फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Oxygen could not reach the portable hospital yet

पोर्टेबल अस्पताल में अब तक नहीं पहुंच सकी ऑक्सीजन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jul 2022 01:39 AM IST
विज्ञापन
Oxygen could not reach the portable hospital yet
04-कैथल। पोर्टेबल अस्पताल में रखे बेड। - फोटो : Kaithal
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से बने पोर्टेबल अस्पताल में अभी तक ऑक्सीजन की सुविधा नहीं पहुंच सकी है। अस्पताल के निर्माण के समय अंडरग्राउंड पाइपलाइन के माध्यम से इसमें ऑक्सीजन सप्लाई देने की योजना बनाई थी लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं किया जा सका है। करीब एक महीने से लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। जिले में एक्टिव केस भी बढ़े हैं। ऐसे में कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बीच किसी भी समय ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ सकती है। इसके समीप स्थित ऑक्सीजन प्लांट से अस्पताल को सप्लाई दी जानी थी, लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय बीतने के बावजूद यह कार्य पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 जून से अब तक कुल 101 कोरोना के संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। इस समय जिले में 47 एक्टिव केस हैं। ऐसे में कोरोना की चौथी लहर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन हालात को देखते हुए विभाग ने कुछ दिन पहले तैयारी भी शुरू की थी, जिसमें पोर्टेबल अस्पताल के वार्डों में सफाई करवाई गई । यहां पर देखरेख के लिए कर्मचारियों की भी ड्यूटियां भी लगाई गई है ताकि समय रहते व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा सके।
विज्ञापन

कोरोना की चौथी लहर आने की आशंका के संबंध में विभाग पोर्टेबल अस्पताल से मरीजों को सुविधाएं देने के दावे तो कर रहा है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यहां सभी संसाधन मुहैया नहीं हो पाए हैं। कोरोना मरीजों को पहले ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ा था और इसकी व्यवस्था पर तैयारी आधी-अधूरी है। इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने बताया कि अंडरग्राउंड पाइपलाइन से ऑक्सीजन की देने की अभी जरूरत नहीं पड़ी है। पोर्टेबल आईसीयू में सिलिंडर के जरिये ऑक्सीजन उपलब्ध है। जल्द ही पाइपलाइन से ऑक्सीजन सप्लाई के संबंध में उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

15 जून के बाद आए कोरोना मामलों की स्थिति-
तिथि मामले सामने आए
16 जून सात केस
17 जून एक केस
18 जून एक केस
19 जून छह केस
20 जून कोई केस नहीं
21 जून पांच केस
22 जून तीन केस
23 जून चार केस
24 जून छह केस
25 जून छह केस
26 जून छह केस
27 जून नौ केस
28 जून एक केस
29 जून 13 केस
30 जून नहीं आया
01 जुलाई 12 केस
02 जुलाई आठ केस
03 जुलाई पांच केस
04 जुलाई एक केस
05 जुलाई पांच केस
06 जुलाई छह केस
07 जुलाई 10 केस
कोरोना से निपटने के लिए ये हैं संसाधन
स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट, 325 सामान्य कोविड बेड हैं। इसमें 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी शामिल है। जबकि 212 ऑक्सीजन बेड, 66 नॉन ऑक्सीजन बेड, 54 आईसीयू, 20 वेंटिलेटर और सात वेंटिलेटर एंबुलेंस हैं।

नहीं चल पाया ऑक्सीजन प्लांट
अस्पताल में बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट भी खराब हो चुका है। यह भी पिछले काफी दिन से बंद पड़ा है। प्लांट से एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन बनती है। इसे ठीक करवाने को संबंधित कंपनी के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। इसके ठीक न होने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलिंडरों से की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed