{"_id":"9385f8397dc2cc1862af02cd3cef8cfd","slug":"panchyat-election-news-hindi-news-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों के विकास को रफ्तार देंगे हाइली क्वालिफाइड चौधरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों के विकास को रफ्तार देंगे हाइली क्वालिफाइड चौधरी
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Mon, 25 Jan 2016 10:56 PM IST
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पंचायत चुनाव में शैक्षिक योग्यता लागू करने का सरकार का फैसला अब तक सफल साबित होता दिखाई दे रहा है। इस फैसले से गांवों की सत्ता ऐसे चौधरियों के हाथों में आ गई है जो युवा तो हैं ही, साथ ही उच्च शिक्षित भी। अब उम्मीद की जा रही है कि गांवों के विकास को रफ्तार और नई दिशा मिलेगी।
सरकार ने सरपंची के लिए आठवीं और दसवीं की योग्यता निर्धारित की थी लेकिन नए चौधरियों में एमए, एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल किए हाइली क्वालिफाइड चौधरी शामिल हैं। ये उच्च शिक्षित चौधरी गांव की चौधर तो करेेंगे ही, साथ ही ग्राम विकास की नई राह भी खोलेंगे। शिक्षित सरपंच देश-विदेश में चलने वाली गरीबों के विकास की योजनाओं से गांव की तस्वीर बदलने को तत्पर दिखाई दे रहे हैं। गांव में यह भी चर्चाएं आम है कि ये चौधरी अब अफसरों के भी पसीने छुड़ाएंगे।
सरकार ने सरपंचों के लिए आठवीं और दसवीं की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की थी जिस कारण अशिक्षित और कम पढ़े-लिखे चौधरी मैदान में नहीं उतर पाए। उनकी जगह मैदान में उतरे उनके पुत्र, पुत्रवधू, बेटियों ने मोर्चा संभाला। इनमें पीएचडी, एमए, बीएड, बीए सहित कई व्यवसायिक डिग्री प्राप्त उम्मीदवार भी मैदान में आ डटे। जिले में 277 गांवों में से 31 गांवों में बीए, एमए सहित व्यवसायिक डिग्री प्राप्त उम्मीदवार सरपंच बने हैं जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं।
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ये हैं जिले में नवनिर्वाचित उच्च शिक्षित सरपंचों की योग्यता
उमेदपुर बलविंद्र सिंह बीए बीएड
प्रेमपुरा मनप्रीत कौर एमएससी
पोलड़ गगनदीप कौर बीकॉम, एमएसी नर्सिंग
मेघा माजरा हरविंद्र कौर बीए बीएड
खरकां मुख्त्यार सिंह बीए
गोहरां रेखा रानी एमए बीएड
घोघ ईश्म सिंह बीए
कुलदीप सिंह अटैला बीए
खरक पांडवा सीता देवी एमए बीएड
कलासर ऋतु देवी बीए बीएड
ब्राह्मणीवाला राजकुमार एमए बीएड
डीग जय सिंह बीए
रसीना जीत कौर एमकॉम, बीएड
गुलियाणा राजेंद्र सिंह बीए, हिंदी स्टेनो
जाखौली दाबलान अनिल कुमार बीए, बीएड, जेबीटी, एचटेट पास
कसान दिलबाग सिंह बीए
सौंगरी सुमन देवी एमए बीएड
हरिगढ़ किंगन निर्मल सिंह बीकॉम, डीपीएड
खरल हरदीप सिंह एमए बीएड
सरकपुर गुरजंट सिंह बीए बीएड
शहीद भगत सिंह परमजीत कौर बीए
बलवंती कलविंद्र ढुल बीटेक
डेरा गदल वीरपाल कौल एमटेक, नर्सिंग
दीवाल जगदीश चंद बीए
गढ़ी पाड़ला बाला देवी बीए, बीएड, जेबीटी
काकौत सत्यवान बीए
खुराना रामफल बीए
सेगा राजेंद्र सिंह पीएचडी, एमए, यूजीसी नेट क्वालिफाइड
शेरगढ़ गुरनाम सिंह एमकॉम
उझाना ज्ञान सिंह बीए
एडवोकेट कर्ण गौड़ ने कहा कि सरपंचों के उच्च शिक्षित होने का फायदा गांव को ही मिलेगा। योजनाओं को समझ कर उन्हें क्रियान्वित करने में ये सरपंच अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही ग्रामीणों की योजनाओं के लिए आवश्यक योग्यताओं के संबंध में कागजात पूरे करने में इन सरपंचों को ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।
