{"_id":"586d3ffd4f1c1b0765158643","slug":"panchayat-training-camp-day-two-panch-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षित पंचायत से आई विकास कार्यों में पारदर्शिता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षित पंचायत से आई विकास कार्यों में पारदर्शिता
ब्यूरो कैथल
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
पंचायत प्रतिनिधियों ने जानी साक्षर भारत मिशन की प्रणाली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साक्षर भारत मिशन के तत्वावधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पंचायत प्रतिनिधियों ने साक्षरता मिशन के तहत जानकारी हासिल की। शिविर के दौरान पंचों व सरंपचों को गांव के अनपढ़ लोगों को शिक्षित करने के बारे में लगाए गए प्रेरकों के माध्यम से उन्हें शिक्षित करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
बुधवार को खंड सीवन व गुहला के पंच प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर प्रशिक्षण शिविर में करीब 125 पंच व सरपंचों ने हिस्सा लिया। शिविर में स्कूली बच्चों द्वारा साक्षरता को लेकर एक लघु नाटिका का मंचन किया गया। जिसमें अनपढ़ता से होने वाली समस्याओं को दर्शाया गया। शिविर में एमटी किताब सिंह, सतबीर व सरोज ने पंचायत प्रतिनिधियों को साक्षर भारत मिशन के साथ सीएम विंडो व आरटीआई की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया। इस मौके पर सिनद सरपंच सतबीर, जखौली सरपंच अनिल, पंच ऊषा, रीटा, सीता, सुधा सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
सरपंचों व पंचों ने बताया कि सरकार द्वारा एक शिक्षित पंचायत को पहली बार गांव के लिए विकास कार्य को करने का मौका मिला है। इससे वह काफी खुश है। दूसरा साक्षरता को लेकर ऐसी जानकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन से शिक्षित पंचायतों को अपने अधिकारों के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।
विज्ञापन
अनपढ़ ग्रामीणों को शिक्षा देने का करूंगी प्रयास
गांव पीडल की सरपंच मनीषा रानी ने बताया कि वह गांव का सरपंच होने के नाते उसका यही प्रयास रहेगा कि वह इस प्रशिक्षण में जो कुछ सीखने को उसे मिलेगा। उससे वह गांव में अनपढ़ लोगों को शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। उसने बताया कि उसके गांव में विकास कार्यों की काफी दरकिनार है। गांव में पानी की निकासी न होना गांव वासियों की गंभीर समस्या है। उसने बताया कि उसके गांव में ग्रांट की घोषणा तो हुई है। लेकिन अभी तक आई नहीं है।
महिलाओं को चौधर से बढ़ेगा उनका सम्मान
गांव कलासर की सरपंच रीतू ने बताया कि उसके गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए वह हर तीन माह में आयोजित होने वाली ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। जिसके लिए वह खुद हर घर जाकर लोगों को आमंत्रित करती है। उसने बताया कि सरकार की यह ग्राम सभा विकास कार्य का एक मार्ग हैं। इस बार जिला में एक तिहाई महिलाओं को पंचायत की चौधर मिली है। यह एक काफी अच्छी बात है। क्योंकि इससे महिलाओं को हकों के लड़ाई को लड़ने में काफी बल मिलेगा।
जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ हमेशा तत्पर
गांव दुब्बल के सरपंच जगराज सिेह ने बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के लिए वह हमेशा तत्पर है। जिसके लिए उन्होंने गांव में एक कमेटी बना रखी है जो ग्रामीणों प्रशिक्षित करती है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त को लेकर भी उन्होंने एक अलग से कमेटी बना रखी है जो गस्त कर ग्रामीणों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करते हैं।
विज्ञापन
बुधवार को खंड सीवन व गुहला के पंच प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर प्रशिक्षण शिविर में करीब 125 पंच व सरपंचों ने हिस्सा लिया। शिविर में स्कूली बच्चों द्वारा साक्षरता को लेकर एक लघु नाटिका का मंचन किया गया। जिसमें अनपढ़ता से होने वाली समस्याओं को दर्शाया गया। शिविर में एमटी किताब सिंह, सतबीर व सरोज ने पंचायत प्रतिनिधियों को साक्षर भारत मिशन के साथ सीएम विंडो व आरटीआई की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया। इस मौके पर सिनद सरपंच सतबीर, जखौली सरपंच अनिल, पंच ऊषा, रीटा, सीता, सुधा सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
विज्ञापन
सरपंचों व पंचों ने बताया कि सरकार द्वारा एक शिक्षित पंचायत को पहली बार गांव के लिए विकास कार्य को करने का मौका मिला है। इससे वह काफी खुश है। दूसरा साक्षरता को लेकर ऐसी जानकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन से शिक्षित पंचायतों को अपने अधिकारों के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।
विज्ञापन
अनपढ़ ग्रामीणों को शिक्षा देने का करूंगी प्रयास
गांव पीडल की सरपंच मनीषा रानी ने बताया कि वह गांव का सरपंच होने के नाते उसका यही प्रयास रहेगा कि वह इस प्रशिक्षण में जो कुछ सीखने को उसे मिलेगा। उससे वह गांव में अनपढ़ लोगों को शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। उसने बताया कि उसके गांव में विकास कार्यों की काफी दरकिनार है। गांव में पानी की निकासी न होना गांव वासियों की गंभीर समस्या है। उसने बताया कि उसके गांव में ग्रांट की घोषणा तो हुई है। लेकिन अभी तक आई नहीं है।
महिलाओं को चौधर से बढ़ेगा उनका सम्मान
गांव कलासर की सरपंच रीतू ने बताया कि उसके गांव की समस्याओं को दूर करने के लिए वह हर तीन माह में आयोजित होने वाली ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करती है। जिसके लिए वह खुद हर घर जाकर लोगों को आमंत्रित करती है। उसने बताया कि सरकार की यह ग्राम सभा विकास कार्य का एक मार्ग हैं। इस बार जिला में एक तिहाई महिलाओं को पंचायत की चौधर मिली है। यह एक काफी अच्छी बात है। क्योंकि इससे महिलाओं को हकों के लड़ाई को लड़ने में काफी बल मिलेगा।
जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ हमेशा तत्पर
गांव दुब्बल के सरपंच जगराज सिेह ने बताया कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के लिए वह हमेशा तत्पर है। जिसके लिए उन्होंने गांव में एक कमेटी बना रखी है जो ग्रामीणों प्रशिक्षित करती है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त को लेकर भी उन्होंने एक अलग से कमेटी बना रखी है जो गस्त कर ग्रामीणों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करते हैं।