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खरादिया मोहल्ले में प्लाट की रजिस्टरी रद्द करने के आदेश
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कैथल। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निकट मुख्य बाजार में करोड़ों की जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा दुकान निर्माण करने के मामले में की गई रजिस्टरी को डीसी प्रदीप दहिया ने रद्द कर दिया है।
नरवाना निवासी रामनारायण ने फाग के दिन 18 मार्च को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निकट बाजार में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर दुकान निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, जिसकी भनक लगने पर ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक की अगुवाई में बड़ी संख्या में नगर परिषद के कर्मचारी थाना शहर में पहुंचे। ईओ ने पुलिस को शिकायत देकर निर्माण कार्य रोके जाने की मांग की थी। जबकि रामनारायण का कहना था कि उसे न्यायालय से इस संबंध में स्टे मिला हुआ है। वहीं ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने कहा था कि माननीय कोर्ट ने जिस प्रॉपर्टी आईडी को लेकर फैसला दिया है, वह प्रॉपर्टी आईडी 1956 है। जबकि निर्माण कार्य प्रॉपर्टी आईडी नंबर 356 पर किया जा रहा है। इसी कारण पुलिस को लिखित में शिकायत देकर काम रुकवाने के लिए कहा गया था।
इसी मामले में डीसी कार्यालय ने एसपी कार्यालय को इसी भूमि को लेकर पांच अक्तूबर 2020 को पत्र लिखा था। पुलिस ने डेढ़ साल बाद 19 मार्च को डीसी के पत्र के बाद केस दर्ज किया था, जिसमें बताया गया कि इस मामले में कैथल के जगरूप की शिकायत पर जांच की गई थी। जांच में नरवाना निवासी जगरूप, नरवाना निवासी रामनारायण, खुराना रोड निवासी वैशाखी सहित कई आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया गया था।
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वहीं डीसी ने इस प्लाट की रजिस्टरी के संबंध में जांच के लिए डीएमसी को निर्देश दिए थे। डीसी ने अब इस प्लाट की रजिस्टरी को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं।
डीसी ने कहा कि सरकार की जमीन पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में रजिस्टरी को रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में ओर भी कार्रवाई अभी की जानी है।
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नरवाना निवासी रामनारायण ने फाग के दिन 18 मार्च को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निकट बाजार में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर दुकान निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, जिसकी भनक लगने पर ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक की अगुवाई में बड़ी संख्या में नगर परिषद के कर्मचारी थाना शहर में पहुंचे। ईओ ने पुलिस को शिकायत देकर निर्माण कार्य रोके जाने की मांग की थी। जबकि रामनारायण का कहना था कि उसे न्यायालय से इस संबंध में स्टे मिला हुआ है। वहीं ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने कहा था कि माननीय कोर्ट ने जिस प्रॉपर्टी आईडी को लेकर फैसला दिया है, वह प्रॉपर्टी आईडी 1956 है। जबकि निर्माण कार्य प्रॉपर्टी आईडी नंबर 356 पर किया जा रहा है। इसी कारण पुलिस को लिखित में शिकायत देकर काम रुकवाने के लिए कहा गया था।
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इसी मामले में डीसी कार्यालय ने एसपी कार्यालय को इसी भूमि को लेकर पांच अक्तूबर 2020 को पत्र लिखा था। पुलिस ने डेढ़ साल बाद 19 मार्च को डीसी के पत्र के बाद केस दर्ज किया था, जिसमें बताया गया कि इस मामले में कैथल के जगरूप की शिकायत पर जांच की गई थी। जांच में नरवाना निवासी जगरूप, नरवाना निवासी रामनारायण, खुराना रोड निवासी वैशाखी सहित कई आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया गया था।
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वहीं डीसी ने इस प्लाट की रजिस्टरी के संबंध में जांच के लिए डीएमसी को निर्देश दिए थे। डीसी ने अब इस प्लाट की रजिस्टरी को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं।
डीसी ने कहा कि सरकार की जमीन पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में रजिस्टरी को रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में ओर भी कार्रवाई अभी की जानी है।