शिक्षित सरपंच का चयनित होना अपने आप में एक अच्छी बात है। इससे वे गांव का विकास और अच्छे ढंग से करवा पाएंगे। योजनाओं को जानकार उनका लाभ जल्दी उठा पाएंगे। साथ ही गांवों में लड़ाई-झगड़ों को निपटाने में भी ये सरपंच काफी सहयोग कर सकेेंगे।
एसपी, कृष्ण मुरारी कैथल।
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सरकार ने सरपंची के लिए आठवीं और दसवीं की योग्यता निर्धारित की थी लेकिन नए चौधरियों में एमए, एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल किए हाइली क्वालिफाइड चौधरी शामिल हैं। ये उच्च शिक्षित चौधरी गांव की चौधर तो करेेंगे ही, साथ ही ग्राम विकास की नई राह भी खोलेंगे। शिक्षित सरपंच देश-विदेश में चलने वाली गरीबों के विकास की योजनाओं से गांव की तस्वीर बदलने को तत्पर दिखाई दे रहे हैं। गांव में यह भी चर्चाएं आम है कि ये चौधरी अब अफसरों के भी पसीने छुड़ाएंगे।
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सरकार ने सरपंचों के लिए आठवीं और दसवीं की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की थी जिस कारण अशिक्षित और कम पढ़े-लिखे चौधरी मैदान में नहीं उतर पाए। उनकी जगह मैदान में उतरे उनके पुत्र, पुत्रवधू, बेटियों ने मोर्चा संभाला। इनमें पीएचडी, एमए, बीएड, बीए सहित कई व्यवसायिक डिग्री प्राप्त उम्मीदवार भी मैदान में आ डटे। जिले में 277 गांवों में से 31 गांवों में बीए, एमए सहित व्यवसायिक डिग्री प्राप्त उम्मीदवार सरपंच बने हैं जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं।
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ये हैं जिले में नवनिर्वाचित उच्च शिक्षित सरपंचों की योग्यता
उमेदपुर बलविंद्र सिंह बीए बीएड
प्रेमपुरा मनप्रीत कौर एमएससी
पोलड़ गगनदीप कौर बीकॉम, एमएसी नर्सिंग
मेघा माजरा हरविंद्र कौर बीए बीएड
खरकां मुख्त्यार सिंह बीए
गोहरां रेखा रानी एमए बीएड
घोघ ईश्म सिंह बीए
कुलदीप सिंह अटैला बीए
खरक पांडवा सीता देवी एमए बीएड
कलासर ऋतु देवी बीए बीएड
ब्राह्मणीवाला राजकुमार एमए बीएड
डीग जय सिंह बीए
रसीना जीत कौर एमकॉम, बीएड
गुलियाणा राजेंद्र सिंह बीए, हिंदी स्टेनो
जाखौली दाबलान अनिल कुमार बीए, बीएड, जेबीटी, एचटेट पास
कसान दिलबाग सिंह बीए
सौंगरी सुमन देवी एमए बीएड
हरिगढ़ किंगन निर्मल सिंह बीकॉम, डीपीएड
खरल हरदीप सिंह एमए बीएड
सरकपुर गुरजंट सिंह बीए बीएड
शहीद भगत सिंह परमजीत कौर बीए
बलवंती कलविंद्र ढुल बीटेक
डेरा गदल वीरपाल कौल एमटेक, नर्सिंग
दीवाल जगदीश चंद बीए
गढ़ी पाड़ला बाला देवी बीए, बीएड, जेबीटी
काकौत सत्यवान बीए
खुराना रामफल बीए
सेगा राजेंद्र सिंह पीएचडी, एमए, यूजीसी नेट क्वालिफाइड
शेरगढ़ गुरनाम सिंह एमकॉम
उझाना ज्ञान सिंह बीए
एडवोकेट कर्ण गौड़ ने कहा कि सरपंचों के उच्च शिक्षित होने का फायदा गांव को ही मिलेगा। योजनाओं को समझ कर उन्हें क्रियान्वित करने में ये सरपंच अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही ग्रामीणों की योजनाओं के लिए आवश्यक योग्यताओं के संबंध में कागजात पूरे करने में इन सरपंचों को ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।
शिक्षित सरपंच का चयनित होना अपने आप में एक अच्छी बात है। इससे वे गांव का विकास और अच्छे ढंग से करवा पाएंगे। योजनाओं को जानकार उनका लाभ जल्दी उठा पाएंगे। साथ ही गांवों में लड़ाई-झगड़ों को निपटाने में भी ये सरपंच काफी सहयोग कर सकेेंगे।
एसपी, कृष्ण मुरारी कैथल।