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Kaithal News: बेड़े में बसों की कमी से यात्रियों को परेशानी

Sat, 20 Sep 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 20 Sep 2025 01:10 AM IST
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Passengers face problems due to shortage of buses in the fleet
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले के रोडवेज डिपो में बसों की कमी एक बार फिर यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। कुल 202 बसों में से 15 जर्जर बसें रूट से बाहर हो गई हैं, जिससे अब केवल 187 बसें ही संचालन में हैं। इनमें से लगभग 87 बसें पुरानी तकनीक (बीएस-3 और बीएस-4) की हैं। बसों की संख्या घटने से खासकर लंबी दूरी के रूटों और दैनिक यात्रियों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीण इलाकों में बस सेवाएं पहले ही सीमित हैं, जहां एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर ही बसें उपलब्ध होती हैं। ऐसे में यात्रियों को भीड़भाड़ में खड़े होकर सफर करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। लोकल रूटों पर स्थिति और खराब है, जहां ग्रामीण और शहरी यात्रियों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। पूछताछ केंद्र पर जानकारी के लिए भी यात्रियों की लंबी कतारें लग रही हैं।
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यात्रियों विक्रम, अनु, अमीत और बचन सिंह ने बताया कि डिपो में पहले से ही बसों की कमी थी। यदि नई बसें भेजी जातीं तो थोड़ी राहत मिल सकती थी। पूरे वर्ष भर डिपो बसों की कमी से जूझता रहा है और यात्री लगातार परेशान रहे हैं।
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हालिया बदलाव और नई बसों का इंतजार ः कुछ समय पहले डिपो में 10 नई एसी बसें आई थीं, जिससे थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन पिछले साल नवंबर में बीएस-6 तकनीक वाली बसें रोहतक, जींद और भिवानी डिपो भेज दी गईं, जबकि उनकी जगह जर्जर बसें यहां आ गईं। जानकारी मिली है कि अब इन 15 जर्जर बसों की जगह इस माह के अंत तक नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।


फंड के अभाव में ‘विद्या वाहिनी’ सेवा बंद

छात्राओं के लिए शुरू की गई विद्या वाहिनी बस सेवा भी फंड के अभाव में बंद हो चुकी है। तीन साल पहले कोरोना काल में यह सेवा छात्राओं के लिए निशुल्क शुरू की गई थी। इस सेवा के बंद होने से अब छात्राओं को बस स्टैंड से कॉलेज और आईटीआई तक पैदल जाना पड़ता है या फिर ऑटो पर रोजाना अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। शहर के आरकेएसडी कॉलेज, आईजी कॉलेज, जाट कॉलेज और सरकारी आईटीआई में करीब तीन हजार छात्राएं पढ़ती हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी सरकारी कॉलेज की छात्राओं को हो रही है, जो बस स्टैंड से छह किलोमीटर दूर गांव जगदीशपुरा में स्थित है। आईटीआई भी लगभग चार किलोमीटर दूर है।
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