिन पटवारी ने सर्कल से बाहर का गांव होने के चलते कार्य करने से मना कर दिया।
जडौला निवासी राजेश लोन से संबंधित कार्य करवाने के लिए आया तो उसे भी पटवार सर्कल से बाहर होने की बात कह कर पटवारी ने काम करने से इंकार कर दिया। मंगलवार को दिनभर लोग अपने कार्यों के लिए पटवारियों के पास आए लेकिन जो गांव पटवार सर्कल से बाहर थे उनके काम नही हो सके। जिससे जनता को परेशान हो रही है।
वहीं, ढांड पटवार एसोसिएशन के प्रधान मुनीष मैहला ने बताया कि ढांड सब तहसील में 25 गांव आते है। जहां 15 पटवारियों के पद स्वीकृत है, लेकिन इस समय केवल नौ पटवारी ही काम कर रहे है। छह पद खाली पड़े है।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार एक पटवार सर्कल में तीन हजार एकड़ का रकबा निर्धारित किया हुआ है। यूनियन के निर्णय अनुसार आगामी आदेशों तक कोई भी पटवारी अपने सर्कल से बाहर किसी भी गांव का अतिरिक्त कार्य नही करेगा। ढांड सब तहसील में आठ गांव ऐसे है जिनका पटवारियों के पास अतिरिक्त कार्यभार था। अब पटवारियों की ओर से अतिरिक्त कार्यभार छोड़ दिया गया है, जिससे आठ गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं।